Ragging in medical colleges

मध्य प्रदेश के रतलाम में राजकीय मेडिकल कॉलेज के 7 छात्रों के खिलाफ रैगिंग के आऱोप में एफआईआर दर्ज की गई है. उन्हें एक साल के लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है. रैगिंग से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है. अधिकारी ने कहा कि घटना 28 जुलाई को हुई थी और एक दिन बाद सोशल मीडिया पर जूनियर छात्रों को लाइन में खड़ाकर थप्पड़ मारते हुए दिखाए जाने वाले वीडियो सामने आए थे. इंडस्ट्रियल सेक्टर पुलिस थाने के एएसआई सुरेश कुमार शिंदे ने बताया कि रतलाम मेडिकल कॉलेज के वार्डन डॉ. अनुराग जैन की लिखित शिकायत के आधार पर शनिवार रात को सात छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 एवं 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कॉलेज के पुरूष छात्रावास में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का आरोप है.
कॉलेज के डीन डॉ. जीतेन्द्र गुप्ता ने बताया कि इन सातों छात्रों को कॉलेज से एक साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. वीडियो में छात्र जूनियर को लाइन में खड़ा कर थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं, बाद में मौके पर पहुंचे वार्डन डॉ. जैन पर बोतले फेंकने की घटना भी हुई थी.वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के हलाली बांध में रविवार को करंट की चपेट में आने से एक 40 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए हैं.

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Ragging in medical college

26.07.2022
इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में फिर एक बार रैगिंग का मामला सामने आया है। फर्स्ट ईयर के छात्रों ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित छात्रों की शिकायत सामने आने के बाद एमजीएम प्रबन्धन ने मामले में संयोगितागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।एमजीएम मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के छात्रों ने थर्ड ईयर के छात्रों पर प्रताड़ना, मारपीट के आरोप लगाए हैं। हालांकि डीन संजय दीक्षित ने रैगिंग के मामले में मीडिया को जवाब तलब करते हुए खुल कर कोई बात नहीं बताई है। हर सवाल के जवाब में मामले में शिकायत का मिलना और मामले की जांच होना कहकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।वहीं रैगिंग के मामले को लेकर संयोगितागंज थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि शिकायत के बाद 8 से 10 अज्ञात छात्रों पर कई धाराओं में मामला दर्ज कर पूरे मामले में जांच की बात कही है।पूरे घटनाक्रम में चौंकाने वाली बात ये है कि पीड़ित छात्रों ने शिकायत एमजीएम को न करते हुए दिल्ली में एंटी रैगिंग कमेटी को भेजी। वहां से ईमेल से एमजीएम प्रबंधन को सूचना मिली और फिर ताबड़तोड़ डीन डॉक्टर संजय दीक्षित के निर्देश पर एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई।अब तक ये पता नहीं चला है कि रैगिंग के शिकार छात्र कौन हैं। आरोपी छात्रों की भी जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसा पता चला है कि पीड़ित छात्रों में हॉस्टल के छात्र नहीं हैं। इधर, देर रात संयोगितागंज पुलिस ने एमजीएम के आवेदन के आधार पर अज्ञात छात्रों के खिलाफ एंटी रैगिंग एक्ट के साथ धारा 294, 323, 506 में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, एमजीएम प्रबंधन व छात्रों के बयान और तकनीकी जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।

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Ragging of juniors in Medical college, PALI

