खुश खबर : NPA है ‘बेसिक पे’ और इसे जोड़ा जायेगा PL सरेंडर और रिटायर्मेंट बेनिफिट में

पिछले कुछ दिनों से चल रही गफलत का हुआ पटाक्षेप और Non Practicing Allowance को बेसिक पे माना गया है, यानि एनपीए को सभी अलाउंसेज की गणना में जोड़ा जायेगा, PL सरेंडर और रिटायर्मेंट की 300 PL के पैसों के नकद भुगतान में इसे मूल वेतन मानते हुए गणना की जाएगी |
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एक मामले में फाइनेंस विभाग ने चिकित्सकों की जिन्दगी झालावाड़ करने की कोशिश की थी लेकिन मौके पर ही मेडिकल टीचर्स ने जबरदस्त विरोध दर्ज कराया जिससे आर्डर रिवर्ट किया गया |

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पीएल सरेंडर में गफलत से डॉक्टर तनाव में

बाबूराज से परेशान सरकारी डॉक्टर की राह में सबसे ज्यादा रोड़े अटकाता है फाइनेंस डिपार्टमेंट, फाइनेंस वालों कि बाकी सब विभागों पर मेहरबानी रहती है लेकिन डॉक्टरों का कोई मसला होता है तो उसे जरूर अटकाया जाता है चाहे वो कितना भी मामूली मसला हो | कई बार कई दिनों तक इनके हाथ कोई मसला नहीं लगता तो ये बैठकर सोचते होंगे कि कैसे डॉक्टरों को दर्द दिया जाए, सो इस बार ये लेके आये हैं |

A non practice allowance (NPA) is a special allowance given to doctors employed by the central government (of India) and certain State governments. Reason is be to restrict private practice for government doctors. A government hospital (in fact all hospitals) require round the clock care and more importantly have no definable work hours. In Rajasthan state this allowance is optional to choose.

राजस्थान सरकार के चिकित्सक को प्रति वर्ष 30 Privileged Leave/Earned Leave मिलती हैं जिनमें से पंद्रह को सरेंडर करके बदले में वो पैसा प्राप्त कर सकता है |
सरेंडर के बदले में मिलने वाला पैसा = (15 Days Basic Pay + 15 Days NPA) * DA

Example – 

अभी एक बड़ा लोचा सामने आया है जिसमें कहा जा रहा है कि लीव सरेंडर में केवल बेसिक और उसका DA मिलेगा, NPA और उसका DA नहीं मिलेगा, यानि बड़ा फटका | कारण वही फाइनेंस वाले, फिर से उड़ता तीर लेके आये हैं | वो भी एक आदेश के आधार पर |

नियम क्या कहते हैं ?

एनपीए को हमेशा से मूल वेतन माना गया है – Ministry of Health & Family Welfare has clarified vide their O.M. no. A45012/11/97-CHS.V dated 7-4-98 that the Non-Practising Allowance shall count as ‘pay’ for all service benefits.

लेकिन राजस्थान के फाइनेंस विभाग ने चुपके से एक लाइन घुसेड़ कर गेम कर दिया –

The amount of Non-Clinical Allowance / Non-Practicing Allowance shall be treated as “Pay” for the purpose of admissibility of Dearness Allowance and Compensatory (City) Allowance only.

Non-Clinical and Non-Practicing Allowance to Medical Officers F.6(8)FD/Rules/2017 30/10/2017

निश्चित तौर पर इन रोज रोज के फटकों से प्रदेश का सरकारी चिकित्सक आहत है, कभी नए डॉक्टरों को फटका तो कभी DACP में अडंगा |

पुरजोर विरोध ही अंतिम उपाय है, या फिर कोर्ट जाया जा सकता है| जिंदाबाद |

Update – खुश खबर : NPA है ‘बेसिक पे’ और इसे जोड़ा जायेगा PL सरेंडर और रिटायर्मेंट बेनिफिट में :

Detailed information and option forms.

Detailed information and calculations.

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जहर खरीदने के लिए पैसे नहीं, कैसे दूं वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में उपस्थिति ?

