NMC Memorandum for fees of deemed and private colleges

After extensive consultations, it has been decided that the Fee of the 50% seats in the Private Medical College & Deemed Universities should be at par with the Fee in the Government Medical Colleges of that particular State & UT.

Rajasthan Fee Regulating Committee

Rajasthan Seats of Government and state quota

Karnataka Example

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Post MBBS Diploma

know everything

National Board of Examination in Medical Sciences (NBEMS) launched Post MBBS two-year Diploma courses in the following eight Broad specialties:
  • Anesthesiology.
  • Obstetrics & Gynaecology.
  • Paediatrics.
  • Family Medicine (D. Fem. Med).
  • Ophthalmology.
  • Otorhinolaryngology (ENT)
  • Radio Diagnosis.
  • Tuberculosis & Chest Disease.

Government of India (MOHFW) Gazette
NBE Notification
NBE Information Bulletin
NMC Schedule 1
NMC Schedule 2
NMC Schedule 3
CPS Recognition
THE INDIAN MEDICAL COUNCIL ACT, 1956

Seat Matrix of MD/MS/Diploma
Fee and Accounts of Institutes

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Medical and Non medical teachers conflict – Explained MCI

मेडिकल कॉलेजों में नोन क्लिनिकल विषयों में कितने प्रतिशत टीचर्स हो सकते हैं नॉन मेडिकल फील्ड से ?

Anatomy, Physiology, Pharmacology & Microbiology : Non-medical teachers may be appointed to the extent of 30% of the total numbers of the posts in the department.

In the Biochemistry department : Non-medical teachers may be appointed to the extent of 50% of the total numbers of the posts in the department.

* Such candidates after appointment as Assistant Professor may be promoted to higher teaching post, subject to the condition that they possess the Ph.D. degree in the subject.

MCI order attached below –

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मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में राजस्थान देशभर में अव्वल

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ.समित शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक एवं अतिरिक्त सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भारत सरकार ने श्री रोहित कुमार अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा इस योजना को राजस्थान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयन्ती पर 2 अक्टूबर 2011 से राजस्थान में प्रारम्भ किया गया था।

जनसामान्य को दवाईयों के भारी खर्च से बचाने और उनको राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रदेश में इस योजना की परिकल्पना की गई थी। तब से यह योजना राज्य में सफलतापूर्वक संचालन के 9 वर्ष पूर्ण कर चुकी है।

राजस्थान में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना का अध्ययन 18 राज्यों के प्रतिनिधि एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि यहां आकर कर चुके हैं। कुछ ही समय पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा के सलाहकार श्री पेट्रिक गेसपार्ड ने भी बस्सी और जयपुर में इस दवा योजना के क्रियान्वयन को प्रत्यक्ष रूप से देखा था। हाल ही में स्विट्जरलैण्ड के जेनेवा में भी चिकित्सा मंत्री श्री रघु शर्मा ने इसके बारे में प्रस्तुतीकरण दिया था। 

मिशन निदेशक ने बताया कि केन्द्र सरकार ने एनएचएम में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा और मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना को शामिल किया है। जो राज्य इन योजनाओं को अपने यहां लागू करना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय सहायता एनएचएम के अन्तर्गत प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया राजस्थान में 750 से अधिक दवाइयां मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत प्रदान की जा रही हैं। जो भारत में सर्वाधिक है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत विधानसभा में इन दवाओं एवं जांचों की संख्या बढाने की भी घोषणा कर चुके हैं। आचार संहिता समाप्त होने के बाद इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। योजना के सफल संचालन के लिए “एमएनडीवाई सेल” की स्थापना भी की गयी है ।

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री और मिशन निदेशक पहुंचे स्विट्ज़रलैंड –

Partick gaspard meeting with Dr. samit sharma, MD NHM

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राजस्थान के चिकित्सा मंत्री और मिशन निदेशक पहुंचे स्विट्ज़रलैंड

राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा और मिशन निदेशक, एनएचएम डॉ. समित शर्मा WHO की 72वीं वार्षिक World Health Assembly में हिस्सा लेने स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा मुख्यालय पर पहुंचे, इस असेम्बली का आयोजन 20 से 29 मई 2019 तक किया जा रहा है | World Health Assembly एक अहम हिस्सा है WHO का, जिसमें दुनिया के सभी देशों के सदस्य हिस्सा लेते हैं और WHO की पॉलिसीज की जानकारी लेते हैं, साथ ही वित्तीय कार्यकर्मों की समीक्षा भी करते हैं | इस साल सदस्य देशों ने तीन प्रस्ताव पारित किये हैं –
1. प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से युनिवर्सल हेल्थ कवरेज करना
2. कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स की उचित भागिरदारी
3. युनिवर्सल हेल्थ कवरेज पर सितम्बर 2019 में उच्च स्तरीय बैठक आयोजन

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा ने रविवार 19 मई को शाम 04:30 बजे से 08:00 बजे तक डिस्कशन में भाग लिया, इसमें इथिओपिया के अधिकारी भी थे | इस स्तर का आयोजन CIFF और Jhpiego के सहयोग से जेनेवा के Maison de la Paix Meeting centre, Room C1 में किया गया था |

Discussion Topic – “The Right to Be Born Healthy”

डिस्कशन का मुख्य विषय यह था कि कैसे भारत और इथियोपिया जैसे देश किस तरह से मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु को किस तरह कम कर रहे हैं और युनिवर्सल हेल्थ कवरेज को बढाने के लिए रिप्रोडक्टिव, मेटरनल और न्यूबोर्न/चाइल्ड हैल्थ में क्या अच्छी प्रेक्टिस इस्तेमाल कर रहे हैं साथ ही किस किस स्ट्रेटेजी से प्रसवपूर्व सेवाएँ दे रहे हैं एवं संस्थागत प्रसवों को बढ़ावा दे रहे हैं |

चिकित्सा मंत्री ने डिस्कशन में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना (MNDY) के बारे में जानकारी दी तब इस योजना की सर्वाधिक सराहना हुई । मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना पिछली गहलोत सरकार कि महत्वकांक्षी योजना है जिसमें प्रदेश की जनता को मुफ्त दवा एवं सर्जिकल्स उपलब्ध करवाए जाते हैं, यह योजना फिर से सरकार कि अगड़ी योजनाओं में से है, जिसके सुदृढ़ीकरण के लिए “एमएनडीवाइ सेल” का गठन किया गया है, साथ ही नयी डीडीसी खोलने तथा मेन-पॉवर (फार्मासिस्ट/कंप्यूटर ओपरेटर/हेल्पर) लेने कि प्रक्रिया जारी है । जननी शिशु सुरक्षा योजना भी काफी सराही गयी ।

डॉ. रघु शर्मा देश के अकेले स्वास्थ्य मंत्री थे जिन्होंने इस असेम्बली में हिस्सा लिया है ।

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Medical Council of India Gazette notification for Rural area

नीट पीजी में प्रवेश हेतु सेवारत चिकित्सकों को बोनस अंकों का प्रावधान एमसीआई द्वारा किया गया है, संशय यह था कि किन इलाकों में कार्यरत चिकित्सकों को यह लाभ दिया जाए ? चूँकि संविधान के अनुसार हेल्थ एक स्टेट सब्जेक्ट है यानि सभी पालिसी स्टेट को बनानी होती हैं | हर स्टेट के अपने अलग क्राइटेरिया हैं | ज्यादातर जगहों को ग्रामीण, दुर्गम, दूरस्थ, पहाड़ी, ट्राइबल, रेगिस्तानी आदि इलाकों में विभाजित किया गया है | 2018 से पूर्व में एमसीआई ने केवल दुर्गम अथवा दूरस्थ इलाकों को ही बोनस अंक के योग्य माना था लेकिन 05.04.2018 के गैजेट नोटिफिकेशन में इसे ग्रामीण अथवा दुर्गम अथवा दूरस्थ कर दिया गया है | यानि जो भी ग्रामीण भत्ते के हक़दार हैं वे बोनस अंको के भी हक़दार हैं | ग्रामीण क्षेत्रों को परिभाषा राज्य के अधीन आती है जिसके अन्तर्गत आने वाले संस्थाओं को हर वर्ष नोटिफाई किया जाना होता है क्यूंकि कई जगह नए संस्थान खुल जाते हैं तथा कुछ संस्थान ग्रामीण की परिभाषा से बाहर भी हो सकते हैं |

What is Rural Area & Allowance in Rajasthan ?

