Dr. Mohnish Grover is Professor of ENT.
Medical students did yoga
06.08.2022
मेडिकल वर्ल्ड में जिस प्रकार से डॉक्टर्स को आज न्यू चैलेंजेस का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक तरफ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को हैल्दी रखने की ज़िम्मेदारी आ रही है तो वहीं दूसरी ओर नित नयी नयी बिमारियाँ घेरा डाल रहि है । टैक्नॉलोजी के इस दौर मे अपने आप को हरदम अपडेट रखना भी उतना ही इमपॉरटेंट हो रहा है। इन सभी सरकमस्टैंसेस मे भी डॉक्टर्स का मन और शरीर तनाव मुक्त रहे इसी संकल्प के साथ आर्ट ओफ़ लिविंग ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 200 एमबीबीएस स्टूडेंट्स के लिए होटल ग्रैंड उनियारा में चार दिवसीय यूछ वर्कशॉप यस प्लस यूथ एम्पॉवरमेंट एवं स्किल वर्कशॉप किया गया।स्टेट यूथ मेंटॉर और ट्रेनर विवेक अग्रवाल ने बताया की इस वर्कशॉप में भावी डॉक्टर्स ने श्वास लेने की विश्व प्रसिद्ध प्रक्रिया सुदर्शन क्रिया का अनुभव किया जिसका लाभ 150 से भी ज़्यादा देशों में करोड़ों लोगों ने जीवन में एक्सपीरिएंस किया है ।ट्रेनर अग्रवाल ने बताया की नॉलेजबेस्ड बातें और इंट्रस्टिंग एक्टिविटी की मदद से ग्रूप ऐक्टिविटीज़ में इनक्लूड हए पार्टिसिपेंट्स ने सांइंटिफिक अप्रोच से योगा और प्राणायाम को एक्सपीरिएंस किया । कई पार्टिसिपेंट्स ने तो ये भी शेयर किया की मात्रा 3 दिन में ही , उनका कॉनसनट्रेशन बढ़ा है और तनाव कम हुआ है , नींद अच्छी आने लगी है और मन हैप्पी रहने लगा है । पार्टिसिपेंट्स फ्यूचर में सभी ने इन प्रोसिजर्रस को डेली लाइफ रूटीन बनाने का संक्लप लिया है ।वर्कशॉप में आर्ट ओफ़ लिविंग एपेक्स नरेश ठकराल और सुरेश कालानी सहित ट्रेनर्स – विभूति, प्रतिभा, नेहा, डॉक्टर ऋषि राज , डॉक्टर लाल चंद ने भी एक्सपीरिएंस शेयर किया।
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Pg in medical colleges of raj.
प्रदेश में श्रीगंगानगर चित्तौड़गढ़ धौलपुर और सिरोही में इस साल के अंत तक मेडिकल कॉलेज खोल दिए जाएंगे साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स में भी प्रवेश होंगे। चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया के अनुसार इन मेडिकल कॉलेज में लैब, लाइब्रेरी और हॉस्टल से जुड़ा काम भी पूरा हो चुका है और एनएमसी की अनुमति के साथ ही इन मेडिकल कॉलेजों को शुरू कर दिया जाएगा। वहीं अन्य मेडिकल कॉलेज में भी तेजी से काम चल रहा है और अगले वर्ष सात अन्य मेडिकल कॉलेज की भी कम करने की दवाई चल रही है। इधर, स्पेशलिस्ट डॉक्टर की कमी के मद्देनजर सभी मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे
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Good news for medical students
नीट पास कर एमबीबीएस करने के इच्छुक छात्रों के लिए अच्छी खबर है। देश के 16 राज्यों में एमबीबीएस की 3495 सीटें बढ़ाने की तैयारी चल रही है. राजस्थान में अधिकतम 700 और मध्य प्रदेश में 600 सीटें बढ़ाई जाएंगी। हालांकि पुराने मेडिकल कॉलेजों में ये सीटें बढ़ाई जाएंगी। नए कॉलेजों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में यह जानकारी दी है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनुसख मंडाविया ने लोकसभा में सांसद डॉ. हीना गावित और डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे के एक सवाल में बताया कि केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा. इसके तहत मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 3495 एमबीबीएस स्वीकृत किए गए हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा। वहां मेडिकल पीजी की सीटें बढ़ेंगी और पीजी के नए विषय शुरू होंगे। इसके तहत 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में दो राज्यों में 5930 सीटों को मंजूरी दी गई है।
कहां कितनी बढ़ेंगी एमबीबीएस की 3495 सीटें
राज्य और सीटें
राजस्थान 700
मध्य प्रदेश 600
कर्नाटक 550
तमिलनाडु 345
गुजरात 270
ओडिशा 200
आंध्रपदेश 150
महाराष्ट्र 150
झारखंड 100
पंजाब 100
पश्चिम बंगाल 100
जम्मू कश्मीर 60
मणिपुर 50
यूपी 50
उत्तराखंड 50
हिमाचल प्रदेश 20
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NEET 2022
देश में डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए 12वीं के छात्रों को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट को पास करना होता है. यह साल देश में 17 जुलाई को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नीट यूजी 2022 का आयोजन किया गया था. इस परीक्षा में 18 लाख से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया था. नीट यूजी हो चुका और अब छात्रों को नीट यूजी आंसर-की और नीट रिजल्ट का इंजतार है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो NEET UG 2022 आंसर-की 1 अगस्त 2022 को जारी किया जा सकता है और नीट यूजी रिजल्ट की घोषणा 18 अगस्त से 31 अगस्त 2022 के बीच कभी भी की जा सकती है. जहां नीट परीक्षा दे चुके छात्रों को नीट रिजल्ट का इंतजार है वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि इस साल नीट 2022 कट ऑफ अंक बढ़ सकता है.
