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MBBS students will go to china

MBBS Students: First batch of Indian students will go to China very soon

10.08.2022
चीन ने कहा कि उसने स्वदेश वापसी के बाद कोविड-19 से जुड़ी वीजा पाबंदियों के कारण घर में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की है और इनका पहला बैच बहुत जल्द आ सकता है। इससे चीन स्थित कॉलेजों में पढ़ाई दोबारा शुरू करने की प्रतीक्षा कर रहे हजारों विद्यार्थियों में उम्मीद जगी है। यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन से चीनी राजनयिकों की उन सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा गया, जिसमें विदेशी विद्यार्थियों के लिए नयी वीजा नीति लाने की बात कही गई है।इस सवाल पर वांग वेनबिन ने कहा, ”हम चीन में विदेशी विद्यार्थियों की वापसी की दिशा में गहनता से काम कर रहे हैं और भारतीय छात्रों की वापसी के लिए यह प्रक्रिया शुरू हो गई है।” चीन द्वारा पढ़ाई के लिए तुरंत लौटने के इच्छुक विद्यार्थियों के नाम मांगे जाने के बाद भारत ने कई सौ विद्यार्थियों की सूची प्रस्तुत की है। वांग ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द भारतीय विद्यार्थियों के पहले बैच की वापसी होगी। यह पूछे जाने पर कि चीन वापस आने के इच्छुक भारतीय विद्यार्थियों के बारे में यहां भारतीय दूतावास द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची की प्रक्रिया किस चरण में है, उन्होंने कहा कि संबंधित जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी।चीन में पढ़ाई कर रहे 23,000 विद्यार्थी, जिसमें ज्यादातर चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं, भारत वापस आने के बाद कोविड-19 से जुड़े वीजा प्रतिबंधों के कारण फंस गये और पढ़ाई के लिए चीन नहीं लौट सके। हाल के हफ्तों में श्रीलंका, पाकिस्तान, रूस और कई अन्य देशों के कुछ विद्यार्थी चार्टर्ड विमानों से चीन पहुंचे। चीन भी विभिन्न देशों से उड़ानों की अनुमति दे रहा है, लेकिन अभी तक भारत-चीन के बीच उड़ान सेवा शुरू नहीं की गई है।

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Medical tourism grow in india

India is leaving the world behind in medical tourism, made it to the top 10 countries

भारत के कई टूरिज्म प्लेस के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत मेडिकल टूरज्म के मामले में दुनिया के 10 स्थानों में शामिल हो गया है। इलाज के लिहाज से आज भारत को बिल्कुल सही जगह माना जा रहा है।देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय चिकित्सा और कल्याण पर्यटन बोर्ड का गठन किया है। इसके अलावा पर्यटन मंत्रालय अपनी जारी गतिविधियों के तहत देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए ‘अतुल्य भारत’ ब्रांड-लाइन के तहत विदेशों के महत्वपूर्ण व संभावित बाजारों में वैश्विक प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया कैंपेन चलाता है‌।मेडिकल टूरिज्म को लेकर मंत्रालय के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नियमित रूप से डिजिटल पोस्ट भी किए जाते हैं।

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NMC approves 2 new medical colleges