MCI Rural Gazette notification attached below –

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नीट पीजी काउंसलिंग और वकीलों की चांदी

मेडिकल पीजी की एक सीट करोड़ रुपये की मानी जाती है, सो साफ़ है कि हर सीट के लिए घमासान होता है, ब्रांच का लालच हो या पीजी का तमगा, ख़ास तो होता ही है, अगर इसके लिए पढाई के साथ कुछ क़ानूनी लड़ाई में पैसे खर्च हो जाएँ तो भी कम ही हैं | लगभग हर साल ही काउंसलिंग कोर्ट में घसीटी ही जाती है, कोर्ट यानी वकील, वकील यानि मोटी फीस, वो भी नकद में | हर वकील सोचता है कि डॉक्टरों के पास पैसों की क्या कमी ? सो तैयार रहते हैं, हालांकि सरकारी ग्रामीण भत्ताधारी चिकित्सकों के पास कहाँ पैसा है लेकिन वकील उनकी तुलना जयपुर के एसएमएस वाले मोटे डॉक्टरों से करते हैं, सो बेचारे सरकारी डॉक्टर चंदा चपाटी करके ये फीस चुकाते हैं | पिछले तीन साल में केस जयपुर से दिल्ली तक गए और फीस लाखों से करोड़ों तक गयी | इसी बीच जयपुर में कुछ युवा वकीलों ने मेडिकल लाइन में ही कैरियर बनाने कि ठानी और वे दिल्ली की सभी सुनवाइयों में खुद के खर्चे पर जाने लगे, मकसद यह दिखाना कि हम मेडिकल के केसों के जानकार हैं, पधारो म्हारे ऑफिस, कई कॉलेज वाले छात्र उनके यहाँ पधारने लगे | एक युवा वकीलन ने तो मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के आस पास फ्रेशर ढूंढने कि कोशिश करी ताकि एक बार कैसे भी मामले को खुद के पैसे खर्च करके भी कोर्ट में पटक दिया जाए ताकि फिर एक बार माहौल बन जाए तो वो दिल्ली तक जाए, कैरियर भी बने और कैशियर भी | यानि जबरदस्ती शुरुआत की कोशिश की जा रही है जबकि राजस्थान में कोई किसी भी तरह का केस बनता ही नहीं, गिने चुने सेवारतों के काम चलाऊ नंबर आये हैं, फील्ड से ज्यादातर लोग कॉलेजों में जा चुके हैं, अब बचे ही बहुत कम हैं, जो हैं वे भी एक दो साल में ही आये हैं | अतः सावधान रहें, चांदी बचा कर रखें |

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Impact of Tamilnadu High Court decision in Rajasthan about NEET PG bonus marks

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के गैजेट नोटिफिकेशन की अनुपालना में सेवारत चिकित्सकों को पीजी कोर्सेज में प्रवेश हेतु लगने वाली नीट परीक्षा में उनके प्राप्तांकों के प्रतिशत के रूप में बोनस अंक दिए जाते हैं | राजस्थान राज्य में कार्यरत सेवारत चिकित्सकों को 1 साल के 10% तथा अधिकतम 3 साल के 30% अंक बोनस के रूप में दिए जाते हैं | पिछले साल के मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के गैजेट नोटिफिकेशन के अनुसार सभी रूरल/ग्रामीण सेवारत चिकित्सकों को बोनस अंक का हक़ है, चूँकि राजस्थान ऐसा राज्य है जिसमें पहले से ही इलाकों को पहाड़ी, दुर्गम, दूरस्थ और ग्रामीण (Hilly/Difficult/Remote/Rural) में बांटने के बजाय केवल ग्रामीण क्षेत्र में ही बांटा गया है जिसका आधार केवल ग्रामीण भत्ते (Rural Allowance) को माना गया है यानी जिसे यह भत्ता देय है वह बोनस अंक का हकदार है |

