All govt doctors of rajasthan will get due 7cpc arrears

14.09.2019 JAIPUR

राज्य से सेवारत चिकित्सकों को छठे पे कमिशन से सातवें पे कमिशन में जाने पर 01 जनवरी 2017 से 30 सितम्बर 2017 तक का सेलरी डिफ़रेंस, एरियर के रूप में तीन किश्तों में मिलना था | बाबुओं द्वारा इसकी गणना अपने हिसाब से उलट पलट की गई जिससे काफी चिकित्सकों को आधे एरियर का ही भुगतान हुआ, पीड़ित चिकित्सक दबी जुबान इसकी चर्चा भी कर रहे थे लेकिन बाबूराज के आगे हार मान चुके थे | चिकित्सक शिक्षक इन मामलों में ज्यादा होशियार पड़ते हैं सो उन्होंने चुपचाप इसका आर्डर निकलवा लिया, यह आर्डर सरकारी डॉक्टरों के हाथ लग गया तो वे भी अपने बाबुओं के पास ऑर्डर लेकर पहुंचे तो बाबुओं ने इस आर्डर को केवल ‘चिकित्सक शिक्षकों’ के लिए बताते हुए ख़ारिज कर दिया | पीड़ित चिकित्सक मुद्दे को व्हाट्सएप पर लहराते रहे अंततः मुद्दा अरिसदा के पास लेकर गये जहाँ डॉ. अजय चौधरी ने त्वरित गति से एसीएस मेडिकल & हेल्थ रोहित कुमार सिंह जी से समय लिया और जाकर पीड़ा बयान की तो सर ने वहीँ से ‘निदेशालय कोष एवं लेखा’ वालों को कॉल करके उक्त आदेश को समस्त चिकित्सकों के लिए निकालने को कहा और एक दिन में ही आदेश निकल गया | (पूर्व एवं नवीन आदेश की प्रति संलग्न है)

चिकित्सकों में ख़ुशी की लहर है, उदाहरण के तौर पर वर्ष 2011 जोइनिंग वालों का एरियर करीब 150000/- रुपये बन रहा था जो कट-पिट कर एक लाख से ऊपर मिलना था लेकिन दिया गया मात्र पचास हजार या साठ हजार | चिकित्सकों ने अरिसदा अध्यक्ष का आभार जताया है | डॉ. चौधरी ने पूरा श्रेय एसीएस मेडिकल हेल्थ को दिया है जिनके सहयोग से यह काम इतनी जल्दी हो पाया | सर्वविदित है की एसीएस श्री रोहित कुमार सिंह, चिकित्सकों की पीड़ा को सुनते हैं और त्वरित निर्णय लेते हैं |
हालाँकि इस आदेश के बाद बाबु समुदाय तनाव में हैं क्यूंकि उन्हें वापस से जोड़ तोड़ करनी पड़ेगी, हिसाब मिलाना पड़ेगा |

Tip : यह एरियर वहीँ से मिलेगा, जहाँ से पहले मिला था, ट्रांसफर नहीं हुआ है तो कोई लफड़ा नहीं, ट्रांसफर हुआ है तो कुछ वक़्त के लिए पे-मैनेजर आईडी वापस वहां ट्रांसफर की जाएगी | अगर नया बाबु राजी है तो बिना आईडी भेजे पूरानी जगह से शीट मंगवाकर यहीं करवा लो |

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कितनी सेलरी बढ़ेगी DACP में प्रमोशन के बाद ? चौंक जायेंगे आप जानकर !

राज्य सरकार चिकित्सकों को Dynamic Assured Career Progression (DACP) के तहत समयबद्ध पदोन्नति देती हैं, छठे पे कमीशन में यह पदोन्नति 5400, 6600,7600 etc. pay grade के रूप में दी जाती थी लेकिन सातवें पे कमीशन में यह pay band levels के रूप में दी जाती है |
एक Government Doctor की DACP के बाद उसकी बेसिक पे कितनी हो जायेगी ? यह एक सामान्य सवाल है !
आप भी जानिये कि प्रमोशन बाद कितनी होगी बेसिक और कुछ वृद्धि क्या होगी ? हालाँकि छठे पे कमिशन के मुकाबले सातवें में प्रमोशन में ठेंगा ही मिलता है, जानकर चौंक जायेंगे आप |

DACP Promotion illustration ;

Suppose Basic Pay on 1 April 2018 is – 69000 /-

One bonus promotional increment – 69000 to 71100 /-
Pay Band level shifting from L-14 (5400) to L-16 (6600)

Basic pay shifting : Just NEXT to promotional Basic pay – Next to 71100 is 71400 /-
Basic after DACP – 71400 /-

Gains

Raised basic = 71400-69000 = 2400/-
Dearness Allowance (Approx. @10%) = 240/-
NPA (If availing @ 20%) = 480/-
HRA (If availing @ 8%) = 192 /-
Gross gain = 2400+240+480+192 = 3312 /-
Net gain (Deduct income tax @ 30%, NPS @ 10%) = 3312-40% = 1987 /- per month