NMC approves 2 new medical colleges in Gujarat

08.08.2022

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने हाल ही में राज्य में दो नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी है, एक पंचमहल जिले के गोधरा में और दूसरा पोरबंदर में।एनएमसी द्वारा 29 जुलाई को दो कॉलेजों का निरीक्षण किया गया था, जिसके बाद उन्होंने एक सप्ताह से भी कम समय में मंजूरी जारी कर दी थी।वर्तमान में, राज्य में 30 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें निजी, सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेज शामिल हैं, जिनमें कुल उपलब्ध मेडिकल सीटों की संख्या 5,500 है।नए स्वीकृत दो कॉलेजों में प्रत्येक में 100 सीटें होंगी, जिससे राज्य में उपलब्ध मेडिकल सीटों की कुल संख्या बढ़कर 5,700 हो जाएगी।राज्य में प्रस्तावित पांच नए मेडिकल कॉलेजों में से एनएमसी ने उनमें से दो के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। अन्य तीन प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज राजपीपला, नवसारी और मोरबी में स्थित हैं। एनएमसी ने कथित तौर पर राजपिपला, नवसारी और मोरबी में अन्य तीन प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों का भी निरीक्षण किया था।स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों का निर्माण 660 करोड़ रुपये और प्रत्येक में 330 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। और सूत्रों के अनुसार, खर्च का 60% केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा जबकि शेष 40% राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।यह कहते हुए कि दो कॉलेजों को एनएमसी द्वारा अनुमोदित किया गया है, गुजरात के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मनोज अग्रवाल ने कहा, “प्रत्येक में 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। इससे राज्य के छात्रों को बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी।” उन्होंने कहा कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि एनएमसी जल्द से जल्द तीन अन्य कॉलेजों के लिए भी मंजूरी दे देगा।नए कॉलेजों में प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास, ट्यूटर और पैरामेडिकल स्टाफ जैसी सुविधाएं होंगी। गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) ने हाल ही में प्रस्तावित नए कॉलेजों में मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक के रूप में काम कर रहे 258 डॉक्टरों को स्थानांतरण आदेश जारी किए थे।

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PPP medical colleges in mp

PPP Medical Colleges in five districts including Bhopal Indore

06.08.2022
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल आधारित चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करने समीक्षा बैठक की। समीक्षा में प्रथम चरण में प्रदेश के 5 जिलों में पीपीपी मॉडल आधारित चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बालाघाट एवं कटनी में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने का निर्णय लिया।

निजी निवेशकों को भूमि लीज़ पर उपलब्ध करायेगी राज्य सरकार
राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिये निजी निवेशक को 99 वर्ष (60 वर्ष + 39 वर्ष) की लीज पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त निजी निवेशक को 300 बिस्तरीय अस्पताल भवन भी राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
EWS मरीजों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
पीपीपी मॉडल आधारित अस्पतालों में आयुष्मान मरीजों के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी निःशुल्क उपचार मिल सकेगा। वहीं गैर आयुष्मान मरीजों को बाजार दर पर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना नीति अनुसार राज्य सरकार के वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज को ट्रेनिंग हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित कर 100 एमबीबीएस सीट के प्रवेश के लिये पीपीपी आधारित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री निशांत वरवड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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Allegation of disturbace in tender

Allegations of disturbance in the tender order for the purchase of furniture worth about one crore in the medical college

पाली के संवेदक भोमेश्वर थानवी ने मेडिकल कॉलेज में करीब एक करोड़ के फर्नीचर खरीद के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। थानवी का कहना है कि निविदा छोड़ने में नियमों को ताक पर रखा गया।उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर गुड़गांव की एक कम्पनी के जयपुर डीलर पर मिलीभगत व विभाग के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निविदा की शर्तों में आओटा (आल इंडिया ओकोपेशनल थेरेपिस्ट एसोसिएशन) सटिर्फिकेट की अनिवार्यता की गई, जो कि नहीं था। वेबसाइड की सूची के अनुसार गुड़गांव के आओटा सर्टिफिकेट के आधार पर निविदा भरी है,जबकि गुडगांव का माल दिया ही नहीं है। थानवी का आरोप है कि फर्नीचर खरीद में सारे नियमों की अवहेलना करके 12 में से 11 फर्मो के आवेदन निरस्त कर एक को आदेश दे दिया, जबकि अभी तक माल भी नहीं आया। उनका आरोप है कि गुड़गांव की कम्पनी का जयपुर में कोई डीलर नहीं है।फर्नीचर खरीद में जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाना था, मगर उन्हें भी नहीं लिया गया। इस निविदा आदेश के बारे में जानकारी लेने के लिए आरटीआई के तहत मांगी गई, पर अभी कोई जानकारी नहीं दी है।इस बारे में पूर्व प्रिसिंपल डॉ. एमएम पुकार को फोन किया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया, जबकि ये टेंडर उनके कार्यकाल में जारी किया गया था। नए प्रिसिंपल डॉ. बीएल बिनावरा ने कहा कि शुक्रवार को ज्वॉइन किया है। भोमेश्वर थानवी ने आरटीआई में जानकारी उपलब्ध नहीं करवाने की जानकारी दी। थानवी को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने उनको शनिवार को बुलाया है।