देखा जाए तो यह एक बड़ी पालिसी है जो एमसीआई के गैजेट और  ग्रामीण भत्ते पर टिकी है, साथ ही पिछले सालों के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में भी इन दोनों को ही सही ठहराया गया है, ऐसी स्थिति में राजस्थान में 10-20-30 बना रहेगा, वो भी हर स्थिति में |

तमिलनाडु हाईकोर्ट की कमेटी ने किया बोनस अंक प्रक्रिया में बदलाव

What is Rural Allowance in Rajasthan ?

MCI “Rural” word Gazette Notification is here

नीट पीजी 2019 के रिजल्ट के बाद सेवारत चिकित्सकों में क्यों है सन्नाटा ?

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What are ten threats to global health in 2019 ?

List below –

दुनिया में बहुत से हैल्थ चेलेन्जेज हैं, इन सभी से निपटने के लिए WHO ने अपना तेरहवां पंचवर्षीय General Programme of Work (2019-23) जारी किया है जो कि मुख्य तौर पर तीन बातों पर फोकस करेगा –

  1. एक बिलियन लोगों को युनिवर्सल हेल्थ कवरेज देना
  2. एक बिलियन लोगों को हेल्थ एमरजेंसीज से बचाना
  3. एक बिलियन लोग अच्छी हेल्थ से जी पावें

इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई प्रकार की हेल्थ थ्रेट्स से निपटना जरुरी है |

2019 में जो सबसे बड़ी हेल्थ थ्रेट्स हैं वो ये हैं जिनसे निपटना ही होगा –

List of ten who threats 2019
Air pollution and climate change
Noncommunicable diseases
Global influenza pandemic
Fragile and vulnerable settings
Antimicrobial resistance
Ebola and other high-threat pathogens
Weak primary health care
Vaccine hesitancy
Dengue
HIV

