Doctors Getting life time award for excellent work in health sector in udaipur

16.07.2022
उत्कृ़ष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को शनिवार को सम्मानित किया जाएगा।स्पोंसर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल व को- स्पोंसर गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के सहयोग से शनिवार अपराह्न तीन बजे होटल लेकेंड में होने वाले इस आयोजन में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ लाखन पोसवाल व वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट व विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश बडजात्या को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही जिले के 32 चिकित्सकों को भी सम्मानित किया जाएगा।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Corona in udaipur

15.07.2022
जिले में 669 लोगों की जांच में अब तक के रिकार्ड 13 मरीज कोरोना संक्रमित मिले हैं। ये आंकड़ा इस इस वर्ष में सबसे ज्यादा है। इससे पहले बुधवार को 11 और मंगलवार को 12 संक्रमित मिले हैं। शहरी मरीजों की संख्या 10 है तो ग्रामीण क्षेत्र में तीन रोगी मिले हैं। शहरी क्षेत्र में मिले दस मरीजों में से 8 नए व दो क्लोज कांटेक्ट हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तीनों नए पॉजिटिव सामने आए हैं। वर्तमान में 59 रोगी एक्टिव हैं जो सभी होम आइसोलेट है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

CMHO,udaipur investigates private hospitals

14.07.2022
मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर प्राइवेट हॉस्पिटलों में कैसे उपचार किया जा रहा है, किसी मरीज को परेशानी तो नहीं है। ये बात जानने के लिए सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बुधवार को हॉस्पिटलों का दौरा किया। सीएमएचओ डॉ. खराड़ी ने योजना में अधिकृत पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस उमरडा एवं गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एकलिंगपुरा का दौरा कर जानकारी ली। डॉ. खराड़ी ने गीतांजलि एवं पेसिफिक अस्पताल में योजना से जुड़ी खामियों पर कहा कि अस्पताल के मुख्य द्वार के साथ साथ चिरंजीवी योजना एवं आरजीएचएस योजना से संबंधित जानकारी लिखें। अस्पताल में दी जा रही सेवाओं का प्रदर्शन अस्पताल के स्वागत कक्ष एवं आपातकालीन द्वार पर भी किया जाए ताकि आपातकालीन अवस्था में भर्ती होने वाले मरीजों को योजना की जानकारी मिल सके। निर्धारित समयावधि में मरीज को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हो सके। गीतांजलि अस्पताल में निरीक्षण के दौरान अस्पताल के रिसेप्शन काउंटर पर आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के साइनेज बोर्ड पाए गए, जिसे सीएमएचओ ने तुरंत बदलवाकर मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लगवाने के निर्देश दिए। डॉ. खराड़ी ने कहा कि विभाग द्वारा योजना के तहत उपलब्ध पैकेज की बुकलेट तैयार करवाई जा रही है, जिसे अस्पताल में रिसेप्शन, इमरजेंसी एवं पंजीकरण काउंटर पर रखवाया जाए, ताकि अस्पताल में आए किसी भी मरीज को पैकेज के बारे में जानकारी मिल सके।
हर अस्पताल में रखी जाए चिरंजीवी शिकायत पेटिका: डॉ. खराड़ी ने अस्पताल में चिरंजीवी योजना से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए अलग से शिकायत पेटिका लगवाने के निर्देश दिए। इसमें कोई भी व्यक्ति द्वारा योजना से संबंधित शिकायत डालने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा प्राथमिकता से उसका निस्तारण हो सके। साथ ही सीएमएचओ कार्यालय के योजना समन्वयक के नंबर भीअंकित करने की बात कही, जिससे अस्पताल द्वारा सुनवाई नहीं करने पर परिवादी द्वारा कार्यालय को इसकी शिकायत की जा सके। दोनों अस्पतालों के ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती मरीजों से संवाद कर इलाज एवं सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। उन्होंने योजना में भर्ती करने के बाद किसी प्रकार की राशि लेने या नहीं लेने की जानकारी ली। सभी मरीजों ने चिरंजीवी योजना के तहत निशुल्क उपचार के बारे में बताया। अन्य लोगो को भी इस योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने विज्ञप्ति में बताया कि निरीक्षण के दौरान गीतांजलि अस्पताल द्वारा कुछ मरीजों से भर्ती से पूर्व ओपीडी में परामर्श व जांच के लिए राशि लेना पाया गया, जबकि योजना में नियमानुसार भर्ती होने के बाद मरीज को उक्त राशि लौटने का प्रावधान है। इस पर डॉ. खराड़ी ने अस्पताल प्रशासन को तुरंत राशि लौटाने के निर्देश दिए। डॉ. खराड़ी ने बताया इस संबध में बुधवार को एक शिकायत पेसिफिक मेडिकल कॉलेज भीलों का बेदला की भी प्राप्त हुई थी, जिसमे डीपीसी शरद पाटीदार द्वारा अस्पताल प्रशासन से दूरभाष पर संवाद कर मरीज से लिए 6300 की राशि वापिस करवाई गई है एवं अस्पताल प्रशासन को इस संबध में नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया गया है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Raid on an IVF center in Udaipur

