22.07.2022
जिले में हेपेटाइटिस ए यानी पीलिया रोग से बचाव एवं रोकथाम की जानकारी, हेपेटाइटिस के अन्य रूप की स्क्रीनिंग करने के लिए चल रहे हेल्दी लिवर कैंपेन के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों, ग्राम चौपालों में लोगों को स्वच्छ पेयजल व साफ सफाई का महत्व, लीवर को स्वस्थ रखने के उपाय एवं उचित खानपान की जानकारी दे रही है।दूसरी ओर जेल में बंद कैदियों, सेक्स वर्कर्स, गर्भवती माताओं जैसे हाई रिस्क ग्रुप को लक्षित कर उनकी स्क्रीनिंग एवं जांच कर हेपेटाइटिस के रोगियों का पता लगा रही है ताकि समय पर उनका उपचार शुरू किया जा सके। सीएमएचओ डॉ दिनेश खराड़ी ने बताया कि अभियान के तहत हाई रिस्क समूहों की स्क्रीनिंग के तहत हेपेटाइटिस रोगियो की पहचान कर टेस्ट कर रहे हैं। अभी तक जिले की सेंट्रल जेल एवं महिला जेल में बंद कैदियों की स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी में हेपेटाइटिस रोग के लक्षण पाए जाते हैं तो उन सभी का वायरल लोड की जांच करने के लिए ब्लड सैंपल लिया जाकर प्रयोगशाला भिजवाया जाएगा। जहां प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पॉजिटिव रोगियो का उपचार शुरू किया जाएगा। एड्स कंट्रोल टीम द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों समूहों की भी हेपेटाइटिस रोग के लिए जांच की जा रही है।
गर्भवती से बच्चे को खतरा ज्यादा : डॉ खराड़ी ने कहा कि यदि गर्भवती महिला हेपेटाइटिस रोग से संक्रमित है तो बच्चे को भी खतरा बना रहता है। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक गर्भवती महिला की एएनसी के दौरान हेपेटाइटिस की भी जांच हो। इसके लिए प्रत्येक मंगलवार एवं गुरुवार को सभी राजकीय चिकित्सालयों में जांच की जा रही है। अभियान के अंतर्गत नवजात को भी हेपेटाइटिस बी का टीका नियमित टीकाकरण के अंतर्गत जन्म के 24 घंटे के अंदर लगाया जा रहा है।
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