चूंकि नीट रिजल्ट के जारी होने में ज्यादा समय नहीं है, ऐसे में नीट परीक्षा दे चुके छात्र विभिन्न कॉलेजों और देश भर में उपलब्ध सीटों की संख्या के बारे में जानना चाहते हैं. शीर्ष न्यूज पेपर का मानें तो सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 91,927 सीटें हैं
*NEET 2022 EXPECTED CUT-OFF (अपेक्षित कट-अप)
देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्रों को नीट को पास करना होगा।इसके लिए छात्रों को 50 पर्सेंटाइल स्कोर प्राप्त करना होगा. इस साल NEET 2022 आवेदकों की संख्या सबसे अधिक रही है। ऐसे में विशेषज्ञों की राय है कि इस नीट की कट-ऑफ बढ़ सकता है। कट-ऑफ बढ़ने का मतलब है स्कोर का ऊपर जाना और कम्पीटिशन का बढ़ना। यानी देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में सीट हथियाने के लिए कम्पीटिशन के अधिक होने की संभावना है. हालांकि पिछले साल की तुलना में पेपर अपेक्षाकृत कठिन था, फिर भी कट-ऑफ बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को नीट 2022 में लगभग 600 अंक लाने होंगे।बीते साल अनारक्षित वर्ग के लिए 50 पर्सेंटाइल स्कोर 138 अंकों से अधिक था। यह 2020 में 147 और 2019 में 134 से कम था। अगर विशेषज्ञों की माने तो उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम अंक 150 अंक तक जा सकते हैं और सरकारी मेडिकल कॉलेज में लगभग 600 अंक के करीब हो सकता है।पिछले वर्ष के विश्लेषण के अनुसार, नीट कट ऑफ में उत्तीर्ण अंक सामान्य वर्ग के लिए 720-138 और एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए 137-108 था। जबकि सामान्य वर्ग के लिए पर्सेंटाइल 50वां और एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए 40वां था। देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश NEET स्कोर के आधार पर होता है।कट-ऑफ स्कोर कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या, उपलब्ध सीटों की कुल संख्या और परीक्षा का कठिनाई स्तर शामिल है।
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Fire in jabalpur hospital
मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार दोपहर 2:45 बजे एक निजी अस्पताल में आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 स्टाफ भी हैं। 8 की हालत गंभीर है।
प्रशासन ने बताया कि तीन मंजिला न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के एंट्रेंस पर जनरेटर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। हादसे के वक्त अस्पताल में 35 लोग थे, इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। अस्पताल प्रबंधन का कोई बयान अभी तक नहीं आया है। हादसे की जांच जबलपुर डिवीजनल कमिश्नर बी चंद्रशेखर की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति करेगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। मध्य प्रदेश के CM शिवराज सिंह ने मृतकों के परिजन को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है।
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Ragging in medical colleges
मध्य प्रदेश के रतलाम में राजकीय मेडिकल कॉलेज के 7 छात्रों के खिलाफ रैगिंग के आऱोप में एफआईआर दर्ज की गई है. उन्हें एक साल के लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है. रैगिंग से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है. अधिकारी ने कहा कि घटना 28 जुलाई को हुई थी और एक दिन बाद सोशल मीडिया पर जूनियर छात्रों को लाइन में खड़ाकर थप्पड़ मारते हुए दिखाए जाने वाले वीडियो सामने आए थे. इंडस्ट्रियल सेक्टर पुलिस थाने के एएसआई सुरेश कुमार शिंदे ने बताया कि रतलाम मेडिकल कॉलेज के वार्डन डॉ. अनुराग जैन की लिखित शिकायत के आधार पर शनिवार रात को सात छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 एवं 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कॉलेज के पुरूष छात्रावास में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का आरोप है.
