20.07.2022
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र में जुट रहे हैं दुनिया भर के वैज्ञानिक। ये सभी कैंसर, मधुमेह, अवसाद, रक्तचाप, एलर्जी आदि खतरनाक व जानलेवा बीमारियों के उपचार पर मंथन करेंगे। साथ ही जैविक खेती (आर्गेनिक फार्मिंग) पर भी मंथन होगा। ये जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष व आयुर्वेद संकाय, काय चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. केएन मूर्ती और आयोजन सचिव प्रो. ओपी सिंह ने दी।
पार्किन्शन, अल्जाइमर एवं डिमेन्शिया के इलाज पर भी होगी चर्चा
राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग एवं गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र देवलापुर, नागपुर (महाराष्ट्र) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन सचिव डॉ. ओ.पी. सिंह ने बताया कि पंचगव्य में पॉच चीजें जैसे गोदुग्ध, दही, धृत और गोबर शामिल है। इसमे दूध, दही, घी एवं गौमूत्र का प्रयोग अलग-अलग एवं संयुक्त रुप से खून को पतला करना, रक्त शोधन, भूलने वाली बीमारी, पार्किन्शन, अल्जाइमर एवं डिमेन्शिया आदि के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इस संगोष्ठी में छ: सत्रों के अंतर्गत लगभग 200 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगें।राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग एवं गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र देवलापुर, नागपुर (महाराष्ट्र) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन सचिव डॉ. ओ.पी. सिंह ने बताया कि पंचगव्य में पॉच चीजें जैसे गोदुग्ध, दही, धृत और गोबर शामिल है। इसमे दूध, दही, घी एवं गौमूत्र का प्रयोग अलग-अलग एवं संयुक्त रुप से खून को पतला करना, रक्त शोधन, भूलने वाली बीमारी, पार्किन्शन, अल्जाइमर एवं डिमेन्शिया आदि के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इस संगोष्ठी में छ: सत्रों के अंतर्गत लगभग 200 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगें।
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