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Now,PG started in ratlam gov.medical college

After MBBS in Ratlam Government Medical College, now PG (post graduate) also, the process of bringing 58 PG seats in 11 departments in the college started

शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के बाद अब पीजी (स्नातकोत्तर) की पढ़ाई के इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। कॉलेज के 11 विभागों में अब 58 सीटों के लिए कॉलेज प्रबंधन ने मेडिकल कॉनसिल ऑफ इंडिया को फीस जमा करवा दी है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम कॉलेज का अगले निरीक्षण अगले माह कर सकती है। उम्मीद है कि अगले शिक्षण सत्र से पीजी क्लासेस शुरू हो जाएगी।

प्राध्यापकों की संख्या के आधार पर दावा
पीजी की पढ़ाई शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज में बाहर के छात्र-छात्राएं पीजी करने आएंगे, वे रिसर्च करेंगे। इससे स्थानीय मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। कम्युनिटी मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. एसके लिखार ने बताया कि बुधवार को ही पीजी संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया गया है।स्नातकोत्तर कम्युनिटी मेडिसीन में सीटें पहले ही मिल चुकी हैं। इस बार 11 डिपार्टमेंट में पीजी क्लासेस खोलने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। अगले शिक्षा सत्र में 11 डिपार्टमेंट में 58 पीजी सीट पर काम किया जाएगा।

– डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डीन, मेडिकल कालेज, रतलाम

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Modern medical services in Banglore

Higher education minister of Bangalore said, modern medical services reach every section of the society

हमें यह वास्तविकता स्वीकार करनी होगी कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचा है। आइटी-बीटी तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने यह बात कही।नेस्कॉम के दसवें स्वास्थ्य विज्ञान तथा स्वास्थ्य सुरक्षा तकनीक नवाचार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब तक हम आधनिक चिकित्सा सुविधाएं आम लोगों तक नहीं पहुंचाते, तब तक समग्र विकास का दावा नहीं कर सकते। ये सुविधाएं केवल संपन्न लोग तथा शहरों तक ही सीमित नहीं रहें बल्कि समाज के हर वर्ग को उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा तथा चिकित्सा देश के गिने चुने शहरों तक ही सीमित है। इन हालात को बदलना होगा। केवल प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से ये सुविधाएं गांवों तक पहुंचना संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रति वर्ष चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र पर दस हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। लेकिन सरकारी चिकित्सा शिक्षा कॉलेज में शिक्षा प्राप्त करनेवाले चिकित्सक शिक्षा पूरी होने के बाद देहातों में सेवा देने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन की ओर से ऐसी सेवा अनिवार्य करने के बावजूद अधिकतर चिकित्सक जुर्माना भर कर देहातों में सेवा देने से इनकार कर रहे हैं।

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Now pmch college patna free examination of seasonal diseases

Patna Medical College Hospital (PMCH) will have the facility of free treatment: With Corona, now the facility of free examination of seasonal diseases including dengue, malaria and chickenpox.

13.07.2022
कोरोना का संक्रमण शहर में लगातार बढ़ रहा है। साथ ही साथ मौसमी बीमारियां भी दस्तक देने लगी हैं। इसलिए मौसमी बीमारियों की भी जांच पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग शुरू की गई है। इनमें कोरोना के अलावा डेंगू, मेनिनजाइटिस, जापानी इंसेफ्लाइटिस, मलेरिया, चिकनपॉक्स आदि की भी जांच शुरू कर दी गई है।डेंगू जांच कराने के लिए मरीज भी आने लगे हैं। अस्पताल के अनुसार माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एक सप्ताह के दौरान अभी कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला है। हालांकि प्राइवेट क्लिनिक दावा कर रहे हैं जांच में डेंगू के मामले शुरू हो गए हैं। अभी एक-दो मरीज ही पॉजिटिव मिले हैं। बताया जा रहा है कि बारिश के बाद होने वाले जलजमाव में डेंगू के मच्छर उत्पन्न होंगे तब डेंगू का प्रकोप दिखने लगेगा।

जरूरत और मांग के अनुसार सुविधा बहाल की जाएगी

पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर के मुताबिक भर्ती होने वाले डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ेगी या फिर विभाग से इस तरह का कोई निर्देश आएगा तो अलग वार्ड की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल अभी कोई मरीज आता है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी। अभी अलग वार्ड बनाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया। जरूरत और मांग के अनुसार सुविधा बहाल की जाएगी।