Source and detailed information – WHO

Amarnath Yatra Duty for Doctors

प्रतिवर्ष कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में अमरनाथ यात्रा जून-जुलाई-अगस्त माह में होती है, यह रक्षाबंधन के दिन संपन्न विधिवत मानी जाती है (60 Days), इसमें देश विदेश से यात्री अमरनाथ नामक गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले शिवलिंग के दर्शनार्थ जाते हैं, वर्ष 2018 में 285006 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किये | इस यात्रा के दो रास्ते हैं, एक पहलगाम से गुफा (करीब 40 किमी) दूसरा बालटाल से गुफा (करीब 15 किमी), दोनों रास्ते दुर्गम हैं जिनमें पैदल या खच्चर की सहायता से जाया जा सकता है, इन दोनों रास्तों में हर चार पांच किमी पर यात्रियों हेतु मेडिकल कैम्प बने होते हैं (कुल 28 कैम्प)जिनमें डॉक्टर सहित स्टाफ मय दवाइयां उपलब्ध रहता है, कश्मीर सरकार के पास पर्याप्त डॉक्टर/स्टाफ उपलब्ध ना होने की स्थिति में वे पड़ोसी राज्यों से इन्हें डेपुटेशन पर लेते हैं, यात्रा को ड्यूटी के हिसाब से दो चरणों में बांटा जाता है, एक एक महीना, जिनके लिए स्टाफ तैनात किया जाता है | सामान्यतया राजस्थान के स्टाफ को द्वितीय चरण में लगाया जाता है क्यूंकि उस समय वहां मौसम अनुकूल रहता है (करीब शून्य से ऊपर) | यात्रा में जाने हेतु किराया भत्ता, दैनिक भत्ता (दिन के हजार के करीब) राज्य सरकार के नियमानुसार देय होता है जो यात्रा पश्चात बिल प्रस्तुत करने पर दिया जाता है (बाबूराज) | श्रीनगर की फ्लाईट ले सकते हैं (किराया मेडिकल ऑफिसर्स को ट्रेन AC का ही मिलेगा), वहां से पहलगाम पहुंचें, अथवा ट्रेन से जम्मू वहां से बस/टेक्सी से अनंतनाग और फिर पहलगाम पहुंचें, बालटाल रूट वाले श्रीनगर से बालटाल जा सकते हैं वहां से (बालटाल और चन्दनबाड़ी के बाद) आगे अपने ड्यूटी स्थल तक पहुँचने के लिए पैदल चल सकते हैं अथवा खच्चर ले सकते हैं, ड्यूटी स्थल पर फार्मासिस्ट (इंचार्ज), नर्सिंग स्टाफ आदि करीब सात लोग होते हैं, यहीं पर जेके पुलिस/आर्मी/बीएसएफ/सीआरपीएफ की टुकड़ी और उनके भी डॉक्टर होते हैं, बड़ी जगहों तथा बेस अस्पतालों में एक से ज्यादा डॉक्टर रहते हैं लेकिन ज्यादातर जगह एक भी होता है, ज्यादातर मरीज हाइपोथर्मिया या सांस की दिक्कत वाले आते हैं, कुछ गिरकर चोट खाए, रेफ़र करके के लिए हेलिकोप्टर उपलब्ध है, स्टाफ भी यात्रा के दौरान बाबा के दर्शन करके आ सकता है (आना चाहिए) ड्यूटी दौरान खान पान हेतु सामग्री कश्मीर सरकार द्वारा मुहैया करवाई जाती है (चावल-दाल-राजमा-आदि) जिसे स्टाफ द्वारा ही बनाया जाता है (एक एमपीडब्लू नियुक्त), हालाँकि यह खाना राजस्थानियों को ज्यादा हजम नहीं होता है, सो वो आस पास चल रहे मुफ्त भंडारों का लाभ ले सकते हैं, कुल 28 कैम्प में से करीब 18 में ही भंडारा सुविधा है बाकी को थोड़ी दिक्कत आ सकती है, इसी तरह मोबाइल नेटवर्क भी कुछेक जगह ही है, वो भी BSNL Post-paid | मौसम और दृश्य शानदार हैं, बर्फ पिघल रही होती है, आप स्वर्ग में हैं, 12000 ft से ज्यादा ऊंचाई के कारण ओक्सिजन कम है, सो ज्यादा घूम नहीं सकते, बस टेंट में रहो, टेंट में हीटर-रजाई-गद्दे-किचन होंगें, जुगाड़ हो सके तो सप्ताह में एक बार नहा लो, एक जैकेट दो पाजामे चार टीशर्ट में महीना कट जायेगा, दाढ़ी वापस आकर बना लेवें, जै बाबा की बोलते रहो |

ड्यूटी, सेवा, घुमाई, सुकून, मेडिटेशन का बेजोड़ संगम है अमरनाथ यात्रा, जिन्दगी भर याद रहने वाला अनुभव | शादीशुदा एवं उम्रदराज (जिम्मेदार) साथीयों के बजाय कुंवारे लोग ज्यादा एन्जॉय मार सकते हैं, हालांकि गुटखा, तेलिय पदार्थ, मांस-मदिरा पूरी तरह प्रतिबंधित हैं |

वर्ष 2019 के दो चरणों में राजस्थान से प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले मेडिकल स्टाफ की लिस्ट जारी कर दी गयी है, जो कि नीचे संलग्न है –

ज्यादा जानकारी के लिए अमरनाथ श्राइन की वेबसाइट देखें – http://www.shriamarnathjishrine.com/

राजस्थान अमरनाथ यात्रा नोडल ऑफिसर हेल्प लाइन – 9782121971

इच्छुक स्टाफ अपने जिले के सीएमएचओ के मार्फ़त आवेदन करे अथवा हेल्पलाइन पर संपर्क करे |

Credit :

उपरोक्त जानकारी हमें, डॉ. जितेन्द्र बगडिया द्वारा दी गयी है, जिन्होंने यात्रा में अपनी सेवाएँ दी हैं |
पोस्ट – EAC, Poshpathri, Pahalgam Axis, 2nd round July-August 2014.