EXTEND the time limit of filling form

राज्यसेवा के समस्त अधिकारियों /कर्मचारियों द्वारा कार्यमूल्यांकन प्रतिवेदन  ऑनलाईन  भरने   एवं Auto Forward / Approval किये जाने हेतु समय सीमा दिनांक 31.07.2022 से बढाकर दिनांक 31.08.2022 तक की जाती है।

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मध्यप्रदेश : सरकारी अस्पताल खुलेंगे ‘एकल पारी’ में, आएगा ‘राईट टू हैल्थ’

मध्यप्रदेश : 30 मई 2019

मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ बनाने के लिए विशेषज्ञों की सीधी भर्ती करने के निर्देश दिए और उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो इसके लिए “राइट टू हेल्थ” की दिशा में विचार करें। सीएम ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ये दिए निर्देश –

मरीजों की, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की सुविधा देखते हुए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के देखने का समय 9 से 4 निर्धारित किया जाना चाहिए।

— मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में निजी भागीदारी में डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित किए जाए।

— चिकित्सा शिक्षा और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है। इसे लेकर सीएम ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड (CSR) अधिक से अधिक प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में आए इस दिशा में विशेष प्रयास करने को कहा।

— राष्ट्रीय स्वास्थ्य सूचकांकों के बीच के अंतर को समाप्त करने के लिए लक्ष्य और समय आधारित रणनीति बनाएं ।

— मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल कर परिणाम आधारित योजनाएं बनाएं ।

— निजी नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।

— डॉक्टर अस्पतालों में उपलब्ध हों और विशेषज्ञों की सेवाएं मरीजों को मिले ।

— स्वस्थ्य मध्यप्रदेश के लिए जरूरी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का हर स्तर पर उन्नयन कर उन्हें बेहतर बनाएं।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, सचिव श्री राजीव दुबे एवं आयुक्त स्वास्थ्य श्री नीतेश व्यास उपस्थित थे।

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On time salary is right of employee : High Court

डॉ. दीपक शर्मा का रिट पेटीशन पर राजस्थान हाई कोर्ट ने डिसीजन दिया कि प्रार्थी को उसकी बकाया सेलरी निर्धारित दिवस तक देय हो अथवा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव खुद कोर्ट में उपस्थित हों | तबादले के बाद प्रार्थी को नौ महीने तक तनख्वाह नहीं दी गयी तो पहले तो उन्होंने सभी स्तरों पर संपर्क किया लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मिला त्वरित न्याय | यह फैसला बना नजीर | निर्धारित अवधि में सेलरी नहीं दिये जाने पर DDO को जेब से भरना पड़ सकता है उस राशी का ब्याज |

संलग्न – हाईकोर्ट का आदेश

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सिगरेट गुटखा से छुटकारा कैसे पावें ?

Smoking is injurious to healthSmoking leads to poor health outcomes and is has a statutory warning printed on all cigarette packs. But yet people smoke. Most people associate smoking to lung cancer etc.

“At least three times every day take a moment and ask yourself what is really important. Have the wisdom and the courage to build your life around your answer.”

सिगरेट गुटखा आदि व्यसन धीरे धीरे आदमी को अपने चंगुल में ले लेते हैं, पता नहीं चलता कब उसका शौक उसकी आदत बनके अंततः लत बन जाता है, जो की उसके स्वयं के लिए शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से भारी पड़ता है और उसके परिवार को भी नुकसान उठाना पड़ता है |
तो क्या इन व्यसनों से छुटकारा पाना असंभव है ? तो जवाब है – बिल्कुल नहीं |

थोड़ी सी मेहनत से इनसे पीछा छुड़ाया जा सकता है, जानने के लिए यह विडियो देखें –

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Aadhaar Enabled Bio metric Attendance System (AE-BAS)

Q.1How does an organisation start Biometric Attendance System (BAS) for their employees?
Ans.Please submit details of the nodal officer and upload a signed request by the head of the department on attendance.gov.in portal. System would send OTP to the mobile number/email id of the nodal officer which needs to be entered again on the portal for verification.

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