Corona cases found in jaipur

07.07.2022
बारिश के बाद भी वायरस के सक्रिय होने से कोरोनावायरस मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। बुधवार को जयपुर में 77 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें सबसे अधिक वैशाली नगर के 12 मरीज हैं। जयपुर में 58 दिन बाद इतने संक्रमित मरीज आए हैं। सबसे ज्यादा वैशाली नगर में 12, मालवीय नगर में 7, जगतपुरा में 5, सोडाला में 6 और मानसरोवर में 9 मरीज मिले हैं। 2 मरीज ऐसे भी पाए गए हैं जिनका नाम पता ही उपलब्ध नहीं है। जुलाई माह के 6 दिन में जांच में अब तक 272 कोरोनावायरस पाए गए हैं। 4 जुलाई को सबसे कम29 केस आए थे

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Dengue cases increases in jaipur

04.07.2022
मानसून की दस्तक के साथ ही मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में मच्छर काटने, दूषित पानी और खाद्य पदार्थों के सेवन से बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक ओपीडी में आ रहे 30 से 40 फीसदी मरीज डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू, स्क्रब टायफस, डायरिया, फूड पॉइजनिंग, चिकनगुनिया, वायरल समेत कई मौसमी बीमारियों से ग्रस्त होकर आ रहे हैं। इनमें पीलिया, तेज बुखार, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, खांसी, निमोनिया, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत समेत कई लक्षण मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि समय से यदि इन बीमारियों की रोकथाम और उपचार न किया जाए तो हालात बिगड़ सकते हैं। चिकित्सा विभाग के आंकड़ों की बात करें तो जिले में अब तक डेंगू के मरीज 300 पार हो गए हैं। इससे ग्रस्त चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। जिले में सर्वाधिक डेंगू के मरीज परकोटे में 37 मिले हैं।

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Doctors accident in jaipur

04.07.2022

जयपुर में देर रात घाटगेट के पास चलती कार सरियों से भरे ट्रैक्टर में जा घुसी। इस दौरान कार में सवार डॉक्टर प्रवीण व्यास के शरीर में जगह जगह सरिए घुस गए। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, डॉक्टर अमित कुमार के हाथ और सिर के पास चोट आई। इनका ट्रोमा सेंटर में उपचार चल रहा है। जानकारी मिलने पर ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस और दुर्घटना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल लेकर गई।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच दोनों डॉक्टर जयपुर में शॉपिंग कर के घर लौट रहे थे। इस दौरान ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे से महज 200 मीटर पहले कार आगे चल रहे सरियों से भरे ट्रैक्टर में जा घुसी। ट्रैक्टर से सरिये करीब 5 से 7फीट बाहर निकल रहे थे। अंधेरा होने के कारण कार चला रहे डॉक्टर प्रवीण व्यास को सरिये दिखे नहीं और कार सरियो में घुस गई।

डब्लूटीपी में शॉपिंग करने आए थे दोनों

पुलिस ने बताया कि जानकारी मिलने पर परिजन जयपुर पहुंच गए हैं। परिजनों ने बताया कि 38 वर्षीय डॉक्टर प्रवीण व्यास और डॉक्टर अमित कुमार जयपुर में दोस्तों के साथ शॉपिंग करने आए थे। दोस्तों को जल्दी थी इस लिए वह पहले निकल गए ये दोनों आराम से रात को दौसा के लिए निकले थे।

मृतक डॉक्टर प्रवीण व्यास की पत्नी भी टीचर हैं और उनके दो बच्चे हैं। प्रवीण जिला अस्पताल में डेंटिस्ट के पद पर स्थापित हैं। वहीं, डॉक्टर अमित कुमार फिजिशियन है।

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Mistake in hospital reports

29.06.2022
जेकेलोन अस्पताल की जांच मशीन में तकनीकी खामी ने खांसी—जुकाम के शिकार बच्चे को ब्लड कैंसर का शिकार बता दिया। रिपोर्ट मिली तो परिजनों के होश उड़ गए। चिकित्सक की सलाह पर दोबारा निजी लैब में जांच करवाई तो पोल खुली। मामला अस्पताल प्रशासन के पास पहुंचा तो इसे जांच मशीन की खामी बताकर पल्ला झाड़ लिया गया।एमआइ रोड निवासी कुलदीप शर्मा ने बताया कि उनका दो वर्षीय पुत्र मानविक को दो दिन से खांसी—बुखार थी। सोमवार को उसे इलाज के लिए जेके लोन अस्पताल लेकर गए। आउटडोर में डॉ.सवाई सिंह ने बच्चे को देखकर कुछ जांचें लिखी। शाम 5 बजे रिपोर्ट लेने के बाद अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सकों को रिपोर्ट दिखाई।
उन्होंने बच्चे में ब्लड कैंसर के लक्षण होने की बात कही और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा। यह सुनकर परिजन घबरा गए। वे बच्चे को विद्याधर नगर चिकित्सक के पास लेकर गए, जिन्होंने आउटडोर के समय जांच लिखी थी। डॉक्टर ने नजदीक स्थित निजी लैब में दोबारा जांच करवाई, जिसकी रिपोर्ट सामान्य आई। इसके बाद परिजन ने राहत की सांस ली।

