14.07.2022
पिछले दो-तीन सालों में युवाओं में दिल की बीमारी तेजी से बढ़ी हैं। कोरोना महामारी के बाद से लगातार इसके मरीज भी बढ़ने लगे हैं। आंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में हर माह हार्टअटैक से पीड़ित डेढ़ से दो सौ लोगों की एंजियोप्लास्टी की जाती है। इसमें से एक तिहाई यानी 50 से 60 मरीज 35 साल से कम उम्र के हैं, इसमें महिलाएं भी 20 फीसदी शामिल हैं। कार्डियालॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव बताते हैं, युवाओं में हार्ट अटैक का प्रमुख कारण तंबाकू या गुड़ाखू का अत्यधिक सेवन है। आज के युवा दिनभर तंबाकू या गुटखा खाते देखे जा सकते हैं। इससे खून का थक्का जमने के साथ ही नसों में ब्लाकेज हो जाता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। वहीं यहां की महिलाएं भी गुड़ाखू का सेवन ज्यादा कर रही हैं। महिलाओं में हार्ट की बीमारी बहुत कम देखी गई है, अगर होती भी है तो 45 से 50 साल के बाद। परंतु अब 35 साल से पहले ही उन्हें हार्ट की बीमारी होने लगी है।
हार्टअटैक के ये हैं प्रमुख कारण
नशा, डायबिटिज, हाइपर टेंशन के अलावा व्यस्त जीवन शैली के कारण अनियमित आहार, जंक फूड, अधिक मसालेदार भोजन, आनुवंशिकी, मोटापा, मानसिक तनाव, एनजाइन यानि दिल में ऑक्सीजन की कमी आदि।
हार्टअटैक से बचाव
हार्टअटैक से बचाव के लिए नशे की आदत को छोड़ने की जरूरत है। संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए, ताकि वजन और ब्लड शुगर कंट्रोल रहे। नियमित व्यायाम करना चाहिए। दिन में कम से कम 30 मिनट के लिए कोई भी व्यायाम जरूरी होता है। तनाव कम करने के लिए अपनी काउंसिलिंग करना चाहिए।विशेषज्ञों का कहना है, हार्ट की बीमारी तो मां के गर्भ से ही शुरू हो जाती है। इसमें नसे धीरे-धीरे ब्लॉकेज होने लगती हैं। इसके कारण 40-50 साल की उम्र में हार्ट अटैक की समस्या होने लगती है, परंतु ये ब्लाकेज अब तंबाकू, गुड़ाखू, डायबिटिज सहित अन्य कारणों से जल्दी होने लगा हैं। युवाओं में थक्के ज्यादा होते हैं, ब्लाकेज कम होते हैं। इन्हीं थक्के के जमने से हार्ट अटैक आता है। देखा गया है कि 35-40 साल की उम्र में हार्ट अटैक से मौतें भी होने लगी है।
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