Corona infected found in Patna

09.07.2022
कोरोना जांच अभियान के तहत शुक्रवार को पटना में सर्वाधिक 165 नए कोरोना संक्रमित सहित राज्य में कुल 422 नए संक्रमित मरीजों की पहचान हुई। पिछले 24 घंटे में राज्य में 1 लाख 16 हजार 443 सैम्पल की कोरोना जांच की गई और संक्रमण दर 0.36 फीसदी दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में 254 कोरोना संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। राज्य में संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की दर 98.32 फीसदी दर्ज की गई। इस दौरान किसी भी संक्रमित की मौत नही हुई। राज्य में कोरोना के वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 1741 हो गई।पटना के बाद गया जिला में सर्वाधिक 43 नए संक्रमितों की पहचान की गई। जबकि मुजफ्फरपुर में 24, बांका में 23, वैशाली व भागलपुर में 17-17, जहानाबाद व बेगूसराय में 14-14 , अरवल व खगड़िया में 10-10 नए संक्रमित मिले। वहीं, अररिया में 5, औरंगाबाद में 1, भोजपुर में 5, बक्सर में 1, दरभंगा में 2, पूर्वी चंपारण में 4, जमुई में 3, किशनगंज में 2, लखीसराय में 2, मधेपुरा में 4, मधुबनी में 2, मुंगेर में 6, नालन्दा में 3, नवादा में 2, पूर्णिया में 5, रोहतास में 4, सहरसा में 4, समस्तीपुर में 4, सारण में 7 , शेखपुरा में 2, शिवहर में 2, सीतामढ़ी में 3, सीवान में 1, सुपौल में 4 और दूसरे राज्य से बिहार आये 4 व्यक्तियों को कोरोना संक्रमित पाया गया।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अबतक 8,34,964 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हो चुकी है जबकि इनमें से अबतक 8,20,960 स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य में अबतक 12,262 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है।

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Cheating in the name of getting the job of clerk in Patna

08.07.2022

पटना एम्स में लिपिक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। पटना में ही रहने वाले संतोष कुमार ने इस संबंध में गांधीनगर के थाने में एफआईआर दर्ज कराया है। संतोष ने एग्जीबिशन रोड स्थित प्लेसमेंट एजेंसी ग्रो इंडिया के मालिक अनुराग खरे पर 1.70 लाख रुपए लेकर नौकरी नहीं दिलवाने का आरोप लगाया है। संतोष ने कहा है कि अब तो अनुराग मेरा फोन भी नहीं उठाते हैं। परेशान होकर पुलिस के पास पहुंचा हूं। संतोष गुरुवार को गांधी मैदान थाना पहुंचे और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल सहित अन्य जानकारी पुलिस के साथ साझा की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। एफ आई आर दर्ज कर लिया गया है। इधर अनुराग खरे से जब बात करने की कोशिश की गई तो उनका एक मोबाइल नंबर बंद था। एक अन्य नंबर पर भी उनसे बात नहीं हो सकी। 10 महीने से प्लेसमेंट एजेंसी का चक्कर काट रहा था पीड़ित।

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New patient of corona found in patna

08.07.2022
बिहार में 24 घंटे में 343 नये कोरोना संक्रमित पाये गये. इनमें सबसे अधिक 186 नये संक्रमित पटना जिले में मिले हैं, जिनमें छह डॉक्टर शामिल हैं. राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 1573 हो गयी है।वहीं, पटना में संक्रमण दर अब 3.12% हो गयी है. छह माह बाद जिले में इतने मामले सामने आये हैं। इससे पहले पांच जुलाई को जिले में 182 नये मरीज मिले थे, जबकि 28 जनवरी को 221 मरीज पॉजिटिव पाये गये थे।