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सरकारी डॉक्टरों को बुढापे में फटका

राजस्थान के सरकारी डॉक्टरों को वित्त विभाग ने जोर का झटका हौले से दिया है |
सरकारी कर्मचारी एक वर्ष में मिलने वाले कुल उपार्जित अवकाशों में से आधे आवकाश समर्पित (surrender) करके उनका पैसा नकद ले सकते हैं –
सरेंडर के बदले में मिलने वाला पैसा = (15 Days Basic Pay + 15 Days NPA) * DA

साथ ही रिटायर्मेंट के समय 300 PL तक का पैसा नकद ले सकते हैं |

अभी तक यह पैसा मिलता रहा है लेकिन सातवाँ वेतनमान लागू करते ही, वित्त विभाग ने एक गेम कर दिया और NPA को बेसिक पे मानना बंद कर दिया और कहा गया कि DA और CCA के लिए ही NPA को बेसिक माना जाएगा बाकी किसी के लिए भी नहीं यानी समर्पित अवकाश के लिए NPA को बेसिक में नहीं माना जायेगा |

कितना फटका लगा ?

NPA 20% मूल बेसिक का मिलता है और इस पर DA अलग से मिलता है, यानि कोई अगर आज रिटायर हो रहा है तो उसे अपनी 300 PL पर DA का फटका मिलाकर करीब 30% फटका लगेगा जो कि वक़्त के साथ और बढेगा |

रिटायर्मेंट के समय बेसिक = अगर एक लाख पचास हजार मासिक हो तो 30 दिन फटका 30% = करीब पचास हजार
300 दिन की PL का फटका = X10 = पांच लाख रुपये का फटका :/

पांच लाख का तो रिटायर्मेंट पर और हर साल पंद्रह सरेंडर का फटका यानि कुल दस लाख से पार 🙁

Update – खुश खबर : NPA है ‘बेसिक पे’ और इसे जोड़ा जायेगा PL सरेंडर और रिटायर्मेंट बेनिफिट में :

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पीएल सरेंडर में गफलत से डॉक्टर तनाव में

बाबूराज से परेशान सरकारी डॉक्टर की राह में सबसे ज्यादा रोड़े अटकाता है फाइनेंस डिपार्टमेंट, फाइनेंस वालों कि बाकी सब विभागों पर मेहरबानी रहती है लेकिन डॉक्टरों का कोई मसला होता है तो उसे जरूर अटकाया जाता है चाहे वो कितना भी मामूली मसला हो | कई बार कई दिनों तक इनके हाथ कोई मसला नहीं लगता तो ये बैठकर सोचते होंगे कि कैसे डॉक्टरों को दर्द दिया जाए, सो इस बार ये लेके आये हैं |

A non practice allowance (NPA) is a special allowance given to doctors employed by the central government (of India) and certain State governments. Reason is be to restrict private practice for government doctors. A government hospital (in fact all hospitals) require round the clock care and more importantly have no definable work hours. In Rajasthan state this allowance is optional to choose.

राजस्थान सरकार के चिकित्सक को प्रति वर्ष 30 Privileged Leave/Earned Leave मिलती हैं जिनमें से पंद्रह को सरेंडर करके बदले में वो पैसा प्राप्त कर सकता है |
सरेंडर के बदले में मिलने वाला पैसा = (15 Days Basic Pay + 15 Days NPA) * DA

Example – 

अभी एक बड़ा लोचा सामने आया है जिसमें कहा जा रहा है कि लीव सरेंडर में केवल बेसिक और उसका DA मिलेगा, NPA और उसका DA नहीं मिलेगा, यानि बड़ा फटका | कारण वही फाइनेंस वाले, फिर से उड़ता तीर लेके आये हैं | वो भी एक आदेश के आधार पर |

नियम क्या कहते हैं ?

एनपीए को हमेशा से मूल वेतन माना गया है – Ministry of Health & Family Welfare has clarified vide their O.M. no. A45012/11/97-CHS.V dated 7-4-98 that the Non-Practising Allowance shall count as ‘pay’ for all service benefits.

लेकिन राजस्थान के फाइनेंस विभाग ने चुपके से एक लाइन घुसेड़ कर गेम कर दिया –

The amount of Non-Clinical Allowance / Non-Practicing Allowance shall be treated as “Pay” for the purpose of admissibility of Dearness Allowance and Compensatory (City) Allowance only.

Non-Clinical and Non-Practicing Allowance to Medical Officers F.6(8)FD/Rules/2017 30/10/2017

निश्चित तौर पर इन रोज रोज के फटकों से प्रदेश का सरकारी चिकित्सक आहत है, कभी नए डॉक्टरों को फटका तो कभी DACP में अडंगा |

पुरजोर विरोध ही अंतिम उपाय है, या फिर कोर्ट जाया जा सकता है| जिंदाबाद |

Update – खुश खबर : NPA है ‘बेसिक पे’ और इसे जोड़ा जायेगा PL सरेंडर और रिटायर्मेंट बेनिफिट में :

Detailed information and option forms.

