NO service available in Panchkaram hospital,bhopal

14.07.2022
प्रदेश में वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज में 50 बिस्तरों का सुपरस्पेशिलिटी पंचकर्म अस्पताल तैयार किया गया है। भवन भी करीब दो महीने से बनकर तैयार है, लेकिन इसे शुरू नहीं किया जा सका। दरअसल इस सेंटर में स्टाफ, डॉक्टर और उपकरणों की पूर्ति के लिए दो साल से कवायद चल रही है, लेकिन अब तक यहां न डॉक्टर मिले हैं न अन्य संसाधन। ऐसे में इस सेंटर को शुरू करने की डेडलाइन एक बार फिर अगस्त तक बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अपनी तरह का पहला अस्पताल होगा जहां मरीजों का निजी स्पा की तर्ज पर पंचकर्म किया जाएगा।
पंचकर्म से होगा मिर्गी का इलाज
यह देश का पहला एक्सीलेंस सेंटर होगा, जहां पंचकर्म अस्पताल के साथ न्यूरो स्पाइनल सेंटर भी बन रहा है। मिर्गी, लकवा और सुन्नपन जैसी बीमारियों का इलाज होगा। मालूम हो कि शहर में पंचकर्म की मांग बढ़ रही है। औसतन रोज 600 लोग ओपीडी में आते हैं। कॉलेज के पंचकर्म वार्ड के 150 बेड में से ज्यादातर फुल रहते हैं।
सरकार ने वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से यह हॉस्पिटल बनाया है। फिलहाल कुछ उपकरण और स्टाफ की कमी है। इसके लिए डिमांड भेजे गए हैं। जुलाई के अंत तक या अगस्त तक इसे शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज

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One health lab started in muzzaffarpur

12.07.2022
एसकेएमसीएच में सोमवार को होमी भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र के सौजन्य देश की पहली वन हेल्थ लैब शुरू हुई। इसका उद्घाटन सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि इस लैब की शुरुआत बिहार से होना गर्व की बात है। एसकेएमसीएच में इस लैब को टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल के तकनीकी सहयोग से पैथोलॉजी विभाग और डॉक्टर्स फॉर यू संस्था की ओर से संचालित किया जाएगा।वहीं, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि इस लैब में जीनोम सिक्वेंसिंग की जा सकेगी। इससे किसी व्यक्ति को किस प्रकार का कैंसर है, उसका पता चल सकेगा। अभी कैंसर का पता करने के लिए बायोप्सी, एमआरआई या सिटी स्कैन किया जाता है। जीनोम सिक्वेंसिंग के माध्यम से प्रसव के पूर्व ही बच्चे की जांच कर उसके जन्म से पहले की बीमारी की पहचान की जा सकती है। इसके अलावा जानवरों में होने वाली बीमारियों और प्रदूषण का मनुष्य पर होनेवाले असर के बारे भी इस लैब में शोध किया जाएगा

दवा कंपनी ने लैब के लिए दिए 100 करोड़

डॉ. रविकांत ने बताया कि वन हेल्थ लैब शुरू करने के लिए एक निजी दवा कंपनी ने 100 करोड़ रुपये दिए हैं। इसके अलावा डॉक्टर्स फॉर यू संस्था ने भी दस करोड़ रुपये का सहयोग दिया है। लैब एसकेएमसीएच की पीआईसीयू की चौथी मंजिल पर खोला गया है। इसमें पैथेलॉजी लैब, माइक्रोबायोलॅजी लैब और कैंसर जीनोम सिक्वेंसिंग का काम होगा।

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Recruitment process for medical officer in jaipur

22.06.2022
एमबीबीएस कर चुके डॉक्टरों के लिए खुशखबरी है। वित्त विभाग से अनुमति के बाद चिकित्सा विभाग ने मेडिकल अफसरों के रिक्त 840 पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को अभ्यर्थना भेज दी है। आरयूएचएस मेडिकल अफसरों के 840 पदों पर भर्ती के लिए 15-20 दिन में विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगने की तैयारी कर ली है।सरकार कोरोना महामारी के दौरान भी एमओ के 2736 पदों पर भर्ती कर चुकी है। इधर, दंत चिकित्सा अधिकारियों केे पदों पर सालों से भर्ती का इंतजार है। फिलहाल, राजस्थान स्टेट डेंटल काउंसिल में करीबन साढ़े आठ हजार दंत चिकित्सक पंजीकृत हैं।एमओ के पदों पर भर्ती के प्रमुख कारणों में पहला नए खुल रहे मेडिकल कॉलेजों में नेशनल मेडिकल कमिशन नई दिल्ली के मापदंडों को पूरा करना । दूसरा कारण प्रदेश की पीएचसी, सीएचसी, सब डिविजनल हॉस्पिटल और सेटेलाइट अस्पताल का क्रमोन्नत होना। तीसरा कारण पीजी कोर्सेज में प्रवेश लेना। इधर, डॉक्टरों की भर्ती होने से मरीजों को भी बड़ी राहत मिल सकेगी।वही राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस) के वाइस चेयरमैन ने कहां है कि चिकित्सा विभाग से भेजी अभ्यर्थना मिल गई है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द प्रक्रिया को शुरू करें ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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Opening of a New or Higher Course of Study or Training Regulation MCI

No.M.C.I.34 (41)2000-Med:-  In exercise of the powers conferred by section 10A read with section 33 of the Indian Medical Council Act,1956 (102 of 1956), in super-session of the Establishment of new Medical Colleges, opening of higher courses of study and increase of admission capacity in medical colleges Regulations, 1993, in so far as it relates to application for permission of the Central Government for starting new or higher courses (including PG degree/diploma and higher specialities) in a medical college / institution and application for permission of the Central Government to increase the admission capacity in MBBS/Higher courses (including Diploma/ Degree/ Higher specialities) in the existing medical colleges/institutions, the Medical Council of India, with the previous sanction of the Central Government