पटना जिले में सक्रिय मरीज 904
अब पटना जिले में सक्रिय मरीज 904 हो गये हैं। गुरुवार को नौ मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें पीएमसीएच व पटना एम्स में तीन-तीन व एनएमसीएच व एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किये गये हैं. गोला रोड क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोग पॉजिटिव आये हैं, जिनमें एक पुरुष, एक बच्ची और एक महिला हैं. पीएमसीएच, एनएमसीएच, एम्स, आइजीआइएमएस और दो प्राइवेट अस्पताल में 23 मरीज भर्ती हैं।

राज्य में मिले 343 नये कोरोना संक्रमित
भागलपुर में 25, खगड़िया में 16, पूर्णिया में 15, सारण में 10, बांका में नौ, नालंदा, रोहतास व दरभंगा में सात-सात, अरवल, किशनगंज व मुजफ्फरपुर में छह-छह, भोजपुर, जहानाबाद व शेखपुरा में चार-चार, बेगूसराय, जमुई व वैशाली में तीनतीन, मुंगेर, सहरसा, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण व गया में दो-दो और पश्चिम चंपारण, नावादा, कैमूर, कटिहार, मधेपुरा, मधुबनी, गोपालगंज, बक्सर, अररिया व औरंगाबाद में एक-एक कोराेना के मरीज मिले हैं।

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Corona infection spread rapidly in Patna

07.07.2022
बिहार में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. सबसे अधिक पटना में नए मरीज मिल रहे हैं. यहां फ‍िर 137 नए मरीज मिले हैं. इसमें से आईजीएमएस के तीन डॉक्‍टर, पीएमसीएच के दो डॉक्‍टर और निजी क्‍लीनिक चलाने वाले दो डॉक्‍टर भी शामिल हैं. यहां अब सक्र‍िय मरीजों की संख्‍या 798 यानी आठ सौ के करीब पहुंच गई है. इसके अलावा भागलपुर, गया समेत अन्‍य शहरों में भी कोरोना के मरीज लगातार मिल रहे हैं. राज्‍य में सक्र‍िय मरीजों की संख्‍या 1389 पहुंच गई है.

छह जुलाई को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार पूरे राज्‍य में 309 नए मरीज मिले हैं. इसमें से अररिया-दो, अरवल- तीन, औरंगाबाद- एक, बांका- तीन, बेगूसराय- नौ, भागलपुर- 23, भोजपुर- दो, दरभंगा- पांच, पूर्वी चंपारण- दो, गया- दस, गोपालगंज- दो, जमुई- दो, जहानाबाद- 12, कटिहार- दो, किशनगंज- तीन, लखीसराय- एक, मधेपुरा- दो, मधुबनी- दो, मुंगेर- दो, मुजफ्फरपुर- दस, नालंदा- तीन, पूर्णिया- दस, रोहतासा- तीन, सहरसा- 14, समस्‍तीपुर- सात, सारण- छह, सीवान- तीन, सुपौल- 14, वैशाली- तीन और पश्‍च‍िमी चंपारण के एक मरीज शामिल हैं.