जहर खरीदने के लिए पैसे नहीं, कैसे दूं वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में उपस्थिति…. ये शब्द किसी आम इंसान के नहीं बल्कि एक चिकित्सा अधिकारी के हैं। जो जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में उपस्थिति को लेकर आर्थिक समस्या का हवाला देते है।….जी हां जालौर जिले के करडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सक ने एक पत्र के माध्यम से सरकार को यह बात बताइ कि उन्हें पिछले कई महीनों से नहीं मिल रही तनख्वाह ।  जालौर जिले में रानीवाड़ा और भीनमाल ब्लॉक के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे में कार्यरत कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को वेतन समय पर नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि करड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी धनंजय मीणा ने सरकार को पत्र लिखकर अवांछनीय कदम उठाने की चेतावनी दे डाली… मामला जालौर जिले के करडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां के चिकित्सक ने पिछले कई महीने से वेतन नहीं मिलने का हवाला देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जालौर को पत्र लिखते हुए बताया कि वह जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में भाग नहीं ले सकते इसका कारण आर्थिक परेशानी बताया एवं अपने खाते का बैलेंस एक रूपया 77 पैसे बता रहे हैं और यह भी कह रहे हैं ।साथ में इतने पैसे से जहर भी नहीं खरीदा जा सकता चिकित्सा अधिकारी ने प्रतिलिपि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम भी भेजा है। मामले को लेकर रानीवाड़ा के ब्लॉक सीएमएचओ ने बजट का हवाला देते हुए पत्र का जवाब भी दिया है देखा जाए तो वेतन नहीं मिलने के हालात करडा सीएचसी सहित रानीवाड़ा के व भीनमाल ब्लॉक के अधिकतर चिकित्सकों का वेतन पिछले कई महीने से देय नहीं हो रहा है ऐसे में इन कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीनमाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुम्बडिया के कर्मचारियों व अधिकारियों के भी ये ही हालात हैं जहां पिछले 3 महीने से उनको वेतन नहीं मिल रहा कर्मचारियों का कहना है कि जब भी भीनमाल ब्लॉक कार्यालय में वेतन संबंधी मांग की जाती है तो बजट का हवाला देकर टरका दिया जाता है… ऐसे ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि इन विकट आर्थिक परिस्थितियों से गुज़र रहे डॉक्टरों की माँग को लेकर सरकार कितनी गंभीर होगी और कितने दिनों में इनको सैलरी मिल पाएंगी ये आने वाले दिनों में देखने वाली बात होगी ….! डॉक्टर धनंजय मीणा ने बताया कि उसको सैलरी नहीं मिलने की वजह से कई प्रकार की घरेलु परेशानीयों का सामन करना पड़ रहा है। डॉक्टर ने बताया कि पैसों के अभाव में राशन के सामान के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है… डॉक्टर ने बताया कि मेरे पर्सनल लोन की किस्त भी ओवरडूयू हो चुकी है.. ऐसे में अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.. उन्होने बताया कि मैं घर से 500 किलोमीटर दूरी पर यहाँ पर बैठा हूँ ऐसे में मुझे सैलरी नहीं मिलेगी तो मैं खाना कैसे खाऊँगा…. डॉक्टर ने बताया कि उसके साथ साथ उसके अस्पताल में कार्यरत क़रीब स्टाफ़ भी पिछले दो महीने से सैलरी नहीं बन रही है जिसके चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह की गंभीर पीड़ा अगर सोशल मीडिया पर वायरल होती है तो ज़ाहिर सी बात है कि विभाग के आलाधिकारियों पर सवाल खड़े होना लाज़मी है… ।

# डॉ. धनंजय मीणा, कॉलेज के ज़माने से ही बेबाक और दबंग स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, ये जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस हैं |

