Corona infection spread in ujjain very fast

16.07.2022
कोरोना के फैलने की रफ्तार तेज हो गई है। दो दिन में संक्रमण की दर तीन फीसदी के पास पहुंच गई है। जिले के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इसी रफ्तार से संक्रमण बढ़ा तो कुछ दिन में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा सैकड़े में पहुंच जाएगा।गुरुवार को 223 सैंपलों की जांच में जिले में सात नए संक्रमित मिले थे। 5 उज्जैन शहर व दो खाचरौद के थे। शुक्रवार को 235 सैंपलों की जांच में 6 संक्रमित मिले। सभी उज्जैन के हैं। दो दिन में 458 सैंपलों की जांच में 13 रिपोर्ट पॉजिटिव आने से इस दौरान संक्रमण की औसत दर 2.83 प्रतिशत पर पहुंच गई है। शुक्रवार को एक मरीज डिस्चार्ज किया। बड़ी संख्या में नए मरीज सामने आने के बाद एक्टिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 20 हो गया है।

एक परिवार के दो लोग संक्रमित

शुक्रवार को मिले संक्रमितों में ऋषिनगर निवासी एक ही परिवार के दो सदस्य शामिल हैं। 67 वर्षीय पुरुष व 53 वर्षीय महिला है। महेश नगर निवासी 23 वर्षीय युवक, काकड़ उज्जैन निवासी 56 वर्षीय महिला, निकास निवासी 50 वर्षीय पुरुष, विवेकानंद कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय युवक भी संक्रमित हैं। कोरोना रोकथाम के नोडल अधिकारी डॉ. रौनक एलची के अनुसार संक्रमण से बचने के लिए सभी लोग मास्क का उपयोग व सोशल डिस्टेंस का पालन करें।

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Facilities not available in district hospital ,ujjain

12.07.2022
मानसून की शुरुआत के बावजूद एक सप्ताह से बारिश इंतजार करवा रही है। हालांकि इस दौरान दो-तीन दिन रिमझिम चलती रही, लेकिन मौसम विभाग मंगलवार से एक सप्ताह के लिए जोरदार बारिश बता रहा है। विभाग का कहना है कि अरब सागर में सिस्टम बना है, वहीं बंगाल की खाड़ी से मानसून उज्जैन की ओर तेजी से बढ़ गया है, जो 12 जुलाई की दोपहर से जोरदार बारिश के रूप में दस्तक देगा।बता दें सोमवार को भी सुबह घंटेभर रिमझिम रही, जबकि दिनभर बादलों के साथ छिटपुट बारिश हुई। जीवाजी वेधशाला के अनुसार रविवार रात 7 तथा सोमवार दिन भर में 1.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस मौसम में अब तक उज्जैन शहर में 241 एमएम बारिश हो चुकी है, जबकि जिले की औसत बारिश 263.3 मिमी दर्ज हो चुकी है। भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार 24 घंटों में जिले में सभी ओर बारिश हुई, जिसमें सबसे अधिक वर्षा झार्डा तहसील में 37 मिमी दर्ज की गई। उज्जैन तहसील में भी अब तक 320 मिमी वर्षा हो चुकी है। रविवार रात और सोमवार दिन का पारा भी गिरकर 23.2 व 29 डिग्री रह गया। इससे मौसम में ठंडक महसूस की जाने लगी है।बारिश के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोज औसत 600 से अधिक मरीज उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाएं मरीजों की तुलना में नाकाफी पड़ रही हैं। सोमवार को हल्की बूंदाबांदी के बीच दवा लेने आए लोगों की कतार काउंटर के शेड के बाहर तक लगी रही। कतार में लगे मरीज या परिजन को अपनी बारी के लिए 10 से 15 मिनट इंतजार करना पड़ा।ओपीडी के दौरान दवा काउंटर पर मरीज व परिजनों की भीड़ बढ़ रही है। दवा देने के लिए दो विंडो ही खुले रहते हैं। इनमें से एक विंडो काउंटर महिला तो दूसरा पुरुष के लिए रहता है। कम काउंटर के पीछे स्टाफ की कमी बताइ जा रही है। एक समय में दो ही फॉर्मासिस्ट उपलब्ध होने से काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है जबकि यहां तीन काउंटर संचालित किए जा सकते हैं।

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Lift closed in hospital in Ujjain for two years

08.07.2022

जिला चिकित्सालय की लिफ्ट दो वर्षों से बंद है। बार-बार लिफ्ट खराब होने के बाद अब नई लिफ्ट लगाने का काम भी धीमी गति से चल रहा है। जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) फर्स्ट फ्लोर पर है। लिफ्ट चालू नहीं होने की स्थिति में मरीजों को स्ट्रेचर पर डालकर ओटी में ले जाना पड़ता है। उज्जैन जिला चिकित्सालय संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सालय है।इसलिए यहां आसपास के अन्य गांवों और शहरों के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं। जिले की लगभग सभी तहसीलों से गंभीर मरीजों को भी इसी अस्पताल में रैफर किया जाता है। इसके बावजूद अस्पताल की पुरानी लिफ्ट दो साल से बंद पड़ी है। नई लिफ्ट का काम भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने हड्डी वार्ड को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया है लेकिन गंभीर घायलों को फर्स्ट फ्लोर पर संचालित होने वाले ऑपरेशन थियेटर तक ले जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। नई लिफ्ट लगाने का काम शुरू हुआ है लेकिन अब तक इसका भी केवल ढांचा ही बनकर तैयार हुआ है। ऐसी स्थिति में लिफ्ट को शुरू होने में अभी भी कम से कम दो से तीन माह का समय लग सकता है।

स्ट्रेचर से मरीज के गिरने की हो चुकी घटनाएं

लिफ्ट बंद होने से मरीज को ओटी तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर का सहारा लेना पड़ता है। ऐसी स्थिति में स्ट्रेचर से गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ढाई माह पहले एक युवक आगर रोड पर बाइक से गिरकर घायल हो गया था। उसे 100 डायल जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। डॉक्टर ने उसे बी-वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कहा। लिफ्ट बंद होने से कर्मचारी घायल को स्ट्रेचर पर डालकर वार्ड तक ले जा रहे थे। इसी बीच घायल सीढ़ी पर गिर गया था। उस समय जिला अस्पताल ने दावा किया था कि नई लिफ्ट का टेंडर होने के बाद दो माह के भीतर संचालन शुरू कर दिया जाएगा लेकिन काम ही पूरा नहीं हो सका है।

लिफ्ट का काम जल्द पूरा होगा

अस्पताल में लिफ्ट का कार्य चल रहा है। जल्द से जल्द लिफ्ट का कार्य पूरा होगा। जिससे मरीजों को लिफ्ट की सुविधा मिल सकेगी।

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