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Medical students did yoga

Medical students did Sudarshan Kriya of experience in a four-day youth workshop

06.08.2022
मेडिकल वर्ल्ड में जिस प्रकार से डॉक्टर्स को आज न्यू चैलेंजेस का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक तरफ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को हैल्दी रखने की ज़िम्मेदारी आ रही है तो वहीं दूसरी ओर नित नयी नयी बिमारियाँ घेरा डाल रहि है । टैक्नॉलोजी के इस दौर मे अपने आप को हरदम अपडेट रखना भी उतना ही इमपॉरटेंट हो रहा है। इन सभी सरकमस्टैंसेस मे भी डॉक्टर्स का मन और शरीर तनाव मुक्त रहे इसी संकल्प के साथ आर्ट ओफ़ लिविंग ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 200 एमबीबीएस स्टूडेंट्स के लिए होटल ग्रैंड उनियारा में चार दिवसीय यूछ वर्कशॉप यस प्लस यूथ एम्पॉवरमेंट एवं स्किल वर्कशॉप किया गया।स्टेट यूथ मेंटॉर और ट्रेनर विवेक अग्रवाल ने बताया की इस वर्कशॉप में भावी डॉक्टर्स ने श्वास लेने की विश्व प्रसिद्ध प्रक्रिया सुदर्शन क्रिया का अनुभव किया जिसका लाभ 150 से भी ज़्यादा देशों में करोड़ों लोगों ने जीवन में एक्सपीरिएंस किया है ।ट्रेनर अग्रवाल ने बताया की नॉलेजबेस्ड बातें और इंट्रस्टिंग एक्टिविटी की मदद से ग्रूप ऐक्टिविटीज़ में इनक्लूड हए पार्टिसिपेंट्स ने सांइंटिफिक अप्रोच से योगा और प्राणायाम को एक्सपीरिएंस किया । कई पार्टिसिपेंट्स ने तो ये भी शेयर किया की मात्रा 3 दिन में ही , उनका कॉनसनट्रेशन बढ़ा है और तनाव कम हुआ है , नींद अच्छी आने लगी है और मन हैप्पी रहने लगा है । पार्टिसिपेंट्स फ्यूचर में सभी ने इन प्रोसिजर्रस को डेली लाइफ रूटीन बनाने का संक्लप लिया है ।वर्कशॉप में आर्ट ओफ़ लिविंग एपेक्स नरेश ठकराल और सुरेश कालानी सहित ट्रेनर्स – विभूति, प्रतिभा, नेहा, डॉक्टर ऋषि राज , डॉक्टर लाल चंद ने भी एक्सपीरिएंस शेयर किया।

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medical college suicide case

Indore Index Medical College suicide case, cyber team could not even open pattern lock

06.08.2022
इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट सुसाइड केस में पुलिस पैटर्न लॉक नहीं खोल पा रही है। सायबर एक्सपर्ट भी उसका लॉक खोलने में सफल नहीं हो सके। एसआईटी ने सुसाइड करने वाले स्टूडेंट का मोबाइल जब्त कर भोपाल स्थित सायबर ऑफिस भेजा था। पैटर्न लॉक नहीं खुलने से पुलिस को जांच की दिशा नहीं मिल पा रही है। इधर, ग्रामीण आईजी द्वारा बनाई गई एसआईटी में से डीसीपी का ट्रांसफर होने से भी जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस मामले में पकड़ाए दो छात्रों को भी कोर्ट से जमानत मिल गई है।
चेतन पाटीदार (22 वर्ष) पुत्र दिनेश पाटीदार निवासी ग्राम मौलाना जिला उज्जैन ने 31 मार्च को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। इस मामले में परिवार ने कालेज के डीन डॉ. जीएस पटेल और तृतीय वर्ष के दो छात्रों रोमिल सिंह व दुर्गेश हाड़ा, होशांक वर्मा और अर्पित हाड़ा पर आरोप लगाए थे। पुलिस ने इसमें से डीन डॉ. पटेल और रोमिल व दुर्गेश हाड़ा को आरोपी बनाकर केस दर्ज किया था। दोनों छात्रों की गिरफ्तारी हो गई थी। लेकिन डीन डॉ. जीएस पटेल को सबूत के अभाव में पूरे मामले की जांच करने पर गिरफ्तार करने की बात कही गई थी।

