Regarding removal of pay discrepancies of serving Resident Doctors (CAS PG)

सेवारत रेजिडेंट चिकित्सकों (CAS PG) की वेतन विसंगतियां दूर किए जाने के संबंध में-

1.    सेवारत चिकित्सकों को पीजी अध्ययन के लिया अध्ययन (MD/MS/DM/MCH) अवकाश स्वीकृत करने पर उनको चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित दर पर स्टाइपेंड का भुगतान किया जा सकेगा परंतु स्टाइपेंड की राशि अध्ययन अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व प्राप्त वेतन एवं अध्ययन अवकाश पर देय वेतन की अंतर राशि अधिक नहीं होगी। यह भी सुनिश्चित कर लिया जावे कि उक्त व्यवस्था किए जाने पर स्टाइपेंड के मूल नियमों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता हो। ” There will be deduction in salary for the period of boycott of work”

2.    जिन चिकित्सा अधिकारियों को राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 110 के प्रावधान के अंतर्गत अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया गया है उन सेवारत पीजी अध्यनरत चिकित्सकों की अंतिम परिलब्धियों की गणना अध्ययन अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व प्राप्त मूल वेतन, मकान किराया, भत्ता, नगर क्षतिपूर्ति भत्ता, अन्य देय भत्तों एवं समय-समय पर देय महंगाई भत्ते के आधार पर की जाएगी तथा इस प्रकार की गणना की गई परिलब्धियों में से अध्ययन अवकाश पर देय वेतन (मूल वेतन की 50%) एवं इस राशि पर समय-समय पर देय महंगाई भत्ता एवं एमपी की राशि कम कि जाकर अंतर राशि स्टाइपेंड के रूप में दी जाएगी। चिकित्सा अधिकारियों को अध्ययन अवकाश वेतन (अर्द्ध वेतन) के साथ देय स्टाइपेंड की राशि की की गणना निम्नानुसार की जावेगी :–

i.    अध्ययन अवकाश प्रस्थान के समय का मूल वेतन ।

ii.    उस पर समय-समय पर निर्धारित दरों के अनुसार महंगाई भत्ता। अध्यन अवकाश प्रस्थान के समय प्राप्त एमपी ।

iii.    अध्यन अवकाश के समय प्राप्त मकान किराया भत्ता एवं नगर क्षतिपूर्ति भत्ता (यदि देय हो )

iv.    योग 1 से 4

v.    घटाइए

Doctors did Yoga and Surya Namaskar

जयपुर मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग धाकड़ की अध्यक्षता में शहीद दिवस पर रविवार को चिकित्सकों ने खुद के स्वास्थ्य से सम्बंधित जागरूकता के लिए एसएमएस अस्पताल के जेएमए सभागार में योग व सूर्यनमस्कार का आयोजन किया गया I आयोजन में टीचर्स एसोसिएशन, रेजिडेंट डॉक्टर्स ने काफी संख्या में भाग लिया I आयोजन में डॉ. धीरज जैफ ने योग इंस्ट्रक्टर की भूमिका निभाई जिसमें डॉ. अंजलि व डॉ. कृष्णा धाकड़ सहायक की भूमिका में रहें I

Post MBBS Diploma

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National Board of Examination in Medical Sciences (NBEMS) launched Post MBBS two-year Diploma courses in the following eight Broad specialties:
  • Anesthesiology.
  • Obstetrics & Gynaecology.
  • Paediatrics.
  • Family Medicine (D. Fem. Med).
  • Ophthalmology.
  • Otorhinolaryngology (ENT)
  • Radio Diagnosis.
  • Tuberculosis & Chest Disease.

