Posts

Ambulance conditions are not well in Kanpur

RTO notice to Kanpur‘s health department’s negligence, every third ambulance unfit, playing with the lives of serious patients

22.07.2022
एक तरफ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक स्वास्थ्य विभाग में हो रही लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपना रहे। वहीं, दूसरी तरफ एंबुलेंस लड़खड़ाती व्यवस्था पर ध्यान ही नहीं है। जिले में रजिस्टर्ड 444 में 156 यानी 38 फीसदी एबुंलेंस अनफिट मिली हैं। इसमें 47 एसी वाली हैं जिनकी फिटनेस एक साल पहले ही खत्म हो चुकी है, बावजूद मरीज ढोए जा रहे हैं।परिवहन अफसरों ने चेतावनी पत्र जारी किया है कि सात दिन के भीतर फिटनेस न कराने पर सभी को एमवी एक्ट की धारा 53 को नोटिस जारी होगा और तीस दिन के भीतर फिटनेस न कराने पर वाहनों का पंजीयन निलंबित और इसके बाद भी न कराने पर पंजीयन निरस्तीकरण का नोटिस जारी होगा। इस साल फरवरी से नियमावली में संशोधन हुआ और प्रमाणपत्र सीएमओ द्वारा जारी किया जाने लगा। एंबुलेंस में लगे उपकरणों का फिटनेस प्रमाणपत्र सीएमओ द्वारा दिया जाता है तो वाहन फिटनेस का सर्टिफिकेट आरटीओ से जारी होता है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Mock drill for corona in Ranchi’hospital

Mock drill for corona will be done in all hospitals of Ranchi

राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर तेजी आ गई है। रांची का पॉजिटिविटी रेट जहां पिछले सप्ताह (4-10 जुलाई) 10 से बढ़कर 14.50 प्रतिशत पहुंच चुका है, वहीं कोडरमा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम का पॉजिटिविटी रेट 3 प्रतिशत पार कर गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने सरकार के सभी कोविड अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करने एवं अगले 60 दिनों का आकलन कर आवश्यक तैयारी का निर्देश दिया है।

चिकित्सक हर समय उपलब्ध रहें

उपलब्ध ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटिलेटर, पीएसए प्लांट की क्रियाशीलता आकलन के लिए सभी चिकित्सा संस्थानों में मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया गया है। संसाधनों के समुचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित पारामेडिकल एवं चिकित्सक हर समय उपलब्ध रहें, सभी जिलों को इस कार्य के लिए पूर्व में ही आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। सचिव ने राज्य के सभी उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार को इस बाबत पत्र लिखा है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Corona in gujarat

816 new corona patients in Gujarat, two died

गुजरात में गुरुवार को कोरोना के नए 816 मामले सामने आए हैं, जबकि अहमदाबाद में दो मरीजों की मौत भी हो गई। राज्य के विविध हिस्सों में महामारी के कारण 10 मरीज वेंटिलेटर पर भी उपचाराधीन हैं। यह संख्या पिछले दिनों की तुलना में अधिक है।

नए मरीजों में सबसे अधिक 318 अहमदाबाद जिले के (शहर के 312) हैं। मरीजों के मामले में वडोदरा जिला दूसरे स्थान पर हैं। इस जिले में 24 घंटे में सामने आए 91 में से शहर के 51 हैं। सूरत जिले में 77 (शहर के 52), मेहसाणा जिले में 56, राजकोट में 49. गांधीनगर में 25, कच्छ में 24, पाटण में 21, वलसाड में 21, भावनगर में 20, आणंद 16, भरुच में 15, जामनगर में 13, अमरेली में 12, नवसारी 11, मोरबी 10, बनासकांठा आठ, पोरबंदर सात, अरवल्ली एवं देवभूमि द्वारका में पांच-पांच, खेड़ा एवं सुरेन्द्रनगर में तीन-तीन, साबरकांठा एवं तापी में दो-दो, गिरसोमनाथ एवं पंचमहाल जिले में एक-एक मरीज की पहचान हुई है। जबकि सात जिलों में गुरुवार को एक भी नया मरीज सामने नहीं आया है। अहमदाबाद शहर में इस महामारी के चलते दो लोगों की मौत हो गई। जिससे राज्य में कोरोना के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या 10956 हो गई है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Diarrhea&stomach pain increased in Gwalior

Stomach pain, diarrhea patients increased in Gwalior, 202 patients on 140 beds in district hospital

