Speed of corona infection in Bhopal, self-test positive still not doing RTPCR

09.07.2022
कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। पिछले दस दिन से शहर में औसतन हररोज 28 नए मरीज सामने आ रहे हैं। यह वो मरीज हैं, जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं। हकीकत में इससे भी कहीं ज्यादा लोग हररोज कोरोना संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन ये लोग सरकारी रिकॉर्ड में नहीं है और अपनी बीमारी को छिपा रहे हैं।
शहर के डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते टेस्टिंग नहीं बढ़ाई गई तो संक्रमण तेजी से फैलेगा और बीमारों की संख्या भी बढ़ेगी। जीएमसी के पल्मोनरी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. निशांत श्रीवास्तव का कहना है कि स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि लोग खुद ही टेस्ट किट से अपनी जांच कर रहे हैं।कई मरीज रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेरे पास इलाज कराने पहुंच रहे हैं। वह आरटीपीसीआर कराने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके अलावा कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिनकी रिपोर्ट किट में तो निगेटिव आई है, लेकिन लक्षण कोरोना के ही हैं।बावजूद इसके वह आरटीपीसीआर कराने को तैयार नहीं है। हालांकि, इन मरीजों को सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं से तीन से पांच दिन में राहत मिल रही है। ऐसे मरीजों का रिकॉर्ड नहीं होने से अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका बढ़ गई है।

बच्चों में एंटीबॉडी लेवल हाई, हो रहे बीमार
पीडियाट्रीशियन डाॅ. एसएस वेल्लोरी ने बताया कि कई बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। उन्हें तेज बुखार, सर्दी-खांसी हैं। ऐसे 50 बच्चों में कोरोना एंटीबॉडी लेवल हाई मिला। जबकि, परिजनों के मुताबिक बच्चों को कभी कोरोना हुआ ही नहीं। डॉक्टरों के मुताबिक येे जनवरी-फरवरी में संक्रमित हुए होंगे।

संक्रमित बुजुर्गों का ऑक्सीजन लेवल सामान्य

जेपी अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पॉजिटिव आने के बाद भी 60 से 70 साल के बुजुर्गों का ऑक्सीजन लेवल सामान्य था। 6 दिन इलाज के बाद वे ठीक हो रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी के मुताबिक लोगों को जिम्मेदारी समझते हुए आरटीपीसीआर करानी चाहिए।

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