Government of India (MOHFW) Gazette
NBE Notification
NBE Information Bulletin
NMC Schedule 1
NMC Schedule 2
NMC Schedule 3
CPS Recognition
THE INDIAN MEDICAL COUNCIL ACT, 1956

Seat Matrix of MD/MS/Diploma
Fee and Accounts of Institutes

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मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंसी के लिए जरुरी है एक वर्ष की सेवा

जयपुर (राज.) अक्टूबर 2019

जनवरी 2019 से पूर्व में मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंसी करने हेतु मिनिमम एक साल की सेवा की बाध्यता थी लेकिन जनवरी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को राहत दी थी कि कभी भी सीनियर रेजीडेंसी हेतु एनओसी के लिए आवेदन कर सकते हैं, इसके बाद अत्यधिक संख्या में चिकित्सक एनओसी के लिए आवेदन करने लगे, चूँकि चिकित्सा शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की मिनिमम अहर्ता एक साल की सीनियर रेजीडेंसी है |

चिकित्सा शिक्षा विभाग में सेवा देना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुकाबले आसान है और इसे ज्यादा प्रोफेशनल माना जाता रहा है, इसी कारण चिकित्सकों का रुझान एक साल की सीनियर रेजीडेंसी की तरफ बढ़ने लगा और वे एनओसी के लिए भाग दौड़ करने लगे, बताया जाता है कि जल्दी और पुख्ता एनओसी दिलवाने के रैकेट भी विभाग में पनप गए थे, चिकित्सा विभाग चाहता है कि सेवारत चिकित्सक विभाग से यूँही पलायन न करें, कुछ सेवा तो दें, इसीलिये एक साल तक की सेवा करने के नियम को वापस लाया गया है, इससे सेवारत चिकित्सकों को एक साल सेवा देनी होगी जिससे ग्रामीण जनता को अधिक विशेषज्ञ सेवाएँ मिलेंगी 🙂

आदेश संलग्न है –

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दोस्ती की मिशाल : बीमार साथी डॉक्टर को दी 45 लाख की मदद

शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर अजय जरयाल, को ब्रेन ट्यूमर हुआ, जिसके लिए पहले उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज लिया और उसके बाद प्रोटोन कैंसर थेरेपी के लिए अपोलो चेन्नई में भेजा गया, जिसमें करीब 30 लाख रुपये का खर्चा आना था, जिसे चुकाना डॉ. जरयाल के लिए असंभव था | साथी चिकित्सकों ने इलाज के पैसे इकट्ठे करने के लिए मुहीम छेड़ी और करीब 45 लाख रुपये कि सहयोग राशि एकत्र कर ली 🙂

डॉ. जरयाल ने असोसिएशन के अध्यक्ष रहते चिकित्सकों के बहुत से मुद्दों पर लम्बी लडाइयां लड़ी हैं, चाहे वो वर्किंग कंडीशन्स सुधारने की बात हो या हॉस्टल की अथवा सेलरी से संबंधित मुद्दे, वे हमेशा डॉक्टरों के लिए खड़े रहे |

डॉ. जरयाल ने जूनियर और सीनियर साथियों को धन्यवाद दिया है |

फिर एक बार साबित हो गया कि एक चिकित्सक की परेशानी में सभी चिकित्सक साथ देते हैं 🙂

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Study Leave

Study leave will be admissible to a permanent  Government servant to pursue  course  of study or investigation of a scientific or technical nature which  in the opinion  of  the  sanctioning authority is   considered necessary in the public interest  for the working of the department  in which he is employed.  It will not be granted to a Government  servant who is due to attain the age of superannuation from Government service within  five years  of the date on which he is  expected  to return to duty after expiry of study leave. Study leave will not be admissible  to an employee who has attained the age of above fifty two years. A bond shall be executed by the employee before   sanctioning authority for serving minimum period of five years in the form of bond given  in  Appendix – XVIII  of RSR Vol. -II.

Provided that  if a permanent Government servant does not want  to avail study leave  and he desires  to pursue  course  of study or investigation of a scientific or technical nature by availing Extra  Ordinary Leave  (EOL ), he may be allowed EOL for this purpose  without  any restriction of serving  State Government  for any period on expiry of EOL.  If  such Government servant does not join  duty after expiry of EOL and  seeks  voluntary retirement from Government service, the period of EOL will  not  count  for  any  purpose  i.e.  for pension and for advance increments  for acquiring higher  qualification admissible, if any.

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