08.07.2022

उदयपुर में शहर के बीचों-बीच मधुबन इलाके में अवैध रूप से चलाए जा रहे एग डोनर सेंटर पर गुरुवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने छापामार कार्रवाई की। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने टीम के हिरण एक्सरे वाली गली में संचालित एंजल एग डोनर सेंटर के नाम से संचालित क्लीनिक पर कार्रवाई करते हुए मौके पर उपलब्ध दस्तावेज और अन्य कागजात जब्त करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया।सीएमएचओ डॉ. खराड़ी ने बताया की सूचना मिली की मधुबन में एग डोनर सेंटर के रूप में क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। जहां आईवीएफ के लिए एग डोनेशन का काम अवैध रूप से चल रहा है। इस काम में 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों को भी लिप्त किया जा रहा है। सूचना पर मय टीम के एंजल एग डोनर सेंटर पर छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान पता चला की इस केंद्र का संचालन मल्लातलाई निवासी सितारा बानो कर रही हैं।

सीएमएचओ टीम मौके पर पहुंची उपस्थित नहीं मिली। क्लीनिक का ना तो क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण पाया गया। ना ही बायो मेडिकल वेस्ट का पंजीकरण पाया गया। मौके पर काफी मात्रा में आईवीएफ में काम आने वाले इंजेक्शन बरामद हुए जिसके लिए ड्रग कंट्रोलर को बुला ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा गया।

मौके पर इंजेक्शन लगवाने आई महिलाओं से मौका बयान लिए गए हैं। हालांकि मौके पर कोई नाबालिग नही पाया गया। साथ ही क्लीनिक पर उपलब्ध सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। जिसकी जांच पड़ताल की जाएगी जिसके अनुसार आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Rare disease entry in udaipur

05.07.2022
दुनिया में कई प्रकार की दुर्लभ और जानलेवा बीमारियां पाई जाती हैं, जिनका इलाज लाखों रुपये में होता है। ऐसी ही एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी उदयपुर के बाल चिकित्सालय में एक बच्चे में पाई गई है, जिसका नाम है गोचर. यही नहीं, ऐसी ही सात अलग-अलग बीमारियां 18 बच्चों में डिटेक्ट की गई हैं।बड़ी बात यह है कि इन बीमारियों का उदयपुर के बाल चिकित्सालय में बिल्कुल फ्री इलाज किया जा रहा है।

गोचर बीमारी के मिले 5 मरीज
रविंद्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल लाखन पोसवाल ने बताया कि बाल चिकित्सालय में दो साल में 120 संदिग्ध बच्चों में से 18 बच्चे सात दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित मिले हैं। इनमें से दुनिया के दुर्लभतम रोग गोचर्स के पांच मरीज भी हैं. मरीज को हर महीने 1.25 लाख रुपये का एक इंजेक्शन लगाना जरूरी है, जो ताउम्र लगता है। ऐसे में आम आदमी यह खर्च उठाने के दायरे से कोसों दूर है, लेकिन राहत की बात यह है कि ये इंजेक्शन बाल चिकित्सालय में निशुल्क लगाए जा रहे हैं।
प्रिसिंपल पोसवाल ने आगे बताया कि औसत 350 की ओपीडी वाले बाल चिकित्सालय में दो साल के दौरान नवजात से लेकर 18 साल तक की उम्र वाले 120 बच्चों की गहन जांच की थी, जिनकी शारीरिक-मानसिक गतिविधियां स्थितियां संदिग्ध थीं। इन्हीं में से 18 बच्चे दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित पाए गए हैं।

यह होती है गोचर बीमारी
उन्होंने बताया कि ग्लूको सेरिब्रोसाइडेज एंजाइम की कमी से बच्चों में गोचर की बीमारी होती है। इसकी वजह से घातक वसायुक्त तत्व शरीर में जमा हो जाते हैं, जो लीवर, हृदय तथा हड्डियों को प्रभावित करते हैं. इससे शरीर के आंतरिक ऑर्गन बढ़ जाते हैं, ग्रोथ कम हो जाती है. जैसे पेट बढ़ जाता है, लंबाई नहीं बढ़ती, सांस में तकलीफ के साथ ही अन्य तकलीफ होने लगती है। ऐसे में मरीज को वेला ग्रुप ग्लुकारस और इमी ग्लुकारस की दवाई दी जाती है।

