सेवारत चिकित्सकों की एसीआर आईपीआर का ब्यौरा जारी – बाबूराज को फटका

Jaipur (Rajasthan) October 2019

सेवारत चिकित्सकों को प्रतिवर्ष वार्षिक प्रतिवेदन (ACR APR) और अचल संपत्ति विवरण (IPR) विभाग में भरकर देना होता है, वर्ष 2016 के बाद से ये ऑनलाइन भरे जाते हैं, पहले की स्थिति में ऑफलाइन सिस्टम था ।

पदोन्नति के लिए चिकित्सकों को प्रत्येक वर्ष का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन (APR/ACR) एवं अचल संपत्ति विवरण (IPR) जमा करवाना होता है, लेकिन इस ACR और IPR का निदेशालय में कोई धणी-धोरी नहीं है, चिकित्सक अपना अपना रेकॉर्ड समय से भेज भी दें तो यह रास्ते मे पता नहीं कहाँ कहाँ अटक जाता है, और इस अनुभाग में पहुंच भी जाये तो दांयी से बांयी टेबल पर नहीं आता, वहां भी कमियां निकाल कर पटक दिया जाता है, भोग की आस में । चिकित्सक तो ये सोचकर आराम से बैठे होते हैं कि उनका रेकॉर्ड तो पहुंच गया है, और 1 अप्रैल को उनकी पदोन्नति हो जाएगी, उन्हें क्या पता कि किस बिल और भोलाराम के जीव में अटक रखा है उनका रिकॉर्ड ।

2019 मई माह में डीओपी द्वारा पदोन्नति किये जाने वाले चिकित्सकों का रिकॉर्ड मांगे जाने पर निदेशालय के बाबूराज द्वारा आधा अधूरा रिकॉर्ड पकड़ा दिया जाता है, कायदे से रिकॉर्ड देने से पहले आंकड़े सार्वजनिक किए जाते हैं कि किसका कौनसा रेकॉर्ड बकाया है ताकि वो अपना अटका रिकॉर्ड निकलवा सके और कुछ बकाया हो तो जमा करवा सके । लेकिन बिना सूचित किये ही अधकचरे को आगे भिजवाया गया और 15 जून 2019 को जारी हुई लिस्ट में 1700 में से करीब 600 की ही पदोन्नति की गई, इसमें भी सीनियरिटी का ध्यान नहीं रखा गया है, चार ACR वाले का नाम है लेकिन सैंकड़ों ऐसों का नाम नहीं है जिनकी पूरी 6 जमा थी, यानी भयंकर गफलत हुई है जिससे राज्य के हजार चिकित्सक तनाव में हैं ।

एक सरकारी चिकित्सक सैंकड़ों किलोमीटर यात्रा करके निदेशालय में मात्र इसलिए जाता है कि उसे यह पता लगे की उसकी कौनसी ACR or IPR बकाया है, वह चिकित्सक वहां जाकर बाबूराज से मिन्नतें करता हुआ दिखता है, घूस वाली चाय भी पिलाता है । ऐसी स्थिति में सरकारी डॉक्टर द्वारा श्रीमान एसीएस महोदय को इस भयावह स्थिति से अवगत करवाया, साथ ही अरिसदा द्वारा भी सहयोग दिया गया तो एसीएस महोदय ने कई ऑनलाइन सहूलियतें देने की हामी भरी जिनमें से एक था ACR IPR का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना, यह ब्यौरा सार्वजनिक किया गया है, नीचे संलग्न है ।

  • ऑनलाइन की स्थिति में जिनका ACR स्टेटस Initiated हैं, यानि इनकी ACR इनके राजकाज खाते में अनछुई पड़ी है इसे फटाफट से भरकर सबमिट करें, आगे कहीं पेंडिंग है तो उसके लिए जिम्मेदार सम्बंधित अधिकारी हैं ।

बाकी जिनकी ACR IPR बकाया है वे जल्द से जल्द इसकी पूर्ती करावें क्यूंकि एसीएस महोदय के आदेशों से जल्द ही DACP होने जा रही है ।

IMMOVABLE PROPERTY REPORT (IPR) ONLINE STATUS ON DOP WEBSITE –

ANNUAL PERFORMANCE APPRAISAL REPORTS FILLING AUTHORITIES (NEW) –

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राजस्थान : डॉ. शर्मा बने अतिरिक्त निदेशक (राजपत्रित)

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान के अहम पद, अतिरिक्त निदेशक (राजपत्रित) पर डॉ. के.के. शर्मा को पदस्थापित किया गया है | डॉ. शर्मा, इसके साथ संयुक्त निदेशक, जोन जयपुर के पद पर पहले से कार्यरत हैं |

डॉ. संजीव जैन, इस पद पर कार्यरत थे, जिनकी सेवानिवृति 31 मई 2019 को होनी थी |

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Rashtriya Bal Swasthya Karyakram RBSK

The Ministry of Health & Family Welfare, Government of India, under the National Health Mission launched the Rashtriya Bal Swasthya Karyakram (RBSK), an innovative and ambitious initiative, which envisages Child Health Screening and Early Intervention Services, a systemic approach of early identi¬fication and link to care, support and treatment. This programme subsumes the existing school health programme.

Child Health Screening and Early Intervention Services basically refer to early detection and management of a set of 30 health conditions prevalent in children less than 18 years of age. These conditions are broadly Defects at birth, Diseases in children, Deficiency conditions and Developmental delays including Disabilities – 4D’s.