हम सब अधिकारियों और कर्मचारियों के हक की लड़ाई है ये कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या बैर नही है ।हमारी लड़ाई राज से है अधिकारी और राज के प्रितिनिधि से है अतः इसे कोई व्यक्तिगत न ले।
जब पुलिस में वेतन महीने की अंतिम तारीख को मिल जाता है तो हमको क्यों नही क्या राज्य को हमारी जरूरत का पता नही है
हम भी आपातकालीन सेवा में है तो हमको सुविधा भी तो हो ,ओर कुछ नही तो वेतन तो समय पर मिले।
अगर सरकार के पास पैसा नही है तो फिर पुलिस और सेक्रेतिरेट में ओर मंत्रालयों में वेतन समय पर क्यों।
ऐसा नियम क्यों नही की जिलाधिकारी का वेतन जिले में प्रत्येक कर्मचारी का वेतन मिलने के बाद मिलेगा। ये ही मांग हैं कि वेतन समय पर मिले।
एकता सदा विजेयता। जय हिंद जय संगठन।।।।।।।।।सभी से सहयोग की आशा में।।।।

आपका
डॉ धनंजय मीणा 

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Impact of Tamilnadu High Court decision in Rajasthan about NEET PG bonus marks

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के गैजेट नोटिफिकेशन की अनुपालना में सेवारत चिकित्सकों को पीजी कोर्सेज में प्रवेश हेतु लगने वाली नीट परीक्षा में उनके प्राप्तांकों के प्रतिशत के रूप में बोनस अंक दिए जाते हैं | राजस्थान राज्य में कार्यरत सेवारत चिकित्सकों को 1 साल के 10% तथा अधिकतम 3 साल के 30% अंक बोनस के रूप में दिए जाते हैं | पिछले साल के मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के गैजेट नोटिफिकेशन के अनुसार सभी रूरल/ग्रामीण सेवारत चिकित्सकों को बोनस अंक का हक़ है, चूँकि राजस्थान ऐसा राज्य है जिसमें पहले से ही इलाकों को पहाड़ी, दुर्गम, दूरस्थ और ग्रामीण (Hilly/Difficult/Remote/Rural) में बांटने के बजाय केवल ग्रामीण क्षेत्र में ही बांटा गया है जिसका आधार केवल ग्रामीण भत्ते (Rural Allowance) को माना गया है यानी जिसे यह भत्ता देय है वह बोनस अंक का हकदार है |

देखा जाए तो यह एक बड़ी पालिसी है जो एमसीआई के गैजेट और  ग्रामीण भत्ते पर टिकी है, साथ ही पिछले सालों के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में भी इन दोनों को ही सही ठहराया गया है, ऐसी स्थिति में राजस्थान में 10-20-30 बना रहेगा, वो भी हर स्थिति में |

तमिलनाडु हाईकोर्ट की कमेटी ने किया बोनस अंक प्रक्रिया में बदलाव

What is Rural Allowance in Rajasthan ?

MCI “Rural” word Gazette Notification is here

नीट पीजी 2019 के रिजल्ट के बाद सेवारत चिकित्सकों में क्यों है सन्नाटा ?

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New NEET PG bonus marks criteria for Tamilnadu In-Service Doctors

मद्रास हाई कोर्ट ने इनसर्विस कैंडिडेट को पीजी में दिए जाने वाले बोनस अंकों की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है | हाईकोर्ट ने एक सात सदस्य कमेटी का गठन किया था इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को प्रस्तुत कर दी है | कमेटी ने तमिलनाडु राज्य के सभी इनसर्विस कैंडीडेट्स को चार कैटिगरीज में बांटा है, हर केटेगरी के कैंडिडेट को अलग-अलग बोनस अंक दिए जाएंगे, ये चार केटेगरी निम्न है – पहाड़ी, दुर्गम, दूरस्थ और ग्रामीण | (Hilly/Difficult/Remote/Rural)
पहाड़ी इलाकों में कार्यरत चिकित्सकों को उनके नीट स्कोर का 1 साल का 10% बोनस अंक मिलेगा (Max 30%) तथा इस तरह के पहाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 119 है, दुर्गम इलाकों में कार्यरत चिकित्सकों को 1 साल के 9% बोनस अंक मिलेंगे (Max 27%) तथा इस तरह की 660 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, दूरस्थ इलाकों में कार्य चिकित्सकों को 1 साल के 8% बोनस अंक दिए जाएंगे (Max 24%), अंतिम केटेगरी है ग्रामीण चिकित्सक जिनको की 1 साल के 5% बोनस अंक तथा 3 साल के अधिकतम 15% बोनस अंक दिए जाएंगे |
साथ ही कुल डिप्लोमा कोर्स की सीटों की 50 फ़ीसदी सीटें केवल सेवारत चिकित्सकों के लिए आरक्षित होंगी |

