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Corona in patna

All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) Patna and Patna Medical College Hospital (PMCH) in the case of two corona patients, 167 new cases were found in Patna.

12.07.2022
राज्य में साेमवार काे कोरोना के 344 और पटना में 167 मरीज मिले। बांका में 45, गया में 21, बांका में 19, मुजफ्फरपुर में 17 और रोहतास में 10 नए संक्रमित मिले हैं। साथ ही पटना एम्स और पीएमसीएच में एक-एक संक्रमित की मौत हाे गई।एम्स में अरवल के 55 साल के विजय सिंह की मौत हुई है। उन्हें रविवार को भर्ती कराया गया था। इससे पहले एम्स में 20 साल की युवती और चार साल के बच्चे की भी मौत हो चुकी है। पीएमसीएच में ब्रेन हेमरेज और काेराेना पीड़ित बेगूसराय की 80 साल की शारदा देवी की मौत हाे गई। एम्स में सोमवार को तीन मरीज भर्ती हुए हैं। यहां 14 मरीजों का इलाज चल रहा है।पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में दाे-दो नए मरीज भर्ती हुए हैं। एनएमसीएच में एक नया मरीज भर्ती हुआ है। यहां चार मरीजों का इलाज चल रहा है। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 2270 और पटना में 1280 हो गई है। पटना की पॉजिटिविटी रेट 2.85 फीसदी और राज्य की 0.459 फीसदी हो गई है।

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Orthopedic doctors not available in kalka sub-divisional hospital

There is no bone doctor in Kalka’s sub-divisional hospital, 15% patients return

12.07.2022
कालका के सबडिवीजन अस्पताल में पूरे डॉ ना होने की वजह से स्थानीय लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों में या पंचकूला स्थित नगरी अस्पताल में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्योंकि हफ्ते में यहां 3 दिन ही बच्चों के डॉक्टर आते हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते अन्य अस्पताल में जाने से आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। हड्डियों के डॉक्टर व अन्य डॉक्टर ना होने की वजह से उन्हें पंचकूला जाकर इलाज कराना पड़ रहा है जहां उनका खर्चा भी ज्यादा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल को अपग्रेड तो कर दिया गया है परंतु कई वर्षों से यहां ना डॉक्टर की पोस्टिंग हुई है ना ही वैसी स्वास्थ्य सेवाएं

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No fuel available for ambulance in ‘SRILANKA’

Crisis deepens in Sri Lanka: No diesel left to run ambulance; Speaker said – President left the country and then reversed the statement

12.07.2022
श्रीलंका में सियासी और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और सचिवालय में धावा बोल दिया है और यहां से हटने से मना कर दिया है। इनका कहना कि जब तक प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति इस्तीफा नहीं देंगे, हम नहीं हटेंगे।देश में हालात इतने खराब हो गए हैं कि एंबुलेंस चलाने के लिए भी डीजल-पेट्रोल नहीं बचा है। एंबुलेंस सर्विस ने जनता से कॉल न करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि हम सेवा देने में असमर्थ हैं।इस बीच स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धन ने कहा कि राष्ट्रपति गोटाबाया ने देश छोड़ दिया है और वे बुधवार तक लौट आएंगे। हालांकि, बाद में स्पीकर पलट गए और कहा कि उन्होंने गलती से कहा कि राष्ट्रपति ने देश छोड़ दिया है। वे यहीं हैं।

बुधवार को पद छोड़ देंगे राष्ट्रपति
राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने स्पीकर को सूचित किया है कि वह बुधवार को पद छोड़ देंगे। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ सौदे में देरी होने की आशंका है। विदेशी आर्थिक मदद के बिना श्रीलंका की हालत हर दिन बदतर होती जा रही है।दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल ने अंतरिम राष्ट्रपति पद के लिए सजिथ प्रेमदासा का नामांकन करने का फैसला किया है। विपक्षी दल एसजेबी के पास 50 सांसद हैं और उन्हें 113 सांसदों का समर्थन चाहिए। यदि राष्ट्रपति गोटाबाया 13 जुलाई को पद छोड़ देते हैं तो 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चयन किया जाएगा।

अच्छे से नहीं मिल पा रहा एक वक्त का खाना
लोगों को एक वक्त का खाना भी अच्छे से नहीं मिल पा रहा है। खाने-पीने वाले प्रोडेक्ट के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। दाल की कीमतें तीन गुना बढ़ चुकी हैं। हालात इतने नाजुक हैं कि यहां भुखमरी और कुपोषण जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। डीजल नहीं होने की वजह से नावें समुद्र में नहीं जा पा रही हैं, जिससे मछलियां भी नहीं पकड़ी जा रहीं। कई लोगों के लिए यह संकट महीनों से बना हुआ है।