12.07.2022
पाली मेडिकल कॉलेज में रैंगिंग का मामला सामने आया हैं। इस पूरे मामले को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन छुपाने में लगा। इसे एक फुटबॉल मैच के दौरान हुई तकरार का मामला बताया लेकिन वीडियो सामने आने पर सब स्पष्ट हो गया कि मेडिकल कॉलेज के जूनियर स्टूडेंट को सीनियर ने परेशान किया। उनसे मारपीट की ओर मूर्गा भी बनाया। अब देखने वाली बात होगी कि मेडिकल कॉलेज शुरू हाेने के बाद पहली बार रैंगिंग का मामला सामने आने पर कॉलेज प्रंबधन किसी तरह का एक्शन लेता हैं।मामला सीनियर स्टूडेंट को फ्रेशर पार्टी में नहीं बुलाना से शुरू हुआ। ऐसे में सीनियर जहां भी जूनियर को देखते उनसे लूज टॉक करते। ऐसे में वर्ष 2020 बैंच के स्टूडेंट परेशान हो गए। मामला तब बढ़ गया जब सीनियर्स ने 2020 बैच के स्टूडेंट‌्स को रात को समझाइश के बहाने बुलाया। वहां भी दोनों पक्षों में तकरार हुई तो सीनियर ने जूनियर को पीटा उन्हें मूर्गा तक बनाया। उन्हें धमकी दी कि यहां रहना है तो हमसे डरकर रहना होगा। रोज-रोज के टॉचर्र से परेशान जूनियर स्टूडेंट ने आखिरकार ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ दीपक वर्मा को शिकायत की। लेकिन उन्होंन सख्त एक्शन लेने की बजाय जांच कमेटी गठित की जो पूरे मामले की जांच के बाद कोई कार्रवाई करेगी। रैंगिंग मामला होते हुए भी उन्होंने इसे रविवार शाम को कॉलेज परिसर में हुए फुटबॉल मैच में सीनियर-जूनियर में तकरार का मामला बता पूरे मामले को छुपा दिया।

रविवार रात की हैं घटना
मामला रविवार रात का बताया जा रहा हैं। सीनियर्स ने जूनियर्स को हॉस्टल बुलाया। जहां सीनियर्स और जूनियर्स की तकरार और बढ़ गई। रात को सीनियर्स ने जूनियर्स हॉस्टल के दरवाजों पर लातें मारी। बताया जा रहा हैं कि कमरों में घुसकर जूनियर्स से मारपीट की। कई जूनियर स्टूडेंट के गंभीर चोटें आई। कुछ चिकित्सक शिक्षकों ने जूनियर्स को हौंसला बंधाया कि वे उनके साथ हैं और एक गार्ड भी तैनात किया, लेकिन सीनियर्स ने गार्ड से भी मारपीट कर मोबाइल छीन लिया।

फ्रेशर पार्टी के बाद शुरू हुआ टॉर्चर

अभी तक की जानकारी में सामने आया कि मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2020 बैच के छात्रों ने 2019 के बैच के लिए 26 अप्रैल को फ्रेशर्स पार्टी रखी, जिसमें वर्ष 2018 बैच के एक भी मेडिकल स्टूडेंट को नहीं बुलाया गया। इससे वर्ष 2018 बैच के स्टूडेंट्स खफा वर्ष 2020 के जूनियर स्टूडेंट से खफा हो गए। फिर 2018 बैच के सीनियर्स ने 2019 बैच के स्टूडेंट्स को अपने ग्रुप में शामिल करते हुए वर्ष 2020 बैच के स्टूडेंट्स को परेशान करना शुरू कर दिया।

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Medical Council of India (Prevention and Prohibition of Ragging in Medical Colleges/Institutions) Regulations, 2009

Punishable ingredients of Ragging:-  

• Abetment to ragging;

• Criminal conspiracy to rag;

• Unlawful assembly and rioting while ragging;

• Public nuisance created during ragging;

• Violation of decency and morals through ragging;

• Injury to body, causing hurt or grievous hurt;

• Wrongful restraint;

• Wrongful confinement;

• Use of criminal force;

• Assault as well as sexual offences or even unnatural offences;

• Extortion;

• Criminal trespass;

• Offences against property;

• Criminal intimidation;

• Attempts to commit any or all of the above mentioned offences against the victim(s);

•  Physical or psychological humiliation.

• All other offences following from the definition of “Ragging”.