कॉलेज के डीन डॉ. जीतेन्द्र गुप्ता ने बताया कि इन सातों छात्रों को कॉलेज से एक साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. वीडियो में छात्र जूनियर को लाइन में खड़ा कर थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं, बाद में मौके पर पहुंचे वार्डन डॉ. जैन पर बोतले फेंकने की घटना भी हुई थी.वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के हलाली बांध में रविवार को करंट की चपेट में आने से एक 40 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए हैं.
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100 seat recognition in medical college
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। राज्य सरकार की पहल पर प्रदेश में तीन नए मेडिकल कॉलेज में पिछले साल जहां कांकेर काे एनएमसी से मान्यता मिली थी, वहीं इस बार महासमुंद काे भी मान्यता मिल गई।प्रदेश में दाे साल पहले कांकेर, महासमुंद व काेरबा जिले में नए मेडिकल कॉलेज खाेलने की मंजूरी मिली थी। इसके बाद तीनाें ही जिलाें में मेडिकल कॉलेज की तैयारी शुरू हुई। पिछले साल एनएमसी के निरीक्षण के बाद कांकेर काे मान्यता मिली थी।इस बार मान्यता की दाैड़ में महासमुंद व काेरबा मेडिकल कॉलेज थे। करीब 2 महीने पहले एनएमसी ने दाेनाें कॉलेज का एक ही दिन वर्चुअल निरीक्षण किया था। उसके बाद से फाइनल रिपाेर्ट का इंतजार चल रहा था।शुक्रवार काे एनएमसी ने एक रिपाेर्ट जारी की, जिसमें महासमुंद मेडिकल कॉलेज काे शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए 100 सीट के चिकित्सकीय शिक्षा के लिए मान्यता प्रदान कर दी गई है।प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोतरी होने से मेडिकल की शिक्षा के साथ ही मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
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Terror of rats
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 700 करोड़ की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में चूहे मुसीबत बन गए हैं। बीते दिनों उन्होंने सीटी स्कैन मशीन का तार काट दिया। इससे दो दिन तक जांच बंद रही थी। अब चूहे मरीजों के लिए खतरा बन रहे हैं। ये उन्हें चढ़ाए जाने वाले ग्लूकोज तक को पी जा रहे हैं।
1500 चूहे मारे, 5-6 हजार अभी भी मौजूद
चूहों से निजात पाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इन्हें मारने का टेंडर निकाला। इसके लिए 10 से 12 लाख रुपए का बजट रखा गया है। फिलहाल रायपुर की एक निजी कंपनी ने टेंडर लिया है, जो अब चूहे मारने और दफनाने में लगी हुई है।बीते एक महीने में 1500 से अधिक चूहे मारकर दफनाए जा चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन का अनुमान है कि अभी करीब 4 से 5 हजार चूहे अस्पताल में मौजूद हैं।
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Big relief for ukraine returned medical students
यूक्रेन से लौटे मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। ऐसे भारतीय छात्र जो अपने अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्र थे, कोरोना महामारी या रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत लौट थे।उन्हें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMG) में बैठने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, इसके लिए छात्रों की पढ़ाई पूरी होना और 30 जून या उससे पहले तक कोर्स को पूरा कर के सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य होगा। नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी किया है।नेशनल मेडिकल कमीशन के इस नोटिस के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 अप्रैल को पारित आदेश के अनुसार यह सूचित किया जाता है कि भारतीय छात्र जो अपने अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स के अंतिम वर्ष में थे और कोविड-19 या रूस-यूक्रेन युद्ध आदि के कारण अपने विदेशी चिकित्सा संस्थान को छोड़कर भारत लौट आए हैं और बाद में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है. उन्हें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMG) परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी.छात्रों को 30 जून, 2022 को या उससे पहले अपने संबंधित संस्थान द्वारा पाठ्यक्रम पूरा करने का प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक है. एफएमजी परीक्षा पास करने वाले फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट छात्रों के लिए दो साल के अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्शिप को पूरा करना होगा. विदेशी चिकित्सा स्नातक दो वर्ष तक सीआरएमआई पूरा करने के बाद ही पंजीकरण के पात्र होंगे. एनएमसी के हलफनामे में कहा गया है कि क्लीनिकल प्रशिक्षण के लिए इंटर्नशिप की अवधि को दोगुना कर दिया गया है|
ATTACHED FILES
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