पेट्रोल-डीजल की है भारी कमी
श्रीलंका में अधिकतर पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं, क्योंकि पेट्रोल-डीजल ही नहीं है। जिन जगहों पर खुले हुए हैं, वहां बहुत लंबी-लंबी लाइन लग रही हैं। इतना ही नहीं पेट्रोल पंप की निगरानी के लिए पुलिस और आर्मी तैनात कर दी गई है।

पेट्रोलियम मंत्री ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 15-17 जुलाई को डीजल और 22-24 जुलाई के बीच पेट्रोल की खेप आने की उम्मीद है। यानी इससे पहले स्थिति में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।

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Facilities not available in district hospital ,ujjain

In the rain, patients and relatives have to stand in the open to take medicines in the district hospital of Ujjain.

12.07.2022
मानसून की शुरुआत के बावजूद एक सप्ताह से बारिश इंतजार करवा रही है। हालांकि इस दौरान दो-तीन दिन रिमझिम चलती रही, लेकिन मौसम विभाग मंगलवार से एक सप्ताह के लिए जोरदार बारिश बता रहा है। विभाग का कहना है कि अरब सागर में सिस्टम बना है, वहीं बंगाल की खाड़ी से मानसून उज्जैन की ओर तेजी से बढ़ गया है, जो 12 जुलाई की दोपहर से जोरदार बारिश के रूप में दस्तक देगा।बता दें सोमवार को भी सुबह घंटेभर रिमझिम रही, जबकि दिनभर बादलों के साथ छिटपुट बारिश हुई। जीवाजी वेधशाला के अनुसार रविवार रात 7 तथा सोमवार दिन भर में 1.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस मौसम में अब तक उज्जैन शहर में 241 एमएम बारिश हो चुकी है, जबकि जिले की औसत बारिश 263.3 मिमी दर्ज हो चुकी है। भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार 24 घंटों में जिले में सभी ओर बारिश हुई, जिसमें सबसे अधिक वर्षा झार्डा तहसील में 37 मिमी दर्ज की गई। उज्जैन तहसील में भी अब तक 320 मिमी वर्षा हो चुकी है। रविवार रात और सोमवार दिन का पारा भी गिरकर 23.2 व 29 डिग्री रह गया। इससे मौसम में ठंडक महसूस की जाने लगी है।बारिश के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोज औसत 600 से अधिक मरीज उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाएं मरीजों की तुलना में नाकाफी पड़ रही हैं। सोमवार को हल्की बूंदाबांदी के बीच दवा लेने आए लोगों की कतार काउंटर के शेड के बाहर तक लगी रही। कतार में लगे मरीज या परिजन को अपनी बारी के लिए 10 से 15 मिनट इंतजार करना पड़ा।ओपीडी के दौरान दवा काउंटर पर मरीज व परिजनों की भीड़ बढ़ रही है। दवा देने के लिए दो विंडो ही खुले रहते हैं। इनमें से एक विंडो काउंटर महिला तो दूसरा पुरुष के लिए रहता है। कम काउंटर के पीछे स्टाफ की कमी बताइ जा रही है। एक समय में दो ही फॉर्मासिस्ट उपलब्ध होने से काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है जबकि यहां तीन काउंटर संचालित किए जा सकते हैं।

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Facilities are not well in bhopal’ Hamidia hospital

Every day three patients are missing from Bhopal’s Hamidia Hospital, angry with the arrangements, patients leave without informing the doctor

09.07.2022
एक महिला वार्ड में भर्ती अपने बच्चे को लेकर परेशान है। महिला बच्चे को घर ले जाना चाहती है, पर अस्पताल के गार्ड उसे बिना डॉक्टर की इजाजत के बाहर नहीं जाने देते। महिला का आरोप था कि बच्चे की तबीयत खराब है। दिनभर कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। वो गार्ड से लगातार अस्पताल छोड़ने की जिद करती रही।हमीदिया अस्पताल में लगभग हर रोज दो से तीन मामले ऐसे आते हैं,जब मरीज डॉक्टर को बिना बताए ही अस्पताल छोड़कर चलते जाते हैं। दरअसल, हमीदिया अस्पताल की अव्यवस्थाएं, उपकरणों की कमी यहां तक कि जूडा सहित कर्मचारियों के व्यवहार के चलते कई मरीज अस्पताल छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। अस्पताल रिकॉर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक हर साल 1200 से ज्यादा यानी हर दिन करीब तीन मरीज अस्पताल से गायब हो रहे हैं। चिकित्सीय भाषा में इसे लामा (लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस) कहा जाता है। लामा के मामलों में 60 फीसदी पीडियाट्रिक विभाग से होते हैं। बीते साल यहां से 645 बच्चे इलाज के दौरान गायब या लामा हो गए। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के गायब होने से अस्पताल के आला अधिकारी भी चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह से इलाज अधूरा छोड़ने से मरीजों को खासकर शिशुओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