छह दिनों में चार बार सौ से अधिक मरीज मिले

पटना में शहरी के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लगातार कोरोना के मरीज मिल रहे हैं. दानापुर, फलवारीशरीफ, पटना स‍िटी कोरोना के हॉट स्‍पॉट बन गए हैं. बुधवार को पटना सिटी में आठ, दानापुर में आठ, फुलवारीशरीफ में आठ मरीज मिले हैं. इसके अलावा पटना सचिवालय में भी तीन मरीज मिले हैं. पिछले छह दिनों के अंदर यह चौथा मौका है जब पटना में सौ से अधिक मरीज मिले हों. जुलाई में छ दिनों के अंदर यहां 658 नए मरीज मिले हैं. वहीं, पिछले महीने जून में केवल दो बार एक दिन में सौ से अधिक मरीज पटना में मिले थे. पटना के ग्रामीण इलाकों नौबतपुर, बिहटा, फतुहा, मोकामा, आदि में भी कोरोना मरीज लगातार मिल रहे हैं. स्‍वास्‍थ विभाग के डाटा के अनुसार पिछले दो सप्‍ताह में संक्रमण दर 2.50 तक पहुंच गई है.
छह जुलाई को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार पूरे राज्‍य में 309 नए मरीज मिले हैं. इसमें से अररिया-दो, अरवल- तीन, औरंगाबाद- एक, बांका- तीन, बेगूसराय- नौ, भागलपुर- 23, भोजपुर- दो, दरभंगा- पांच, पूर्वी चंपारण- दो, गया- दस, गोपालगंज- दो, जमुई- दो, जहानाबाद- 12, कटिहार- दो, किशनगंज- तीन, लखीसराय- एक, मधेपुरा- दो, मधुबनी- दो, मुंगेर- दो, मुजफ्फरपुर- दस, नालंदा- तीन, पूर्णिया- दस, रोहतासा- तीन, सहरसा- 14, समस्‍तीपुर- सात, सारण- छह, सीवान- तीन, सुपौल- 14, वैशाली- तीन और पश्‍च‍िमी चंपारण के एक मरीज शामिल हैं.

छह दिनों में चार बार सौ से अधिक मरीज मिले
पटना में शहरी के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लगातार कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। दानापुर, फलवारीशरीफ, पटना स‍िटी कोरोना के हॉट स्‍पॉट बन गए हैं।बुधवार को पटना सिटी में आठ, दानापुर में आठ, फुलवारीशरीफ में आठ मरीज मिले हैं. इसके अलावा पटना सचिवालय में भी तीन मरीज मिले हैं। पिछले छह दिनों के अंदर यह चौथा मौका है जब पटना में सौ से अधिक मरीज मिले हों। जुलाई में छ दिनों के अंदर यहां 658 नए मरीज मिले हैं। वहीं, पिछले महीने जून में केवल दो बार एक दिन में सौ से अधिक मरीज पटना में मिले थे।पटना के ग्रामीण इलाकों नौबतपुर, बिहटा, फतुहा, मोकामा, आदि में भी कोरोना मरीज लगातार मिल रहे हैं।स्‍वास्‍थ विभाग के डाटा के अनुसार पिछले दो सप्‍ताह में संक्रमण दर 2.50 तक पहुंच गई है।

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Covid in bihar

06.07.2022
बिहार में जुलाई महीने में पहली बार कोरोना के सर्वाधिक केस एक दिन में मिले हैं। मंगलवार को राज्य में एक दिन में 338 नए संक्रमित मिले। अकेले पटना जिले में 182 नए संक्रमित मिले हैं। पटना में पांच महीने के बाद एक दिन में इतने अधिक कोरोना मरीज मिले हैं। एक साथ तीन सौ से अधिक केस मिलने के बाद राज्य में संक्रमित केस 1269 हो गए हैं। इस बीच कोरोना संक्रमण से प्रभावित एक बच्‍चे की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग से मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटे में 122402 टेस्ट किए गए।

पटना के बाद भागलपुर और बांका का नंबर
प्राप्त नतीजों के अनुसार पटना में 182, भागलपुर में 30, बांका 16, मुजफ्फरपुर 12, दरभंगा 11, बेगूसराय 7, गया 7, खगडिय़ा 9, सुपौल 8, जहानाबाद 6, मधुबनी 5, पूर्णिया में 6 नए संक्रमित मिले हैं। विभाग के अनुसार राज्य में कोविड संक्रमण दर 0.27 प्रतिशत, जबकि पटना की संक्रमण दर 2.20 प्रतिशत पहुंच गई है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन एक प्रत‍िशत से अध‍िक संक्रमण दर को खतरनाक मानता है। विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में पूर्व से संक्रमित रहे 228 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। राज्य में वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामले 1269 हो गए हैं।