भोपाल में सायबर एक्सपर्ट नहीं खोल पाए पैटर्न लॉक
इंदौर से एसआईटी की टीम में एडिशनल डीसीपी शशिकांत कनकने, अनिल चौहान और राजीव त्रिपाठी मामले की जांच कर रहे थे। उन्होंने खुड़ैल पुलिस द्वारा जब्त चेतन का मोबाइल भोपाल सायबर ऑफिस भेजा था। यहां से भी मोबाइल बिना लॉक खुले वापस आ गया। एक्सर्ट उसका लॉक नहीं खोल पाए। इधर एसआईटी के एक अधिकारी अनिल चौहान का ट्रांसफर हो गया। जिसके कारण जांच रूक गई।

दोनों छात्रों को मिली जमानत
चेतन पाटीदार की मौत के मामले गिरफ्तार किये गए दोनों छात्र रोमिल और दुर्गेश को कोर्ट ने जमानत दे दी। परिवार के मुताबिक उनके दो बार एसआईटी की टीम ने बयान लिये हैं। अब मोबाइल बाहर के सायबर एक्सपर्ट के यहां भेजने की बात कही जा रही है।

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Orders for transfer and posting

Medical Health and Family Welfare Services Rajasthan issued orders for posting and transfer of center employees

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्माण केंद्र कर्मचारियों का पदस्थापन स्थानांतरण प्रशासनिक अति आवश्यकताओं को देखते हुए लोकहित में उनके नाम सन्मुख निम्नांकित स्थानों पर तुरंत प्रभाव से करने के दिए आदेश

OFFICIAL ORDE HERE

567 Dt.05.08.2022 Website

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Medical college principals order

Order to appoint doctor teachers to the posts of principals in medical colleges

राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी, जयपुर ने निम्नलिखित चिकित्सक शिक्षकों को उनके नाम के सम्मुख अंकित मेडिकल कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पदों पर तुरंत प्रभाव से नियुक्त करने के दिए आदेश

OFFICIAL ORDERS HERE

Pmc order

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50 bed critical care unit

50 bed critical care unit to be built in medical college

05.08.2022
अयोध्या। जिले में आगामी समय में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए लखनऊ, दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में ही 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना होगी।
निर्माण कार्यों व साजो-सज्जा के सामान पर करीब 23.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन ने मेडिकल कॉलेज से इसके निर्माण के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता का विवरण मांगा है, जिसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2019 से ही एमबीबीएस की कक्षाएं संचालित हैं। मौजूदा समय में यहां पर 300 बेड का अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर क्रियाशील है और 200 बेड का भवन निर्माणाधीन है।
जिसके भी शीघ्र ही हैंडओवर होने की उम्मीद है। इस अस्पताल को कोविड एल-2/एल-3 अस्पताल भी बनाया गया है। जहां आईसीयू, पीआईसीयू, एनआईसीयू, एचडीयू आदि भी बनाए गए हैं।जिसका जनपदवासियों समेत निकटवर्ती जिले के लोगों को भी लाभ मिल रहा है। फिर भी किडनी, लीवर, हृदय, न्यूरो, नेफ्रो, यूरो आदि के गंभीर मरीजों को हायर सेंटर ही रेफर करना पड़ता है।अब शासन की ओर से इससे निजात देने के लिए अस्पताल को एक और सौगात देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए इस अस्पताल में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना की जाएगी।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय द्वारा 28 जुलाई को जारी पत्र के अनुसार मेडिकल कॉलेज में इसके निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का विवरण मांगा गया है।इस यूनिट का निर्माण प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) मिशन के तहत किया जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में 4750 वर्ग मीटर जगह की आवश्यकता बताई गई है।
इसके निर्माण कार्यों पर 16.63 करोड़ व उपकरण और साजो-सज्जा के सामान पर 7.12 करोड़ खर्च होंगे। समस्त निर्माण कार्य के लिए कार्यवाही एनएचएम स्तर से ही की जाएगी।
शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 4750 वर्ग मीटर जगह की आवश्यकता बताई गई है। मेडिकल कॉलेज के पास इसके निर्माण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। जिसका विवरण तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। इसके निर्माण से तमाम बीमारियों के गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में हो सकेगा।

डॉ. सत्यजीत वर्मा, प्राचार्य, राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज

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