# Health is a state subject in the Constitution.

Source : Times of India

तमिलनाडु नीट पीजी बोनस अंक डिसीजन और राजस्थान –

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यात्रा और दैनिक भत्ते के लिए कैसे करें ऑनलाइन आवेदन ?

अगर किसी भी सरकारी कर्मचारी ने सरकारी कार्य हेतु यात्रा की है तो वो यात्रा किराए भत्ते और दैनिक खर्च भत्ते का हक़दार होता है |
राज्य सरकार ने अब व्यवस्था की है की उक्त भत्तों हेतु आवेदन ऑनलाइन किया जाए क्यूंकि पहले के ऑफलाइन आवेदनों में भयंकर धांधली और लेटलतीफी होती थी |
आवेदन का तरीका थोडा पेचीदा है लेकिन हमने बहुत ही सरल तरीके से समझाया है, इसे देखने के बाद आप कुछ ही मिनटों में आवेदन कर देंगें |
धन्यवाद.. हमारा विडियो देखें, लाइक करें 🙂

यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता क्या है ? कितना है ? जानने के लिए –

How to get Employee ID and Password of Pay Manager

पे मैनेजर, राजस्थान के वित्त विभाग की वेबसाईट है जिस से सभी राजकीय कार्मिकों को सेलरी बनाई जाती है तथा कोई भी कार्मिक अपनी सेलरी स्लिप, वार्षिक सेलरी स्टेटमेंट (GA55) देख सकता है और डाउनलोड कर सकता है !
इसी वेबसाईट से ऑनलाइन टीए डीए मेडिक्लेम किया जा सकता है !
इस वेबसाइट के दो वेबपेज हैं –
पहला जो की केवल विभाग के लिए है = http://paymanager.raj.nic.in/
दूसरा जो की सबके लिए है (कार्मिक) = http://paymanager2.raj.nic.in/

अगर आपको अपनी एम्प्लोयी आईडी ही पता नहीं है तो यहाँ से जानें –

दुसरे पेज पर जानकर अपनी एम्प्लोयी आईडी और पासवर्ड डालें !

पासवर्ड क्या है ?

निम्न दो में से एक डाल कर देखें =

  • सेलरी बैंक अकाउंट के आखिरी चार अक्षर (last four digits of salary bank account)
  • जन्मतिथि DDMMYYYY (Date of birth in this format)

अब आप पे मैनेजर की सेवाओं का लाभ ले सकते हैं 🙂

अपना GA55 कैसे प्राप्त करें ? यहाँ से जानें –

Dearness allowance hike DA Rajasthan July 2018

केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद राजस्थान सरकार ने भी 10 सितम्बर 2018 को दो फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं !
यह बढ़ा भत्ता जुलाई 2018 से दिया जायेगा, पीछे का भत्ता भी मिलेगा एरियर के रूप में !

Postmortem Allowance for doctors and assistant

7 CPC Latest Salary Calculation

Every Government Medical Officer of Rajasthan can calculate his/her salary !

Just enter your Basic @ 01 October 2017 and get new 7CPC Salary of 01 October 2017 🙂
(इसे अक्टूबर की बेसिक के हिसाब से एडजस्ट किया गया है)

[salary_lisst]

Get Old Basic according to Year of service joining ~

Joining Year – Basic @ 1 Oct 17
2011 – 24350
2012 – 23640
2013 – 22950
2014 – 22280
2015 – 21630
2016 – 21000