Junior student made cock in Pali Medical College

12.07.2022
पाली मेडिकल कॉलेज में रैंगिंग का मामला सामने आया हैं। इस पूरे मामले को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन छुपाने में लगा। इसे एक फुटबॉल मैच के दौरान हुई तकरार का मामला बताया लेकिन वीडियो सामने आने पर सब स्पष्ट हो गया कि मेडिकल कॉलेज के जूनियर स्टूडेंट को सीनियर ने परेशान किया। उनसे मारपीट की ओर मूर्गा भी बनाया। अब देखने वाली बात होगी कि मेडिकल कॉलेज शुरू हाेने के बाद पहली बार रैंगिंग का मामला सामने आने पर कॉलेज प्रंबधन किसी तरह का एक्शन लेता हैं।मामला सीनियर स्टूडेंट को फ्रेशर पार्टी में नहीं बुलाना से शुरू हुआ। ऐसे में सीनियर जहां भी जूनियर को देखते उनसे लूज टॉक करते। ऐसे में वर्ष 2020 बैंच के स्टूडेंट परेशान हो गए। मामला तब बढ़ गया जब सीनियर्स ने 2020 बैच के स्टूडेंट‌्स को रात को समझाइश के बहाने बुलाया। वहां भी दोनों पक्षों में तकरार हुई तो सीनियर ने जूनियर को पीटा उन्हें मूर्गा तक बनाया। उन्हें धमकी दी कि यहां रहना है तो हमसे डरकर रहना होगा। रोज-रोज के टॉचर्र से परेशान जूनियर स्टूडेंट ने आखिरकार ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ दीपक वर्मा को शिकायत की। लेकिन उन्होंन सख्त एक्शन लेने की बजाय जांच कमेटी गठित की जो पूरे मामले की जांच के बाद कोई कार्रवाई करेगी। रैंगिंग मामला होते हुए भी उन्होंने इसे रविवार शाम को कॉलेज परिसर में हुए फुटबॉल मैच में सीनियर-जूनियर में तकरार का मामला बता पूरे मामले को छुपा दिया।

रविवार रात की हैं घटना
मामला रविवार रात का बताया जा रहा हैं। सीनियर्स ने जूनियर्स को हॉस्टल बुलाया। जहां सीनियर्स और जूनियर्स की तकरार और बढ़ गई। रात को सीनियर्स ने जूनियर्स हॉस्टल के दरवाजों पर लातें मारी। बताया जा रहा हैं कि कमरों में घुसकर जूनियर्स से मारपीट की। कई जूनियर स्टूडेंट के गंभीर चोटें आई। कुछ चिकित्सक शिक्षकों ने जूनियर्स को हौंसला बंधाया कि वे उनके साथ हैं और एक गार्ड भी तैनात किया, लेकिन सीनियर्स ने गार्ड से भी मारपीट कर मोबाइल छीन लिया।

फ्रेशर पार्टी के बाद शुरू हुआ टॉर्चर

अभी तक की जानकारी में सामने आया कि मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2020 बैच के छात्रों ने 2019 के बैच के लिए 26 अप्रैल को फ्रेशर्स पार्टी रखी, जिसमें वर्ष 2018 बैच के एक भी मेडिकल स्टूडेंट को नहीं बुलाया गया। इससे वर्ष 2018 बैच के स्टूडेंट्स खफा वर्ष 2020 के जूनियर स्टूडेंट से खफा हो गए। फिर 2018 बैच के सीनियर्स ने 2019 बैच के स्टूडेंट्स को अपने ग्रुप में शामिल करते हुए वर्ष 2020 बैच के स्टूडेंट्स को परेशान करना शुरू कर दिया।

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