18 बच्चों में यह 7 बीमारियां डिटेक्ट हुई
बाल चिकित्सालय के 18 बच्चों में गोचर्स, अमिनोएसिडोपैथीज, म्यूकोपोलिसिकेराइटोसिस, बायोटिनिडेज डेफिसिएंसी, गैलेक्टोसिमिया, ऑर्गेनिक एसिडेमिया, फैटी एसिड ऑक्सीडेशन

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Aim to connect more and more people for health insurance

27.06.2022
मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत जिले में 8.48 परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य है। लेकिन अभी भी एक लाख 28 हजार से ज्यादा परिवार नहीं जुड़ पाए हैं। वंचितों की योजना का लाभ दिलाने के बार-बार निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने रणनीति बदली गई। अब एएनएम, नर्सेज और आशा सहयोगिनीया घर घर जाकर लोगों को चिरंजीवी योजना के लिए प्रेरित करेंगे। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया की आदेश के अनुसार चिरंजीवी योजना से वंचित परिवारों के रजिस्ट्रेशन के लिए शुक्रवार को आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत जिले की एएनएम आशा सहयोगिनिया घर घर जाएंगी और और लोगों को योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने के बारे में पूछेंगी। इस योजना में पंजीकरण नहीं होने के कारण पूछा जाएगा और योजना के लाभ बताए जाएंगे।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Notice due to not entering injection detailes

22.06.2022
जिला परिषद सभागार मैं चिकित्सा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों व फ्लैगशिप योजनाओं की मानसिक समीक्षा में एडीएम सिटी प्रभा गौतम ने बच्चों वह गर्भवती महिलाओं की जांच और टीकाकरण के कार्य में तेजी लाने के साथ ही शहरी क्षेत्र के निजी अस्पतालों में हुए पशुओं की लिस्ट मंगवा कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि निजी अस्पतालों के आंकड़े ऑनलाइन नहीं होने से गे बढ़ रहा है, इसे जल्द पूरा किया जाए। वहीं जिला अस्पताल सलूंबर द्वारा गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा की जीरो एंट्री पर जवाब तलब करते हुए सीएमओ व परिवार कल्याण काउंसलर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आने पर सब मामलों में लाइन लिस्ट के अनुसार लक्ष्य के मुकाबले कम प्रगति पर जवाब मांगा। फ्लैगशिप योजनाओं पर चर्चा करते हुए सीएमएचओ डॉ दिनेश खराड़ी ने कहा है कि जिले में अब भी काफी परिवार चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से वंचित हैं। इसको मिशन मोड में लेकर घर घर जाकर आईईसी के माध्यम से योजनाओं के फायदे बताकर जोड़ना सुनिश्चित करें। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राघवेंद्र राय मैं वायरल हेपेटाइटिस को लेकर राज्य स्तर से जारी 45 दिवसीय कार्य योजना के बारे में विस्तार से बताया।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Succeeded in performing a rare heart surgery on a 15-year-old child by GMC , udaipur

20.06.2022

उदयपुर में 15 साल के बच्चे की एक दुर्लभ हार्ट सर्जरी की गई है। इस बच्चे का हार्ट काफी कमजोर था। ऐसे में डॉक्टरों की टीम ने एक्मो मशीन और जर्मन टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए इस दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दिया।इस सर्जरी की खास बात यह रही कि बच्चे को हार्ट अटैक आने और पोस्ट कार्डियक सर्जरी करने के बाद उसका एक्मो मशीन से इलाज किया गया। यह राजस्थान का पहला मामला है। साथ ही खास बात ये रही कि 7 लाख रुपए की ये सर्जरी चिरंजीवी योजना के तहत फ्री में की गई। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज की 10 डॉक्टरों समेत 50 लोगों की टीम ने यह सर्जरी की।

उदयपुर के फलासिया का रहने वाला दिनेश रूमेटिक हार्ट डिजीज से ग्रसित था। 15 मई को जब वह हॉस्पिटल पहुंचा तो हार्ट फेल के पूरे लक्षण थे। दिनेश को चलने-फिरने में ही सांस फूलने, पैर में सूजन, शरीर में कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कत हो रही थी। इसके चलते दिनेश कोई भी काम नहीं कर पाता था।

ऑपरेशन से पहले आया कार्डियक अरेस्ट

दिनेश की जांच की तो सामने आया कि दिल के एक वॉल्व में बहुत ज्यादा लीकेज है। वॉल्व बदला गया, लेकिन उसके ह्रदय गति बहुत धीमी हो गई। सीपीआर के बाद बच्चे की हालत में सुधार तो हुआ पर उसके प्लेटलेट काउंट काफी कम थे, ऐसे में डॉक्टरों की टीम बच्चे का ऑपरेशन करना चाह रही थी। मगर उम्र कम होने के चलते यह चिंता थी कि कहीं हार्ट फिर से न रुक जाए।गीतांजलि हॉस्पिटल के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. संजय गांधी ने बताया कि 9 जून को ऑपरेशन के समय देखा कि उसके हार्ट की तीनों परत आपस में चिपकी हुई थी। काफी सूजन थी। ऑपरेशन से पहले मरीज को हार्ट अटैक आ गया। कुछ देर में उसे नॉर्मल कर ऑपरेशन किया गया। डॉ. गांधी का दावा है कि राजस्थान में ऐसा ऑपरेशन पहली बार हुआ है।