पांच माह बाद मिले रिकार्ड 182 नए कोरोना संक्रमित
कोरोना संक्रमितों की संख्या के साथ पटना जिले में संक्रमण दर भी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। मंगलवार को जिले में 2.2 प्रतिशत संक्रमण था जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन 1 प्रतिशत या उससे अधिक को खतरनाक मानता है। मंगलवार को 8254 आशंकितों की जांच में 218 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इनमें से 11 फालोअप और 207 नए केस हैं। नए मामलों में 182 पटना और 25 अन्य जिलों के हैं।इसके साथ ही जिले में कुल उपचाराधीन मरीजों की संख्या 693 हो गई है। इनमें से 581 पटना और 112 अन्य जिलों के निवासी हैं। पटना के 577 और अन्य जिलों के 101 संक्रमित होम आइसोलेशन में उपचार करा रहे हैं। इसके अलावा 15 विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। जून से अबतक राजधानी के अस्पतालों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। शहरी क्षेत्र के सभी मोहल्ले अब कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा आधे से अधिक प्रखंडों में भी कोरोना पहुंच चुका है।

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Blanket scam in PMCH.

05.07.2022
पीएमसीएच में कंबल घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. इंद्रशेखर ठाकुर ने केस दर्ज कराया है।अधीक्षक के बयान पर शल्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन, शल्य भंडार के तत्कालीन भंडारपाल हेमंत कुमार और तकनीकी सहयोगी शिवेंद्र प्रस्वद पर केस दर्ज किया गया है।एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।दरअसल, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शल्य भंडार के औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि कम्प्यूटराइज स्टॉक में 334 कंबल लिखा है, जबकि में भंडार में 14 ही हैं। रोष 320 कंबल कहां गए इसका अबतक हिसाब नहीं मिल पाया है।पीएमसीएच के शल्य भंडार का औचक निरीक्षण 27 जनवरी 2022 को किया गया।इस दौरान पीएमसीएच के उपाधीक्षक, मुख्य आकस्मिक चिकित्सा पदाधिकारी, राज्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी, भंडारपाल, तत्कालीन भंडारपाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।एफआईआर में कहा गया है कि तत्कालीन भंडारपाल हेमंत शर्मा ने शल्य भंडार का संपूर्ण प्रभार भंडारपाल महेश प्रसाद को नहीं सौंपा है। वहीं कार्यालय से उन्हें 19 अप्रैल को रिमाइंडर दिया जा चुका है। इनका वेतन भी रोक दिया गया है। अधीक्षक ने पुलिस से कहा कि भंडार का कार्य और रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी भंडारपाल और तकनीकी सहयोगी की होती है,साथ ही चिकित्सा पदाधिकारी भंडार समीक्षक होते हैं।इसी कारण इन तीनों पर एफआईआर की गई है।

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Poor health system in Patna Aiims