प्लेटलेट्स भी जरूरत के अनुसार तैयार किया जाएगा। क्योंकि डेंगू मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत होती है। ब्लड बैंक को भी जरूरत के अनुसार प्लेटलेट्स तैयार करना होगा। उसकी भी व्यवस्था है। डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू के मच्छर साफ जमा पानी में पनपते हैं। इसलिए घर या आसपास में यदि पानी जमा हो तो उसे साफ कर दें। वरीय फिजिशियन डॉ. राजीव रंजन और डॉ. बीके चौधरी का कहना है कि बुखार और शरीर में तेज दर्द होने की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं।

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Force patients to purchase medicenes from hospital pharmacy in indore

Action on Apple Hospital located at Bhanwarkuan for forcing you to buy medicine from medical store in Indore

13.07.2022
हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर से ही दवाई खरीदने के लिए बाध्य करने पर भंवरकुआं स्थित एपल हॉस्पिटल पर कार्रवाई हुई है। मंगलवार को कलेक्टर मनीष सिंह ने कार्रवाई के आदेश दिए। मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित कर मेडिकल कचरा निपटान में लापरवाही पर एक लाख रुपए का जुर्माना किया गया। निर्धारित मानकों पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने तक 200 में से सिर्फ 100 बेड क्षमता का ही उपयोग करने को कहा गया है। प्रकाश पारवानी ने लिखित शिकायत की थी कि प्रबंधन दवाइयां वहीं के मेडिकल स्टोर से लेने व जांच भी हॉस्पिटल से कराने मजबूर कर रहा है। पर्ची में इस अनिवार्यता का उल्लेख किया है। जब शर्तों का विरोध किया तो प्रबंधन ने उपचार में असमर्थता व्यक्त की, जिसके बाद मैं मां पुष्पा पारवानी को घर ले आया। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेड़ेकर व सीएमएचओ बीएस सत्या को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा। जांच में मिला हॉस्पिटल से ही दवाइयां और जांच की अनिवार्यता के बाद ही इलाज किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के आदेश दिए गए।

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Without studies medical university give degree to student in Jabalpur

Fraud in Jabalpur Medical University, without admission and studies, 278 students awarded degrees

12.07.2022

मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर में 278 स्टूडेंट्स की परीक्षा के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा है। व्यापमं घोटाले की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज से लेकर नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश से लेकर पढ़ाई में नामांकन नहीं होने के बाद भी परीक्षा में बैठाकर डिग्री बांट दी गई। उनके रिकॉर्ड में कई तरह की गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे छात्रो ंने किसी भी कॉलेज में प्रवेश तक नहीं लिया।फर्जीवाड़े में मेडिकल कॉलेज, मेडिकल यूनिवर्सिटी और परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी माइंडलॉजिस्टिक इन्फ्राटेक की सांठगांठ उजागर हुई है। यह चौंकाने वाला खुलासा मप्र हाईकोर्ट में पेश हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस केके त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी की 42 पेज की रिपोर्ट में हुआ है।

फर्जीवाड़ा ऐसा कि बदल देते थे रिकॉर्ड
याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने बताया, परीक्षा संचालन एजेंसी माइंडलॉजिस्टिक इन्फ्राटेक के अफसरों से जांच कमेटी ने परीक्षाओं के सभी रेकॉर्ड मंगवाए। अफसरों से पूछताछ भी की गई। इसमें खुलासा हुआ कि परीक्षा के पहले ही एजेंसी को छात्रों की जानकारी एनरोलमेंट नंबर सहित मिलती थी, जो एजेंसी के सर्वर पर रहती थी। परीक्षा का कार्यक्रम घोषित होने की सूचना एजेंसी को मिलने पर पोर्टल पर दी जाती थी। इसे संबंधित मेडिकल कॉलेज व छात्र एक्सेस करते थे। छात्र पोर्टल से परीक्षा फॉर्म भरते थे।