शिशुओं को हो सकती है गंभीर परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है अधूरे इलाज से शिशुओं को जानलेवा खतरा हो सकता है। एसएनसीयू में गंभीर मरीजों को रखा जाता है। इसमें अधिकतर बच्चे प्री मेच्योर होते हैं। संक्रमण से बचाने इन बच्चों को एंटीबायोटिक डोज देने होते हैं, जो कम से कम 21 दिन तक चलते हैं। अन्य बीमारियों में भी बच्चों का लंबा इलाज चलता है। कई बार परिजन थोड़ा वजन बढ़ने पर बच्चों को ले जाते हैं। एंटीबायोटिक डोज भी पूरा नहीं हो पाता। ऐसे में बच्चों का संक्रमण तेजी से बढ़ता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।

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Corona patients increase in Raipur

Corona patients increasing continuously in Raipur, 296 newly infected, infection rate also increased to 2.42 percent

09.07.2022
प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति बिगड़ने लगी है। रोजाना कोरोना के मामले बढ़ने के साथ संक्रमण दर में बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश में 2.42% संक्रमण दर से 296 नए संक्रमित मिले हैं। 12230 लोगों की जांच में 23 जिलों में कोरेाना के मामले सामने आए हैं।सर्वाधिक दुर्ग से 60, रायपुर से 53, राजनांदगांव से 26, जांजगीर-चांपा व बिलासपुर से 22-22, बेमेतरा से 19, कोरबा से 15, बलौदाबाजार से 13, बालोद से 12, कबीरधाम से 10, धमतरी एवं सरगुजा से 7-7, बलरामपुर से 6, महासमुंद से 5, बस्तर, रायगढ़, कांकेर एवं मुंगेली से 3-3, जशपुर एवं सूरजपुर से 2-2, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं कोरिया से 1-1 नए संक्रमित मिले हैं। दुर्ग व रायपुर की स्थिति बिगड़ती जा रही है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आना-जाना करते हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।

चार जिलों में ही 56% एक्टिव केस

नए संक्रमित बढ़ने लगे हैं, वहीं रिवकर होने वाले फिर से घटने लगे हैं। शुक्रवार को सिर्फ 136 मरीज रिवकर हुए हैं। इससे एक्टिव केस बढ़कर 1363 हो गए हैं। इसमें से 56.12 फीसदी एक्टिव केस रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व राजनांदगांव जिले के ही हैं। यहां क्रमश: 265, 257, 123 व 120 कुल 765 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा सरगुजा के 75, बलौदाबाजार के 73, बेमेतरा के 70 सहित अन्य जिलों में सक्रिय मरीज हैं। सुकमा, नारायणपुर व बीजापुर में कोरोना के एक भी मामले नहीं हैं।

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Active patients crossed 700

116 new infected found in Surat, active patients crossed 700

08.07.2022
गुरुवार को कोरोना के 116 संक्रमित मिले। इसमें शहर के 88 और जिले के 28 मरीज हैं। अब तक कुल 206634 पॉजिटिव आ चुके हैं। गुरुवार को शहर के 82 और जिले के 11 को मिलाकर कुल 93 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। अब तक कुल 203698 मरीज ठीक हो चुके हैं।गुरुवार को एक भी मौत नहीं हुई। अब तक कुल 2240 मौतें हो चुकी हैं। अब एक्टिव मामलों की संख्या 716 पर पहुंच गई है। शहर में अब 20 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

टीकाकरण: 2355 लोगों को लगाए गए टीके, 1159 ने प्रीकॉशन डोज ली

शहर में गुरुवार को 2355 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। इनमें से 398 लोगों ने पहला और 798 लोगों ने दूसरा डोज लिया। इनमें से 12 से 14 वर्ष वाले 867 बच्चे शामिल हैं। 1159 लोगों ने प्रीकॉशन डोज ली।

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Covid in jodhpur

Increasing number of corona patients in Jodhpur

05.07.2022
जोधपुर में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को 274 संदिग्ध की जांच में 10 नए मरीज मिले। इसके चलते संक्रमण दर 3% रही। वहीं 16 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। जून माह के पहले 4 दिनों में तुलना करें तो 7 गुना अधिक मरीज जुलाई के 4 दिनों में मिल चुके हैं। जून के 4 दिन में जहां में महज 8 मरीज थे, वही जुलाई के 4 दिन में मरीजों का आंकड़ा 57 पहुंच गया है। संक्रमण दर की बात करें तो जून के पहले 10 दिन तक संक्रमण दर 1% और उससे कम रही। लेकिन जुलाई के पहले दिन संक्रमण दर 5%, दूसरे दिन 6% रही। जबकि जून और जुलाई में हो रही संदिग्धों की जांच में ज्यादा अंतर नहीं है। जून के 4 दिन में जहां 1196 संदिग्धों की जांच हुई, वही जुलाई के 4 दिन में 1159 संदिग्धों के सैंपल लिए जा चुके हैं। यदि से रफ्तार से संक्रमित हो का आकार बढ़ता गया तो जुलाई के अंत तक यह आंकड़ा 384 के पार तक पहुंचेगा

