12.07.2022
डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की ड्यूटी अमरनाथ यात्रियों के चैकअप करने में लगा दी गई है। इसके चलते जिला अस्पताल में सर्जरी की ओटी बंद हो गई है। यहां से सर्जन डॉ. नीरज बंसल और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक वर्मा को जम्मू भेजा गया है। वहीं सिविल अस्पताल हजीरा में पदस्थ मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. गिरीश शर्मा को भी ड्यूटी लगाई गई है। इसके चलते अब जिला अस्पताल में सर्जरी बंद हो गई है। जिला अस्पताल में एक मात्र सर्जरी के डॉक्टर नीरज बंसल है। उनके न होने से अब 31 जुलाई तक कोई भी सर्जरी यहां पर नहीं होगी। इसके साथ ही सिविल अस्पताल में मेडिसिन का भी एक ही डॉक्टर है। लेकिन अब यहां पर मेडिसिन के मरीजों को इलाज के लिए बाहर ही भेजा जा रहा है। ऐसे में बारिश के मौसम में मेडिसिन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती है।बाबा अमरनाथ की गुफा से लेकर काली माता मंदिर के बीच शुक्रवार को बादल फटने की घटना हुई थी। इसके बाद बाबा बर्फानी की यात्रा को रोक दिया गया था। ग्वालियर से भी कई श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए गए हुए हैं। श्री बाबा बर्फानी हर-हर महादेव समिति के सचिव पन्नालाल गौड़ ने फोन पर बताया कि उनके जत्थे के साथ गए 51 लोग शेषनाग बैस कैंप में रुके हुए थे। सोमवार को सुबह 5 बजे यात्रा शुरू हुई, यहां से हमारा जत्था भी रवाना हुआ। बाबा की गुफा में दोपहर दो बजे पहुंचे और दोपहर 3 बजे तक दर्शन कर लिए थे। दर्शन कर सीधे बालटाल उतर आए थे, रात में यहीं रुकेंगे और सुबह मणिग्राम बेस कैंप में ग्वालियर के लंगर में सेवा देंगे। उन्होंने बताया कि पानी लगातार बरसने के कारण गुफा के बाहर का मौसम खराब बना हुआ है, इसलिए गुफा के बाहर किसी को भी रुकने से मना किया जा रहा है। यहां पहुंचे सभी श्रद्धालुओं से कहा जा रहा है या तो बालटाल जाएं या फिर चंदनवाड़ी।
सिविल अस्पताल में तीन सर्जन
सिविल अस्पताल हजीरा में तीन सर्जन है। अगर इसमें से एक डॉक्टर जिला अस्पताल में आ जाता है तो मरीजों को इलाज मिलने लगेगा। अगर किसी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होती है तो मरीजों को परेशान ही होना पड़ेगा।
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