दोबारा यूनिवर्सिटी सुधार के लिए खोलती थी पोर्टल

कॉलेज के प्राचार्य परीक्षा फॉर्म चेक कर पोर्टल पर वापस डालने के साथ ही इसे एजेंसी को भेज देते थे। परीक्षा केंद्र और छात्रों की डिटेल्स चेक होने के बाद यह जानकारी पोर्टल पर अपलोड होती थी। साजिशपूर्ण तरीके से इसी दौरान एक विशेष छात्र के फॉर्म में गलती होने की सूचना देकर संबंधित मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी से फिर से सुधार के लिए पोर्टल खोलने की अनुमति मांगता था। यह अनुमति मिल जाती थी। एजेंसी के पोर्टल रिओपेन करने के बाद कॉलेज से संबंधित छात्र का इनरोलमेंट नंबर छोड़कर परीक्षार्थी की सारी जानकारी बदल जाती थी। इस आधार पर एजेंसी सॉफ्टवेयर ऑटोमेटिक एडमिट कार्ड जनरेट कर देता था।

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Aiims raipur becomes was declared as 31st best medical college in INDIA

All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Raipur was declared the 31st best medical college in the country in the survey.

09.07.2022
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर को देश का 31वां सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कालेज घोषित किया गया है। मध्य भारत में एम्स रायपुर एकमात्र मेडिकल कालेज है, जिसे सर्वे के प्रथम 35 मेडिकल कालेज में स्थान प्राप्त हुआ है। एम्स दिल्ली पहले नंबर पर है। रिसर्च कंपनी मार्केटिंग एंड डेवलपमेंट रिसर्च एसोसिएट्स (एमडीआरए) के संयुक्त सर्वे में ये दावा किया गया है।

इस आधार पर रैकिंग

एम्स में गुणवत्तापूर्ण अकादमिक वातावरण, अत्याधुनिक संसाधनों और आधारभूत संरचना की वजह से यह रैंक प्रदान की गई है। इंटेक क्वालिटी और गर्वनेंस, एकेडमिक एक्सीलेंस, आधारभूत संरचना, कैंपस में रहने और प्रगति करने का अनुभव, व्यक्तित्व विकास और करियर सहित विभिन्न पैरामीटर के आधार पर एम्स रायपुर को कुल 2000 में से 1307.2 स्कोर प्राप्त हुआ।

पांच वर्ष की फीस मात्र 5856 रुपए

इसके अतिरिक्त सर्वे में सरकारी मेडिकल कालेज में सबसे कम फीस (पांच वर्ष के लिए 5856 रुपए) के आधार पर एम्स रायपुर को चौथे स्थान पर रखा गया है। वर्ष 2000 के बाद स्थापित मेडिकल कालेज की श्रेणी में एम्स रायपुर को 6वां स्थान प्राप्त हुआ है। डायरेक्टर प्रो. डॉ. नितिन एम. नागरकर ने इले उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए कहा कि भविष्य में भी हम अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं, लैब और अनुसंधान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में फैली विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है। डीन (अकादमिक) प्रो. आलोक सी. अग्रवाल ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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New scheme medicep approved in kerala

Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan government has approved comprehensive medical insurance for government employees, pensioners and their dependents from July 1 under the new scheme ‘Medicep’ at a monthly premium of just Rs 500.

25.06.2022
केरल में सरकारी कर्मियों, पेंशनभोगियों एवं उनके आश्रितों को अब सरकार की नई योजना ‘मेडिसेप’ के तहत महज 500 रुपये के मासिक प्रीमियम पर समग्र मेडिकल बीमा मिलने वाला है। राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सरकार ने एक जुलाई से ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से इस बहुप्रतीक्षित ‘कैशलेस’ मेडिकल सहायता को लागू करने की मंजूरी दी है।
अवर मुख्य सचिव (वित्त) राजेश कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार सरकारी कर्मियों, पेंशनभोगियों/ परिवार पेंशनभोगियों एवं उनके परिवारों के पात्र सदस्यों के अलावा सरकारी विश्वविद्यालयों के कर्मी और पेंशनभोगी, मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता, मुख्य सचेतक, विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष आदि के सीधे नियुक्त किए गए निजी स्टाफ भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

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IOCL (Indian Oil Corporation) Patna Recruitment for 43 vacancies of Medical Officers