आम तौर पर वॉल्व बदलने के बाद रोगियों में समय के साथ हार्ट की पम्पिंग में सुधार आने लगता है। मगर इस रोगी के हार्ट की पम्पिंग बहुत धीमी थी। जैसे ही रोगी को हार्ट लंग मशीन से हटाने लगते तो रोगी का ह्रदय ब्लड पंप नहीं कर पा रहा था। काफी प्रयास के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो डॉक्टर्स की टीम की सलाह से बच्चे को अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त एक्मो मशीन पर लिया गया। 8 घंटे तक ऑपरेशन चला।

ये राजस्थान में पहली बार हुआ कि ऑपरेशन के बाद रोगी को तीन दिन तक एक्मो मशीन पर रखा गया। इसके बाद मरीज की स्थिति में सुधार आने लगा। 16 जून तक दिनेश पूरी तरह स्वस्थ हो गया। डॉ. गांधी ने कहा कि एक्मो मशीन से हार्ट और फेफड़ों का काम लिया जाता है। इस दौरान हार्ट रेस्ट पर होता है।मरीज के पास नहीं था पैसा
मरीज के पिता किसान है। मरीज गरीब परिवार से था। मगर सिर्फ 15 साल उम्र होने के चलते डॉक्टर्स ने रिस्क लेकर इलाज किया। इस सर्जरी में 7 लाख का खर्च आता है। मरीज के पास इलाज का पैसा नहीं था। इलाज के बाद हॉस्पिटल ने हेल्थ डिपार्टमेंट से सम्पर्क किया और बताया कि सर्जरी कर दी गई है।

इसके बाद मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत रोगी के पूरे इलाज का खर्च उठाया गया। इस टीम में डॉ. संजय गांधी, डॉ. अनुभव बंसल,डॉ. गुरप्रीत सिंह, कार्डियक एनेस्थेसिस्ट डॉ. अंकुर गांधी, डॉ. कल्पेश मिस्त्री, डॉ. सुमित तंवरी, डॉ. के. चरान, डॉ. अर्चना देवतरा, ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कपिल भार्गव सहित कई डॉक्टर्स की टीम शामिल रही।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Campes organized in Udaipur for the prevention of anemia in women and adolescent girls in hospitals, anganwadi centers and schools.

07.06.2022
एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अब आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूलों, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में हर मंगलवार को शक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन बच्चों, किशोर-किशोरियों, प्रजनन उम्र की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को एनीमिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान एनीमिया की स्क्रीनिंग, जांच, इलाज और एनीमिया के प्रति जागरुकता के लिए विभिन्न विभागों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।सीएमएचओ डॉ. गजेन्द्र सिंह देवल ने बताया कि कार्यक्रम के लक्षित लाभार्थियों में 6 महीने के बच्चों से लेकर 59 महीने तक के बच्चों, किशोर-किशोरियों, 20 से 24 वर्ष की विवाहित महिलाएं, गर्भवती महिलाएं व धात्री माताओं को शामिल किया गया है।उन्होंने बताया आंगनबाड़ी में आशाओं द्वारा 6 महीने से 59 महीने तक के बच्चों को 1 एमएम आईएफए सिरप पिलाई जाएगी। वहीं 5 से 9 साल के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को आईएफए की गुलाबी गोली खिलाई जाएगी। 10 से 19 साल की स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों को आईएफए की नीली गोली खिलाई जाएगी। 6 महीने से 59 महीने तक के बच्चों, 5 से 9 साल के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों, 10 से 19 साल की स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों, 20-24 वर्ष की विवाहित महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की एनीमिया हेतु स्क्रीनिंग शारीरिक लक्षणों के आधार पर की जाएगी।

Permission not given to Pacific medical college udaipur for MBBS admission

Permission not given to Pacific medical college udaipur by MOHFW for MBBS admission.
4th batch will not get admission.

Whereas the Medical Council of India vide letter dated 31.10.2017 recommended to the Ministry of Health & Family Welfare not to renew the permission for admission of 150 MBBS seats in the year 2018-19 (4th batch) at Pacific Institute of Medical Sciences, Udaipur, Rajasthan and also applied Clause 8(3)(1)(b) of Establishment of Medical College Regulations, 1999 .