29.07.2022
सरकारी मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना की इंसेंटिव राशि के बंटवारे को लेकर मचे बवाल के बीच मेडिसिन विभाग के 12 डॉक्टरों ने कहा है कि कई जांचें, कई तरह की सुविधाएं अस्पताल में नहीं है। इस राशि से अस्पताल को अपग्रेड करना चाहिए।मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. वीपी पांडे, डॉ. शिवशंकर शर्मा, डॉ. संजय दुबे, डॉ. अशोक ठाकुर, डॉ. महेंद्र चौरसिया, डॉ. भूपेंद्र सिंह चौहान, डॉ. प्रणय बाजपेयी, डॉ. पुनीत गोयल, डॉ. अंकित मेश्राम सहित 12 डॉक्टरों का कहना है कि इस राशि से अस्पताल को अपग्रेड करना चाहिए।अस्पताल में आज तक खुद का सीटी-एमआरआई जांच सेंटर स्थापित नहीं हो पाया है। थोड़े-थोड़े दिन में सोडियम, पोटेशियम की जांच से इनकार कर दिया जाता है। थायराइड की जांच नहीं हो पा रही है। पूछने पर बताया जाता है कि किट खत्म हो गई। क्रिएटिनिन, एबीजी जैसी सामान्य जांचें भी कई बार नहीं हो पाती हैं। मरीजों को बाहर भेजना पड़ रहा है।
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