05.07.2022

पटना एम्स की स्थापना 2012 में हुई। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की भी सुविधा बहाल हो गई। लेकिन लगभग 10 साल पूरे हो जाने के बाद भी यहां सभी विभाग कार्यरत नहीं हो पाए हैं। विशेषकर सुपर स्पेशियलिटी विभाग। रोलॉजी, हेमेटोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, इंडोक्राइनोलॉजी का सुपर स्पेशियलिटी विभाग अबतक चालू नहीं हो पाया है। सभी विभागों की चिकित्सकीय सुविधाएं इतने बड़े अस्पताल में नहीं मिलने से राज्य के मरीजों में मायूसी व्याप्त है।मरीज आते हैं इलाज कराने, पर विभाग में सुविधा नहीं होने से उन्हें बैरंग लौट जाना पड़ता है और अन्यत्र इलाज कराना उनकी मजबूरी होती है। मरीज को लगता है कि एम्स में जो चिकित्सकीय सुविधा हैं वह विशेषज्ञता वाली है। इसी लालच में मरीज इलाज के लिए इंतजार करते हैं या इलाज के लिए यहां पहुंच जाते हैं। एम्स के हर कार्यरत विभागों के ओपीडी में मरीजों की भीड़ है। यदि इन चार विभागों में चिकित्सक होते यहां भी मरीज की भीड़ रहती है। एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में दो चिकित्सकों के ज्वाइन करने से हार्ट के मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा मिलने लगी है। एम्स की सेवा बीते 10 साल से राज्य के जनता मिल रही है। जबकि सुपर स्पेशियलिटी विभागों की सुविधा 2017 से मिलनी शुरू हुई है। पर अभी तक चार सुपर स्पेशियलिटी विभागों की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी है। बीच में न्यूरोलॉजी और हेमेटोलॉजी विभाग की सुविधा बहाल हुई थी। पर चिकित्सक एम्स छोड़कर दूसरे अस्पताल चले गए।इन सुपर स्पेशियलिटी विभागों में न्यूरोलॉजी, हेमेटोलॉजी, इंडोक्राइनोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग शामिल है। इन सुपर स्पेशियलिटी विभागों में चिकित्सक ही नहीं है। ये चारों विभाग आज की तारीख में महत्वपूर्ण विभाग हैं।इन विभागों में मरीजों की संख्या भी अधिक है। इंडोक्राइनोलॉजी विभाग में ब्लड शुगर , थायराइड आदि का इलाज होता है जबकि नेफ्रोलॉजी विभाग में किडनी के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं न्यूरोलॉजी में ब्रेन संबंधित और हेमेटोलॉजी विभाग में ब्लड कैंसर संबंधित बीमारियों का इलाज होता है। इन चारों में विभागों में हर अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक है।
कई डॉक्टरों ने ज्वाइन किया और कुछ दिन बाद चले गए
वैसे पटना एम्स में कई चिकित्सक ज्वाइन किए और कुछ दिन तक अपनी सेवा देने के बाद छोड़ कर अन्य जगह चले भी गए। यहां तो ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन भी ज्वाइन कर चुके थे। पर विभाग में ढांचागत सुविधाएं बहाल नहीं होने से छोड़कर चले गए।बताया जा रहा है कि चिकित्सकों की कमी की वजह से विभागों में चिकित्सकीय सुविधा बहाल नहीं हो सकी है। पटना एम्स की स्थिति यह है कि यहां चिकित्सकों के 305 पद स्वीकृत हैं जबकि यहां वर्तमान में सिर्फ 135 चिकित्सक की कार्यरत हैं। चिकित्सकों की भारी कमी है। इस बीच एम्स नए निदेशक ने पदभार संभाला लिया है। पुराने निदेशक का कार्यकाल खत्म होने के बाद देवघर एम्स के निदेशक को पटना एम्स का कार्यकारी निदेशक बनाया गया था।

निदेशक बोले-सुविधा जल्द
नए निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल का कहना है कि नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इन विभागों में फैकल्टी का सेलेक्शन का काम पूरा हो जाएगा। फैकल्टी की नियुक्ति होते ही इन चार विभागों की चिकित्सकीय सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। मंगलवार को फैकल्टी की नियुक्ति से संबंधित बैठक भी करेंगे। निदेशक ने कहा कि बाकी विभागों में फैकल्टी की कमी है। उसकी भी जल्द भरपाई होगी।

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Temporary piku wards to be built in government hospital, Patna

04.07.2022

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में शिशुओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर गंभीर है। हर जिला में एक सरकारी अस्पताल में अस्थाई पिडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) के निर्माण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पहले से चयनित 28 जिले में किसी कारणवश 14 जिले में निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। उक्त स्थानों पर दोबारा से निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। निवादा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन माह के अंदर निर्माण कार्य पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।

28 जिलों में होगा निर्माण:

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने कोविड इमरजेंसी रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज फेज-2 के तहत बिहार के लिए राशि स्वीकृत की, जिससे पीकू का निर्माण प्राथमिकता पर होना था। योजना के तहत पीकू के निर्माण के लिए 28 जिले का चयन किया गया। उनमें 22 जिला अस्पताल में 42-42 बेड के जबकि छह जिला अस्पताल में 32-32 बेड के पीकू का निर्माण किया जाना था। फरवरी माह में निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। इस काम की जिम्मेदारी बिहार स्वास्थ्य सेवाएं आधारभूत संरचना निगम को सौंपी गई। किसी कारणवश 14 जिले समेत दो मेडिकल कालेज अस्पताल में निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। सरकार द्वारा इन स्थानों पर दोबारा के साथ पीएमसीएच और जेएनएमसीएच में अस्थाई पीकू के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया गया। इनमें से 10 जिला अस्पताल में 42 बेड, दो जिला अस्पताल में 32 बेड और एक जिला अस्पताल में 10 बेड की क्षमता का पीकू बनेगा।

यह है जिलावार विवरण:

42 बेड का पीकू वार्ड जीजीएस पटना सिटी, जीएमसी बेतिया, पूर्णिया, नालंदा, गोपालगंज, जहानाबाद, मधेपुरा, मधुबनी, सिवान और वैशाली जिला अस्पताल में बनेगा। , 32 बेड के पीकू वार्ड भागलपुर एवं सुपौल जिला अस्पताल में बनेगा। वहीँ पीएमसीएच में 20 बेड, जेएनएमसीएच में 25 और सदर अस्पताल में 10 बेड के अस्थाई पीकू का निर्माण किया जाएगा।

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100 corona infected found in Patna

04.07.2022

राज्य में रविवार काे भी 200 से अधिक काेराेना मरीज मिले, लेकिन पटना में आंकड़ा 100 से नीचे रहा। पटना में जहां 60 मरीज मिले, वहीं राज्य में 218 लोग संक्रमित हुए। शुक्रवार को राज्य में 226 और पटना में 114 मरीज मिले थे। इससे पहले 28 जून को राज्य में 211 और पटना में 124 मरीज मिले थे। इसके अलावा 10 फरवरी को राज्य में 247 मरीज मिले थे। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 1094 और पटना में 631 हो गई है।राज्य की पॉजिटिविटी रेट 0.179 फीसदी और पटना की 0.83 फीसदी है। पटना के लगभग सभी इलाकों में मरीज मिलने शुरू हो गए है। सुखद यह है कि अधिकतर मरीज एसिम्टोमेटिक और होम आइसोलेशन में हैं और घर में ही स्वस्थ हो रहे हैं।

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Covid in patna

29.06.2022
राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 885 तो पटना में एक्टिव मरीजों की संख्या 534 हो गई है। राज्य की पॉजिटिविटी रेट 0.106 फीसदी तो पटना की पॉजिटिविटी रेट 1.38 फीसदी हो गई है। राज्य में 24 घंटे दौरान 98 मरीज स्वस्थ हुए हैं। राज्य में कुल 131812 सैंपल की जांच हुई है। राज्य की रिकवरी रेट 98.421 फीसदी है। वहीं आईजीआईएमएस में सर्जरी विभाग के चार, आई के एक, पीएसएम विभाग के एक डॉक्टर संक्रमित हुए हैं। एनएमसीएच के एक डॉक्टर और दो स्टाफ संक्रमित हुए हैं।बेऊर के 37 कैदी संक्रमित: पटना के अब हर इलाके में मरीज मिलने लगे हैं। बेउर जेल में मंगलवार को भी 37 कैदी संक्रमित मिले हैं। सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह का कहना है कि कैदी सभी एसिम्टोमेटिक हैं। किसी स्थिति ऐसी नहीं है कि उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाए।

कब कितने मरीज मिले

तारीख राज्य पटना
28 जून 211 124
27 जून 133 80
26 जून 142 56
25 जून 155 61
24 जून 152 85
23 जून 116 57
22 जून 126 83
21 जून 63 39
20 जून 35 15
19 जून 55 37
18 जून 69 26
17 जून 72 40
16 जून 40 20
15 जून 43 25

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