In rain, water filled in bhopal hospitals

05.07.2022
चार दिनों से राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बाद हालात बिगड़ रहे हैं। निचली बस्तियों में पानी भरने के कारण लोग परेशान हैं बारिश के कारण शहर के अस्पतालाें में भी हालत खराब हो रही है। सोमवार को हुई तेज बारिश का पानी टीबी अस्पताल के वार्डों में भर गया। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुल्तानिया में गिरी छत की सीलिंग, लेबर रूम बंदबारिश के कारण सुल्तानिया जनाना अस्पताल में फर्स्ट फ्लोर पर बने लेबर रूम और दो प्रायवेट वार्डों को सीलिंग गिरने के चलते प्रबंधन ने बंद कर दिया। शनिवार को भी लेबर रूम में सीलिंग गिरने की घटना हुई थी। अब इन प्रायवेट वार्डों में गर्भवतियों और प्रसूताओं को भर्ती करने पर भी अस्पताल प्रबंधन ने रोक लगा दी है। मालूम हो कि अस्पताल में बिस्तरों की कमी के कारण एक बेड पर दो-दो गर्भवतियों और प्रसूताओं को लिटाना पड़ता है। इधर जर्जर होने के चलते प्रायवेट वार्ड भी बंद होते जा रहे हैं।

महीनों से चल रही सुल्तानिया की शिफ्टिंग की प्लानिंग
हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग का एक ब्लॉक बनकर तैयार हो चुका है। करीब एक महीने पहले यहां पीडियाट्रिक विभाग और नेत्र रोग विभाग शिफ्ट करने शुरू किए गए थे। लेकिन अफसर बीते चार महीनों से सुल्तानिया अस्पताल की शिफ्टिंग नई बिल्डिंग में करने के दावे और तारीखें बता रहे हैं लेकिन अब तक अस्पताल शिफ्ट नहीं हो पाया है।

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Water crisis at SPMC Bikaner Hostel

21 May 2018

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज,बीकानेर के होस्टल में लगातार पानी की समस्या से जूझ रहे छात्रों को आखिरकार आंदोलन का सहारा लेना पड़ा और छात्र तौलिया और बाल्टी लेकर प्रिंसिपल ऑफिस पहुंच गए !

हॉस्टल्स की हालत बहुत नाजुक है देश के भावी डॉक्टर्स सुविधाओं के अभाव में जी रहे है ना उपयुक्त नहाने धोने के लिए पानी है और ना ही प्रशासन के द्वारा पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था करवाई जा रही है ,छात्रों को खुद के दम पर ही पानी के कैंपर मंगवाने पड़ते है।

छात्रों में भयंकर रोष देखा गया है, हालाँकि आन्दोलन के बाद कॉलेज प्रशासन की आँखें खुली हैं !