मौसम में आ रहे बदलाव के चलते इन दिनों सर्दी, खांसी, डायरिया के साथ पीलिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। हालात यह हो गए है कि जिला अस्पताल और सिविल अस्पतालों मे पलंग फुल हो गए हैं। वहीं मरीजों को अब गैलरी तक में पलंग पर इलाज दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में 140 पलंगों में से 202 मरीज अपना इलाज करा रहे है। इसमें से मौसमी बीमारी से लगभग 50 मरीज भर्ती हैं। इसमें अधिकांश को उल्टी, दस्त के साथ अन्य बीमारियों ने घेर कर रख लिया है। इसमें से कई मरीज तो तीन से चार दिनों से यही पर भर्ती है। इसके साथ ही सिविल अस्पताल हजीरा में भी 30 पलंगों में सभी फुल हैं। इसमें बीस के आसपास पेट दर्द और डायरिया के मरीज भर्ती हैं। पिछले आठ दिनों से इन बीमारियों के मरीजों की संख्या तजी से बढ़ी है। उमस और गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं साफ पानी नहीं पीने से कई मरीजों को डायरिया के साथ अन्य बीमारियों ने घेर लिया है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Aam Aadmi clinic started in chandigarh from fifteenth of august

AAP‘s government has got ready ’Aam Aadmi Clinic’ in Chandigarh, 75 Mohalla clinics will run from August 15

आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पंजाब में ‘आम आदमी क्लीनिक’ तैयार करा रही है। सरकार का कहना है कि, इनमें लोगों को घर के नजदीक बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। राज्यभर में ऐसे लगभग 75 मोहल्ला क्लीनिक 15 अगस्त से चालू होंगे। एक क्लीनिक की पहली तस्वीर सामने आ चुकी है।पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि, पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार द्वारा तैयार किए गए आम आदमी क्लीनिक के अंदर डॉक्टर रूम भी बनाया गया है। इस तरह के मोहल्ला क्लीनिक 15 अगस्त से शुरू होंगे। शुरूआत में 75 मोहल्ला क्लीनिक खोले जा रहे हैं। इनका नाम पार्टी से जोड़ते हुए ही ‘आम आदमी क्लीनिक’ रखा गया है। दरअसल, आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में मोहल्ला क्लीनिक बनेंगे। शहरों में वार्ड क्लीनिक और गांवों में पिंड क्लीनिक बनाए जाएंगे। शुरूआत में हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक मोहल्ला क्लीनिक का ऐलान हुआ।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

First sport Injury center in bhopal’s hamidia hospital

First Sports injury Center will open in Bhopal’s Hamidia Hospital

21.07.2022
सालों पहले चर्चित सचिन तेंदुलकर की कोहनी की टेनिस एल्बो चोट या फिर एथलेटिक्स में ग्रोइन इंजरी हो। खिलाडिय़ों को इन चोट के बाद कॅरियर पर भी खतरा मंडराने लगता है। ऐसे में खिलाड़ी इन चोटों से जल्दी उबरने के लिए विदेशों के स्पोर्ट्स एंजरी सेंटर क रुख करते हैं। लेकिन अब खिलाडिय़ों को विदेश जाने की जरूरत नहीं है, राजधानी के हमीदिया अस्पताल में भी खिलाडिय़ों को इन चोटों से उबारा जाएगा। दरअसल, हमीदिया अस्पताल में प्रदेश का पहला स्पोर्ट एंजरी सेंटर का निर्माण किया जाना है। हालांकि इसकी कवायद बीते एक साल से चल रही है, लेकिन सोमवार को इस सेंटर के लिए जीएमसी प्रबंधन ने दो पीजी सीटों के लिए आवेदन किया। पीजी सीट मिलने के बाद यहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कोर्स भी शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि देश में स्पोर्ट्स एंजरी सेंटर की कमी के चलते भारत सरकार ने भोपाल सहित देशभर में पांच सेंटरों को मंजूरी दी है।

यह मिलेंगी सुविधाएं

30 बेड का वार्ड : सेंटर में 30 बेड का वार्ड बनाया जाएगा। इसमें कुछ बेड गंभीर मरीजों के लिए रखे जाएंगे। सभी बेड में मॉनिटर व अन्य जरूरी सुविधाएं रहेंगी।

फि जियोथैरेपी और किचन : फिजियोथैरेपी के लिए विशेष यूनिट होगी जो चोट को उबारने के लिए सबसे जरूरी है। खिलाडिय़ों के लिए विशेष डाइट प्लान तैयार किया जाएगा।