06.06.2022

सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Indian Oil Corporation Limited) ने मेडिकल ऑफिसर के पदों पर भर्तियां के लिए नोटिफिकेशन जारी की है. इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया 17 मई 2022 से शुरू है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जून 2022 तक है,इसके लिए आवेदन इंडियन ऑयल की वेबसाइट www. iocl.com पर जाकर करना है।इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 43पदों पर वैकेंसी निकाली गई है,चीफ मेडिकल ऑफिसर और एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर पद के लिए उम्मीदवारों को एमडी/एमएस किया होना चाहिए।उम्मीदवारों का सेलेक्शन पर्सनल इंटरव्यू के माध्यम से होगा, इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों के पास इंग्लिश या हिंदी भाषा में बोलने का ऑप्शन होगा।सीनियर मेडिकल ऑफिसर- 60000-180000/- रुपये प्रति माह व एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर- 90000-240000/-रुपये प्रति माह देय होगा।

Fake medicine worth 11 crores recovered in Ajmer, Sunil Nandwani, operator of Himalaya Meditech company arrested

06.06.2022
राजस्थान में नशे के नेटवर्क के खिलाफ प्रदेश की पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करने में लगी हुई है. अजमेर में छापेमारी के जरिए नशे के सौदागरों को पकड़ने की कोशिश की गई.रामगंज थाना पुलिस ने न्यू ट्रांसपोर्ट के गोदाम मालिक लतीफ के गोदाम पर छापा मारकर नशीली दवाओं के 117 कार्टन बरामद किए, राहुल चौहान के युवक ने लतीफ से 3000 रुपए में गोदाम किराए पर ले रखा था। पुलिस ने गोदाम में 11 करोड़ कीमत की नशीली दवाओं के जखीरे को बरामद करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड हिमालय मेडिटेक कंपनी का संचालक सुनील नंदवानी है, जो जयपुर से इस खेप को अजमेर मंगवाता और फिर इधर उधर छुपा देता था।।अजमेर में मिली इतनी नशीली दवाओं की इतनी बड़ी खेप के बाद ड्रग कंट्रोलर विभाग के भी कान खड़े हो गए. ड्रग कंट्रोलर टीम ने दवा के होलसेल मार्किट विमला मार्किट में दबिश देते हुए कई दुकानों को खंगाला और कुछ को सीज करते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।बिना बिल के नशीली दवाओं के इतने बड़े कंसाइनमेंट को लेकर पुलिस भी सकते में आ गई।एसपी ने आधा दर्जन टीमें बनाई हैं, ताकि यह पता चल सके कि नशीली दवाओं की यह खेप अजमेर में कितनी मेडिकल स्टोर तक सप्लाई हो चुकी है।

MBBS Will Now Be Taught In Hindi Medium Too In Madhya Pradesh

अब हिंदी में कर सकेंगे MBBS की पढ़ाई, मध्य प्रदेश होगा ऐसा करने वाला पहला राज्य

मध्य प्रदेश में MBBS पाठ्यक्रम को हिंदी मीडियम में पढ़ाने की तैयारी चल रही हैI  राज्य में इसकी शुरूआत शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल से की जाएगी I

मध्य प्रदेश में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स की आसानी के लिए अब MBBS की पढ़ाई हिंदी माध्यम में भी हो सकेगीI

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में MBBS पाठ्यक्रम को हिंदी मीडियम में पढ़ाने की तैयारी चल रही हैI राज्य में इसकी शुरूआत शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (Gandhi Medical College), भोपाल से की जाएगीI MBBS कोर्स हिंदी मीडियम में कराने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगाI हिंदी में MBBS पाठ्यक्रम निर्धारित करने की कार्ययोजना तैयार करने और इस पर रिपोर्ट देने के लिए मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. जितेन शुक्ला की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया हैI

विषय-विशेषज्ञों से की गई चर्चा 

मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने और MBBS के फर्स्ट ईयर के सब्जेक्ट्स के लिए हिंदी में सप्लीमेंट्री पुस्तकें तैयार करने के लिये विषय-विशेषज्ञों से कुछ दिन पहले चर्चा भी की गईI उन्होंने कहा कि अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और एम्स भोपाल और गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों के साथ आयुक्त चिकित्सा शिक्षा की उपस्थिति में विचार-विमर्श कियाI