Detailed information and calculations.

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On time salary is right of employee : High Court

डॉ. दीपक शर्मा का रिट पेटीशन पर राजस्थान हाई कोर्ट ने डिसीजन दिया कि प्रार्थी को उसकी बकाया सेलरी निर्धारित दिवस तक देय हो अथवा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव खुद कोर्ट में उपस्थित हों | तबादले के बाद प्रार्थी को नौ महीने तक तनख्वाह नहीं दी गयी तो पहले तो उन्होंने सभी स्तरों पर संपर्क किया लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मिला त्वरित न्याय | यह फैसला बना नजीर | निर्धारित अवधि में सेलरी नहीं दिये जाने पर DDO को जेब से भरना पड़ सकता है उस राशी का ब्याज |

संलग्न – हाईकोर्ट का आदेश

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आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा

प्रधानमंत्री ने की आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा

आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में केंद्र के हिस्से में वृद्धि करते हुए, आशाओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर लगभग दोगुना करने तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3000 रूपये से बढ़ा कर 4500 रूपये करने का फैसला किया है । आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से नरेंद्र मोदी ऐप एवं वीडियो लिंक के माध्यम से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 2250 रूपए था, उन्हें अब 3500 रूपए मिलेंगे. इसके अलावा आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 1500 रूपए के स्थान पर 2250 रूपये मिलेंगे । रूटीन एक्टिविटीज के लिए आशाओं को अब एक हजार के बजाय दो हजार रुपये मिलेंगे । साथ ही बीमा योजनाओं का लाभ भी दिया जायेगा ।

 

Activity Existing Monthly Incentive Revised Monthly Incentive
1 Line listing of households done at beginning of the year and updated after six months. 100 300
2 Maintaining village health register and supporting universal registration of births and deaths to be updated on monthly basis. 100 300
3 Preparation of due list of children to be immunized to be updated on monthly basis. 100 300
4 Preparation of list of ANC beneficiaries to be updated on monthly basis. 100 300
5 Preparation of list of eligible couples to be updated on monthly basis 100 300
Total 500 1500

 

How to know Employee ID of Rajasthan state goverment employees

राजस्थान सरकार के प्रत्येक कार्मिक को एक एम्प्लोयी आईडी उसके सेवा ज्वाइन करते ही जारी की जाती है और उसी से उसकी सेलरी बनती है !

तो कार्मिक कैसे जाने की उसकी एम्प्लोयी आईडी क्या है ?
एसएसओ में लोगिन करें https://sso.rajasthan.gov.in/

राजकाज में जावें
उपर दायें कोने में एम्प्लोयी सर्च आइकन पर जावें
जिस एम्प्लोयी की आईडी/एसएसओ या मोबाइल नंबर खोजना चाहते हैं उसका ऑफिस/विभाग सलेक्ट करें
सभी डिपार्टमेंट में खोजना चाहते हैं तो All पर जावें
एम्प्लोयी का नाम डालें
सर्च करें

फोटो संलग्न :-

How to get Employee ID and Password of Pay Manager

पे मैनेजर, राजस्थान के वित्त विभाग की वेबसाईट है जिस से सभी राजकीय कार्मिकों को सेलरी बनाई जाती है तथा कोई भी कार्मिक अपनी सेलरी स्लिप, वार्षिक सेलरी स्टेटमेंट (GA55) देख सकता है और डाउनलोड कर सकता है !
इसी वेबसाईट से ऑनलाइन टीए डीए मेडिक्लेम किया जा सकता है !
इस वेबसाइट के दो वेबपेज हैं –
पहला जो की केवल विभाग के लिए है = http://paymanager.raj.nic.in/
दूसरा जो की सबके लिए है (कार्मिक) = http://paymanager2.raj.nic.in/

अगर आपको अपनी एम्प्लोयी आईडी ही पता नहीं है तो यहाँ से जानें –

दुसरे पेज पर जानकर अपनी एम्प्लोयी आईडी और पासवर्ड डालें !

पासवर्ड क्या है ?

निम्न दो में से एक डाल कर देखें =

  • सेलरी बैंक अकाउंट के आखिरी चार अक्षर (last four digits of salary bank account)
  • जन्मतिथि DDMMYYYY (Date of birth in this format)

अब आप पे मैनेजर की सेवाओं का लाभ ले सकते हैं 🙂

अपना GA55 कैसे प्राप्त करें ? यहाँ से जानें –

Dearness allowance hike DA Rajasthan July 2018

केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद राजस्थान सरकार ने भी 10 सितम्बर 2018 को दो फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं !
यह बढ़ा भत्ता जुलाई 2018 से दिया जायेगा, पीछे का भत्ता भी मिलेगा एरियर के रूप में !

आरएमआरएस में पैसा आना नहीं आसान

आरएमआरएस को माना जायेगा NGO ।इसके लिए इसे रजिस्टर करना होगा NGO DARPAN वेबसाइट पर जहां से मिलेगा यूनिक आईडी नम्बर, उसी के बाद इसमें आ सकेगा पैसा ।