पीजी कोर्स : एमडी स्पोर्ट्स मेडिसिन में पीजी डिग्री कोर्स शुरू किया जाएगा। इसमें दो सीटें होंगी। इस कोर्स के लिए मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी की मान्यता मिल गई है।

भारत सरकार ने स्पोर्ट एंजरी सेंटर के लिए राशि दी है। देश में सिर्फ दो स्पोर्ट एंजरी सेंटर हैं। इसके लिए पीजी सीट के लिए भी आवेदन किया गया है। – डॉ. आशीष गोहिया, अधीक्षक हमीदिया अस्पताल

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ ऑर्थोपेडिक्स में होगा सेंटर : जानकारी के मुताबिक इस सेंटर को टीबी अस्पताल में बनने वाले प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ ऑर्थोपेडिक्स में बनाया जाएगा। यह सेंटर हमीदिया अस्पताल में हड्डी रोग विभाग के अधीन काम करेगा।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Dengue and malaria in Gaziabaad

Health department alert regarding the increasing danger of dengue and malaria in Ghaziabad district

21.07.2022
जिले में डेंगू और मलेरिया फैलने की आशंका स्वास्थ्य विभाग को सताने लगी है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 20 लोगों की टीम तैयार की है। टीम को उन इलाकों में सर्वे करने के लिए लगाया गया है, जहां पर डेंगू और मलेरिया फैलने की ज्यादा आशंका है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 70 इलाकों को संवेदनशील माना गया है। जहां विभाग की यह टीम अति उन संवेदनशील 70 इलाकों में पहुंचकर कूलर, एसी, किचन और घर में रखे गमलों का निरीक्षण कर रही है। इसी कड़ी में रेलवे स्टेशन के पास और हर साल में बनी नर्सरी में डेंगू का लार्वा मिला। जिसपर संबंधित को नोटिस जारी किया गया। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह के मोड पर आ गई।

डेंगू का लार्वा तलाशने का रूट चार्ट तैयार
सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि डेंगू की जांच के लिए 1000 किट एनआईबी पुणे से गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हो चुकी है और घर-घर जाकर डेंगू का लार्वा तलाशने का रूट चार्ट तैयार करते हुए इस पर तेजी से कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं कांवड़ मार्ग पर 5 टीम जांच, सर्वे और कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ कविनगर, राजनगर, अर्थला,करहेड़ा, गांधीनगर और मेरठ रोड पर भी मलेरिया निरीक्षक नरेंद्र कुमार की देखरेख में दवा का छिड़काव कराया गया है। साथ ही पाइपलाइन मार्ग पर विशेष तौर पर छिड़काव और सफाई कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला एमएमजी संयुक्त अस्पताल और चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डेंगू वार्ड भी बनाए जा रहे हैं।

ताकि आवश्यकता पड़ने पर वार्ड में मरीज को भर्ती करते हुए उनका समय पर उपचार किया जा सके।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Sonography is not well in ratlam hospital

Patients and their relatives coming to Ratlam district hospital for sonography are getting upset

20.07.2022
जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए लोगों को पांच से दस दिनों का भी इंतजार करना पड़ रहा है। रतलाम से करीब 25 किलोमीटर दूर बालोद से सपना पंचाल करीब पांच दिनों से सोनोग्राफी कराने के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रही है। मंगलवार को भी उसकी सोनोग्राफी नहीं हो सकी है। दरअसल अकेली सपना ही नहीं उन जैसे दर्जनों लोगों को बिना सोनोग्राफी के वापस लौटना पड़ रहा है।सोनोग्राफी मशीन की एक दिन में करीब 30 से 50 सोनोग्राफी की क्षमता होती है। इसके बाद भी सौ से अधिक सोनोग्राफी एक दिन में जिला अस्पताल में हो रही है।

आसपास सुविधा नहीं
जिले में आसपास के ब्लॉकों में सोनोग्राफी कराने की सुविधाएं ही नहीं है। जिसके कारण लोगों को रतलाम आना पड़ता है। हर बार मरीज और परिजन सोनोग्राफी कराने आते हैं, लेकिन उनको अगले दिन का नंबर मिल जाता है।सोनोग्राफी के लगातार तीन दिनों से आ रहा हूं। लाइन में लगे रहने के बाद वापस घर जाना होता है। हमेशा भीड़ का हवाला देकर अगली डेट दे दी जाती है। – नितिन सोलंकी, मरीजसोनोग्राफी के लिए पांच दिनों से आ रही हूं, लेकिन अस्पताल में सोनोग्राफी ही नहीं हो रही है। अभी कल की फिर तारीख मिली है।- रितिका , रतलाम

पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं, मरीजों की सोनोग्राफी अभी सिर्फ जिला अस्पताल में हो रही है। इमरजेंसी केस में तुरंत सोनोग्राफी करते हैं। – डॉ.रवि दिवेकर, आरएमओ जिला अस्पताल

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Medicines easily aavailable at discount in aiims raipur

All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) Raipur now has 2 pharmacies, generic medicines will be available at 50 to 90 percent discount

20.07.2022
राज्य के विभिन्न स्थानों से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए अब सस्ती दर में दवाइयां उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित कर दिया गया है। यहां जेनरिक दवाइयां काफी कम लागत पर उपलब्ध होंगी। इसके खुल जाने के बाद अब कैंपस में दो फार्मेसी की दुकानें हो गई हैं। इससे कम लागत पर बड़ी संख्या में दवाइयां उपलब्ध होंगी। जन औषधि केंद्र का उद्घाटन डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने किया। एम्स उपचार के साथ कम लागत की दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। इसी दिशा में पीएम जन औषधि केंद्र स्थापित किया गया है। अब जन औषधि केंद्र भी रोगियों के लिए कैंपस के अंदर ही उपलब्ध होगा।

616 दवाइयां और 250 सर्जिकल आइटम भी
जन औषधि केंद्र की स्थापना देशभऱ के विभिन्न स्थानों पर वर्ष 2008 से शुरू की गई थी। केंद्र में सामान्यत: 1616 दवाइयां और 250 सर्जिकल आइटम उपलब्ध होते हैं। यह सभी अन्य ब्रांडेड दवाइयों के मुकाबले 50 से 90 प्रतिशत कम होते हैं। इन सभी की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाती है। केंद्र की स्थापना एम्स के गेट नंबर चार के निकट स्थित सेंट्रल डोम के बेसमेंट पार्किंग के निकट की गई है।कार्यक्रम में उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता और वित्त सलाहकार बीके अग्रवाल भी मौजूद थे।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Diptheria patients increased in Alwar

Diphtheria’s havoc in Alwar district, patients are getting continuously

19.07.2022
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में डिप्थीरिया के मामले रोकने के लिए लगातार टीकाकरण का दावा किया जा रहा है, लेकिन जिले में लगातार डिप्थीरिया के मरीज मिल रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2016 और 2020 में भी डिप्थीरिया के मरीज लगातार मिल चुके हैं। इससे अभी तक 13 से ज्यादा बच्चों की मौत भी हो चुकी है। इस साल अभी तक 13 मामले सामने आ चुके हैं। इस बीमारी का पीक सीजन शुरू हो चुका है, यदि टीकाकरण करवाने में लापरवाही बरती गई तो मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में जितने मरीज इलाज ले रहे हैँ उससे कई गुना मरीज निजी चिकित्सालयों में पहुंच कर इलाज ले रहे हैं। जिनका रिकार्ड भी नहीं है।ज्यादातर मामले तिजारा, किशनगढ़, मालाखेडा, अलवर शहर, रामगढ़ से आ रहे हैं। इसके साथ ही खेड़ली, रैणी व राजगढ़ आदि ब्लॉक से भी एक या दो मामले आ चुके हैं। अलवर जिले के अलावा भरतपुर व हरियाणा से भी डिप्थीरिया के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। साल 2020 में भी भरतपुर के सीकरी से आए डिप्थीरिया के मरीज बालक की मौत हो गई थी।

ये हैं डिप्थीरिया के लक्षण : गले में सूजन, निगनले में परेशानी, आवाज भारी होना, बुखार आना है। यदि ये लक्षण दिखाई दे तो बिना देरी के चिकित्सक को दिखाएं यह डिप्थीरिया के लक्षण हो सकते हैं।

टीकाकरण से होगा बचाव: 1 से 16 साल तक के बच्चों में टीकाकरण करवाना जरूरी है। टीकाकरण से बीमारी से बचाव होगा। एक साल होने पर पेंटा, सात साल होने पर डीपीटी और टीडी का टीका लगाया जा रहा है। बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है, आइसोलेशन वार्ड में एंटीटोक्सीन सीरम दी जाती है। जिससे रोग प्रतिरधक क्षमता बढ़ती है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