Communicable disease in Barmer

15.07.2022
थार में कुछ दिनों से मौसमी बीमारियां कहर बनकर टूट रही है। घर-घर लोग बीमार हो रहे है। खासकर बुखार और गले की तकलीफ के पीड़ित अस्पताल पहुंच रहे है। सुबह से लगने वाली मरीजों की लाइनें दोपहर तक ओपीडी समय खत्म होने के बाद भी पूरी नहीं हो रही है।बाड़मेर जिला अस्पताल में ओपीडी का आंकड़ा 2700 के ऊपर जा रहा है। अवकाश के दूसरे दिन यह आंकड़ा और भी अधिक रहता है। सुबह 7 बजे से ही मरीज अस्पताल आने शुरू हो जाते हैं, जबकि ओपीडी का समय 8 बजे शुरू होता है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के चलते परिसर में गुरुवार को भी पैर रखने की जगह तक नहीं थी। पर्ची काउंटर और आसपास के चिकित्सकों के कक्षों के आगे मरीजों की कतारें दिखी।

इमरजेंसी में सामान्य बीमारियों के सैकड़ों मरीज : अस्पताल की ओपीडी का समय खत्म हो जाता है तो यहां इमरजेंसी में सामान्य मरीजों की लाइनें लग जाती है। जबकि इमरजेंसी में गंभीर बीमार और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों का ेही देखा जाता है। लेकिन यहां पर सामान्य मरीजों की सुविधा को देखते हुए जनरल ओपीडी की तरह इमरजेंसी में देखा जा रहा है। जानकारी में आया कि बुधवार को इमरजेंसी में करीब 400 मरीजों की जांच की गई, जो सामान्य बीमारियों से पीड़ित थे।मौसमी बीमारियों की मरीज काफी बढ़े है। सामान्य ओपीडी में बुखार और गले की तकलीफ के पीड़ित बीमार ज्यादा आ रहे है। इनमें युवा अधिक है। मौसम में बदलाव के चलते खान-पान का ध्यान रखकर बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉ. थानसिंह (मेडिसिन) राजकीय जिला अस्पताल बाड़मेर

युवा ज्यादा आ रहे चपेट में
ओपीडी के चिकित्सकों के अनुसार युवा मौसमी बीमारियों की चपेट में ज्यादा आ रहे है। करीब 60 फीसदी से अधिक रोजाना युवा मरीज ही आ रहे हैं जो 18-30 साल के बीच है। इसमें भी पुरुष अधिक है। अधिकांश मरीज बुखार और गले की खराब से पीड़ित है।

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