Diseases spreading in rainy season

डाॅक्टर बोले- जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर, उन पर संक्रमण का ज्यादा असरइन दिनों मौसम और तापमान में लगातार बदलाव बच्चों की सेहत को बीमार कर रहा है। बरसात के इस मौमस में बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार की शिकायत बढ़ गई है। रोजाना बड़ी संख्या में अभिभावक बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन दिनों सरकारी अस्पताल के ओपीडी में जितने मरीज रहे हैं, उनमें करीब आधे मरीज बच्चे हैं। बरसात में ज्यादातर बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। पेट खराब, जुकाम, खांसी, बुखार और गला खराब का मुख्य कारण वायरल संक्रमण है।सामान्यतः बैक्टीरिया और वायरस द्वारा शरीर में होने वाले संक्रमण पर प्रतिरक्षा पद्धति द्वारा नियंत्रण रखा जाता है। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अगर कम हो तो जीवाणु तेजी से पनपते हैं और बीमारियां फैलाते हैं।बारिश के इस मौसम में वायरल के साथ ही पेट संबंधी स्वास्थ्य समस्या भी लोगों को शिकार बना रही है। अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों को उल्टी, दस्त, बुखार व सर्दी जुकाम की शिकायत ज्यादा सामने आ रही हैं। जबकि कुछ को सिर दर्द, पेट दर्द व वायरल बुखार की शिकायत भी हो रही है। जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र राणा ने बताया कि बारिश का दौर शुरू होने के बाद से बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के मामले बढ़े हैं।ओपीडी में हर दिन मौसमी बीमारियों के शिकार बच्चे पहुंच रहे हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ जाता है। इस समय मौसम में कई तरह के बदलाव होते हैं। मिनटों में बदल जाता है। लिहाजा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में वायरस जल्दी चपेट में ले लेता है। बीते एक सप्ताह से लगातार मौसम बदल रहा है। कभी बारिश तो कभी धूप तो फिर उमस लोगों को बेचैन कर रही है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