वही डॉ. अरविंद शुक्ला अधीक्षक, जेकेलोन अस्पताल ने कहा
इस बच्चे की सीबीसी, सिरम कैल्शियम और सीआरपी की जांच हुई थी। जांच मशीन में तकनीकी खराबी होने से रिपोर्ट में कुछ टेस्ट की रेंज बढ़ गई थी। ब्लड कैंसर जैसी कोई बात नहीं थी। इनके अलावा किसी और शिकायत नहीं आई है।
इस बच्चे की सीबीसी, सिरम कैल्शियम और सीआरपी की जांच हुई थी। जांच मशीन में तकनीकी खराबी होने से रिपोर्ट में कुछ टेस्ट की रेंज बढ़ गई थी। ब्लड कैंसर जैसी कोई बात नहीं थी। इनके अलावा किसी और शिकायत नहीं आई है।

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Heart transplant works stops in SMS hospital ,jaipur

28.06.2022
राज्य सरकार ऑर्गन डोनेट को बढ़ावा देने के लिए कई तरीके से प्रयास कर रही है, मगर इसके लिए फंड की कमी पूरी नहीं कर पा रही है। प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में दो साल से फंड की कमी की वजह से हार्ट ट्रांसप्लांट का काम बंद पड़ा है। इसके चलते अस्पताल में प्रदेश के गरीब लोगों के हार्ट ट्रांसप्लांट नहीं हो पा रहे हैं। वहीं अस्पताल में आने वाले ब्रेनडेड लोगों के हार्ट सहित अन्य ऑर्गन निजी अस्पतालों में भेजे जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में हार्ट ट्रांसप्लांट के 25 लाख रुपए तक लग रहे हैं। दूसरी तरफ एसएमएस अस्पताल में करीब 10 लाख रुपए तक का ही खर्च आता है, यह राशि भी सरकार वहन करती है।एसएमएस अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए 24 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन करा रखा है। ये लोग दो साल से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल में आने वाले ब्रेनडेड मरीजों के ऑर्गन और जांच में मैच होने के बाद भी फंड की कमी की वजह से ट्रांसप्लांट नहीं हो पा रहे हैं। मरीजों को मजबूरन निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। दो साल में एसएमएस अस्पताल से पांच लोग ब्रेनडेड हो चुके हैं।

पांच माह में तीन ट्रांसप्लांट, लेकिन पिछले दो साल में एक भी नहीं
एसएमएस अस्पताल में जनवरी 2020 में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ था। इसके बाद इसी साल मार्च और मई में ट्रांसप्लांट हुए, फिर कोरोना आ गया। पहले तो कोरोना की वजह से ट्रांसप्लांट नहीं हुए। अब कोरोना कम हुआ तो अस्पताल प्रशासन फंड नहीं मिलने की वजह बताकर ट्रांसप्लांट नहीं कर रहा है। पहला हार्ट ट्रांसप्लांट 8 साल पहले 6 घंटे में हुआ था।प्रदेश में सबसे पहले हार्ट ट्रांसप्लांट की शुरुआत 8 साल पहले महात्मा गांधी अस्पताल में हुई। अस्पताल में पहला ट्रांसप्लांट 2 अगस्त 2015 में हुआ। इसमें ब्रेनडेड और रिसीवर दोनों एक ही अस्पताल में मौजूद थे। ट्रांसप्लांट अस्पताल के डॉ. चिश्ती और उनकी टीम ने राजू नाम के ब्रेनडेड मरीज का हार्ट सूरजभान में ट्रांसप्लांट किया था। ट्रांसप्लांट में 12 डॉक्टर सहित 24 लोगों की की टीम लगी थी। ऑपरेशन में करीब 6 घंटे लगे थे।

हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद आठ लोग जी रहे हैं नॉर्मल जिंदगी
राजधानी में आठ साल में दो निजी और एक सरकारी अस्पताल को मिलाकर 10 हार्ट ट्रांसप्लांट हुए हैं। इसमें से आठ लोग नॉर्मल जिंदगी जी रहे हैं। दो लोगों की मौत हो चुकी है। दो से एक की मौत कोविड की वजह से हुई है। सबसे अधिक हार्ट ट्रांसप्लांट ईएचसीसी अस्पताल में 6 हुए हैं। एसएमएस अस्पताल में तीन और महात्मा गांधी अस्पताल में एक हुआ है।फंड की कमी की वजह से अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट नहीं अटके हुए हैं। मरीज के ब्लड ग्रुप सहित अन्य जांचें मैच नहीं होने की वजह से ट्रांसप्लांट नहीं हो रहे होंगे, -डॉ. विनय मल्होत्रा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल

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MBBS student died in road accident, Jaipur

27.06.2022
जयपुर रविवार रात गाड़ी और बुलेट की टक्कर हो गई। आग में बाइक सवार दो युवक बुरी तरह से झुलस गए। पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेट की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। घायल दोनों स्टूडेंट्स को SMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह एक की मौत हो गई। घायल साथी का इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर गांधी नगर थाने खड़ा करवाया है।घटना जयपुर के मोतीडूंगरी मंदिर चौराहे की है। पुलिस ने बताया कि हादसे में साहिबरामपुरा चौमूं निवासी विजय चौधरी (22) पुत्र बाबूलाल की मौत हो गई। उसके दोस्त भरतपुर निवासी मृगांक राणा (21) पुत्र विकास राणा का SMS हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। दोनों दोस्त हॉस्टल में रहकर SMS मेडिकल कॉलेज से MBBS सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे।रात करीब 3 बजे दोनों दोस्त बुलेट बाइक से JDA चौराहे से मोतीडूंगरी की ओर आ रहे थे। इसी दौरान मोतीडूंगरी गणेश मंदिर चौराहे पर तख्तेशाही रोड की तरफ से आ रही तेज रफ्तार इनोवा ने बुलेट को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक सहित दोनों स्टूडेंट नीचे रोड पर गिरकर घायल हो गए।

बाइक का फ्यूल टैंक फटने से लगी आग
हादसे के बाद ड्राइवर मौके पर इनोवा कार छोड़कर भाग निकला। देखते ही देखते कुछ ही देर में बाइक का फ्यूल टैंक फटने से आग लग गई। आग से बाइक के पास पड़े दोनों स्टूडेंट झुलस गए। बाइक के साथ ही आग की लपटों ने इनोवा कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। राहगीरों ने पुलिस को सूचित कर तुरंत बाइक सवार दोनों स्टूडेंट को खींचकर आग से दूर किया। आग से झुलसने और टक्कर से दोनों गंभीर चोटिल हो गए थे।पुलिस ने फायर बिग्रेड की दो गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। दोनों घायलों को एम्बुलेंस की मदद से SMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह विजय चौधरी की मौत हो गई। घायल मृगांक का इलाज चल रहा है। जलकर कबाड़ में बदले कार व बाइक को क्रेन की मदद से जब्त कर गांधी नगर थाने में खड़ा करवाया गया।

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Reduce the no. of cancer patients in sms hospital

27.06.2022

भले ही देश में कैंसर तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन आंकड़ाें की मानें तो राजस्थान में कैंसर पिछले सालों की तुलना में आधा रह गया है। वर्ष 2015 में 290 बच्चों में कैंसर था वहीं 2021 में संख्या 137 रह गई। इसके पीछे कोविड बड़ा कारण रहा है, क्योंकि इस दौरान रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुए। इधर, आंकड़ोें के उलट सिर्फ एसएमएस में एक साल में 4400 से अधिक बच्चे कैंसर का इलाज ले चुके हैं।यह कारण है:सरकार: 2015 में 290 बच्चों व 2021 में 137 बच्चों में कैंसर सच : एक साल में ही सिर्फ एसएमएस में 4400 का इलाजआंकड़े कभी झूठ नहीं बोलते।
कोरोनाकाल में रजिस्ट्रेशन कम होने से राजस्थान में कैंसर के मरीजों की संख्या आधी हुई
कितने केस
वर्ष फिमेल बच्चियां मेल बच्चे कुल
2015 97 193 290
2016 101 176 277
2017 105 200 305
2018 67 177 244
2019 107 194 301
2020 59 131 190
2021 42 95 137

वर्ष 2020 और 2021 में कुल 327 बच्चों के इलाज का दावा किया जा रहा है, लेकिन एसएमएस के आंकड़े बताते हैं कि 2021 में ही चार हजार से अधिक बच्चे इलाज ले चुके।