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Dengue and malaria patient increase in surat

With the continuous increase in the cases of corona in Surat, there is also an increased risk of mosquito-borne diseases dengue and malaria in many areas of the city.

05.07.2022
सूरत में एक तरफ कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, इसके साथ ही शहर के कई इलाकों में मच्छरजनित बीमारियाें डेंगू और मलेरिया का भी खतरा बढ़ गया है। महानगर पालिका के आंकड़ों मे मई माह में मलेरिया के 25 मामले सामने आए थे, वहीं जून माह में यह संख्या बढ़कर 42 तक पहुंच गई। वहीं इस साल अब तक मलेरिया के कुल 172 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि इस साल अब तक डेंगू के कुल 11 मामले सामने आए हैं।डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में जगह-जगह बरसात का पानी इकट्ठा हाे जाता है। इसके कारण मच्छर पनपते हैं साथ ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां भी बढ़ने लगती हैं। इस साल जून में सबसे मलेरिया के सबसे अधिक 42 मामले मिले हैं।गौरतलब है कि पिछले चार-पांच दिनों से शहर में लगातार हो रही बारिश के कारण मच्छर जनित बीमारियां फैलने का खतरा और बढ़ गया है। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बरसात के मौसम में मच्छरजनित बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इसके चलते बड़े और बच्चे सभी को बीमार होने का खतरा रहता है।

डेंगू के मामले बढ़े, लेकिन मलेरिया के मरीज कम हुए

2020 से 2022 डेंगू के मामले दोगुना के करीब बढ़ गए हैं। वहीं इसी अवधि में मलेरिया के केस दोगुना कम हुए हैं। 2020 में जून तक शहर में मलेरिया के 479 केस थे। 2021 में 99 मामले थे। वहीं इस साल अब तक 172 मामले आ चुके हैं। अगर डेंगू के आंकड़ाें की बात करें तो 2020 में जून तक 6 मामले आए थे, 2021 में 4 केस आए थे। 2022 में डेंगू के 11 केस जून तक आएं। इसी तरह 2020 में चिकनगुनिया के 2 मामले, 2021 में 6 और इस साल अब तक 2 मामले आ चुके हैं।

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In rain, water filled in bhopal hospitals

In Bhopal, the situation in hospitals worsened due to rain, water filled in many hospitals

05.07.2022
चार दिनों से राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बाद हालात बिगड़ रहे हैं। निचली बस्तियों में पानी भरने के कारण लोग परेशान हैं बारिश के कारण शहर के अस्पतालाें में भी हालत खराब हो रही है। सोमवार को हुई तेज बारिश का पानी टीबी अस्पताल के वार्डों में भर गया। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुल्तानिया में गिरी छत की सीलिंग, लेबर रूम बंदबारिश के कारण सुल्तानिया जनाना अस्पताल में फर्स्ट फ्लोर पर बने लेबर रूम और दो प्रायवेट वार्डों को सीलिंग गिरने के चलते प्रबंधन ने बंद कर दिया। शनिवार को भी लेबर रूम में सीलिंग गिरने की घटना हुई थी। अब इन प्रायवेट वार्डों में गर्भवतियों और प्रसूताओं को भर्ती करने पर भी अस्पताल प्रबंधन ने रोक लगा दी है। मालूम हो कि अस्पताल में बिस्तरों की कमी के कारण एक बेड पर दो-दो गर्भवतियों और प्रसूताओं को लिटाना पड़ता है। इधर जर्जर होने के चलते प्रायवेट वार्ड भी बंद होते जा रहे हैं।

महीनों से चल रही सुल्तानिया की शिफ्टिंग की प्लानिंग
हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग का एक ब्लॉक बनकर तैयार हो चुका है। करीब एक महीने पहले यहां पीडियाट्रिक विभाग और नेत्र रोग विभाग शिफ्ट करने शुरू किए गए थे। लेकिन अफसर बीते चार महीनों से सुल्तानिया अस्पताल की शिफ्टिंग नई बिल्डिंग में करने के दावे और तारीखें बता रहे हैं लेकिन अब तक अस्पताल शिफ्ट नहीं हो पाया है।

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