केस 1 सवाईमाधोपुर निवासी आठ साल का रिदम। 8 महीने पहले तबीयत खराब हुई जांच में ब्लड कैंसर निकला। पिता विजय सेन ने दो महीने पहले एसएमएस में भर्ती कराया और इलाज जारी है। उनका कहना है कि करीब ड़ेढ महीने से अस्पताल में ही हैं। एक बहन है जो हर दिन इसका इंतजार करती है। इलाज पर तो खर्च नहीं हो रहा लेकिन पेट भरने, रहने के लिए पैसे तो चाहिए।

केस 2 सवाईमाधोपुर निवासी आठ साल का रिदम। 8 महीने पहले तबीयत खराब हुई जांच में ब्लड कैंसर निकला। पिता विजय सेन ने दो महीने पहले एसएमएस में भर्ती कराया और इलाज जारी है। उनका कहना है कि करीब ड़ेढ महीने से अस्पताल में ही हैं। एक बहन है जो हर दिन इसका इंतजार करती है। इलाज पर तो खर्च नहीं हो रहा लेकिन पेट भरने, रहने के लिए पैसे तो चाहिए। आंकड़े कभी झूठ नहीं बोलते

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CM,rajasthan announced 500-bed ipd tower in jaipur

27.06.2022
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में बनाए जा रहे आईपीडी टावर की तर्ज पर अब सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में भी 500 बेड का आईपीडी टावर बनाने की घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की (IPD tower in Sanganeri Gate women hospital) है. सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 117 करोड़ के कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. चिकित्सालय में एसएमएस अस्पताल की तर्ज पर 500 बेड का आईपीडी टावर बनाया जाएगा. वहीं पीजी डॉक्टर्स के लिए 100 कमरों का नया छात्रावास भी बनेगा।प्रस्ताव के अनुसार, आईपीडी टावर में 50 बेड का आईसीयू, 6 मॉडयूलर ओटी तथा भूमिगत पार्किंग का निर्माण भी किया जाएगा. महिला चिकित्सालय में लगभग 85.57 करोड़ रुपए की लागत से 500 बैड का आईपीडी टावर और 21.43 करोड़ रुपए की लागत से 100 कमरों का नया स्नातकोत्तर छात्रावास का निर्माण (Hostel for PG doctors in women hospital) होगा. साथ ही करीब 10 करोड़ रुपए के चिकित्सकीय उपकरण खरीदे जाएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सांगानेरी गेट चिकित्सालय के विकास के लिए बजट में घोषणा की थी।

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Successful transplanting of liver and kidney in Jaipur

25.06.2022
सालों से जिंदगी और मौत से लड़ रहे जोधपुर निवासी 35 साल के पुखराज को पत्नी व भाभी ने किडनी और लीवर देकर जीवनदान दिया है। भाभी ने लिवर का कुछ हिस्सा दिया और पत्नी ने किडनी दी। दोनों ट्रांसप्लांट में 15 घंटे का समय लगा। डॉक्टरों ने पहले लिवर, फिर किडनी ट्रांसप्लांट कर 20 दिन बाद ही मरीज को छुट्‌टी दे दी। विद्याधर नगर स्थित मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने पहली बार एक ही दिन में लाइव किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट करने का दावा किया है। मरीज लिवर सिरोसिस नामक बीमारी से पीड़ित था, जिसका ट्रांसप्लांट ही उपाय था।अस्पताल निदेशक रंजन ठाकुर ने मीडिया को बताया कि आधुनिक तकनीक से एक साथ लाइव ट्रांसप्लांट हो सका है। डॉ. शैलेन्द्र लालवानी के नेतृत्व में डॉ. ललित, डॉ. संदीप झा, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. शंकरलाल जाट, डॉ. रोहित सुरेका ने लिवर ट्रांसप्लांट किया। किडनी ट्रांसप्लांट में डॉ. जितेन्द्र गोस्वामी के नेतृत्व में डॉ. ज्योति बंसल, डॉ. डीआर धवन, डॉ.श्याम सुन्दर नौवाल का सहयोग रहा।

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Fagi youths organize blood donation camp

25.06.2022
फागी युवाओं ने मिलकर भगत सिंह नाम से कमेटी बनाकर विशाल रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए फागी तहसीलदार कमलेश गौतम को ज्ञापन देकर तहसीलदार से व्यवस्था बनाए रखने की मांग करते हुए सहयोग राशि प्राप्त की। रक्तदान शिविर 26 जून को फागी स्थित केंद्र गैंदीलाल अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित होगा। तहसीलदार कमलेश गौतम ने बताया कि रक्तदान करना महादान है। रक्तदान की एक एक बूंद जिंदगी बचाने में काम आती है। इस दौरान मांदी सचिव कैलाश चौधरी ने कहा कि फागी में रक्तदान शिविर आज जीत के लिए युवाओं को जागरुक करो सराफ जाए किया जा रहा है। इस दौरान काफी गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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