04.07.2022
अब चिकित्सा विभाग में कार्यरत कंपाउंडर, बाबू, रेडियाेग्राफर, लैब टेक्नीशियन और लैब सहायक भी फूड सेफ्टी अफसर का काम कर सकेंगे। राज्य में फूड सेफ्टी अधिकारियों की कमी से जूझ रहे चिकित्सा विभाग ने अब इस संकट से पार पाने का यह तरीका निकाला है। इसके तहत फूड सेफ्टी अधिकारी की समकक्ष शैक्षणिक योग्यता वाले विभाग के ही अन्य संवर्ग के कर्मचारियों को फूड सेफ्टी अधिकारी के रिक्त पदों पर लगाया गया है। अब इन्हें ट्रेनिंग और नोटिफिकेशन के बाद काम सौंपा जाएगा।
50 डॉक्टरों को एफएसओ लगाने पर विरोध हुआ था
ऐसा ही प्रयोग चिकित्सा विभाग पहले भी कर चुका है। 50 डॉक्टरों को बतौर फूड सेफ्टी अफसर लगाने की तैयारी की गई थी। मामला विधानसभा में उठा और यह कहा गया कि पहले से डॉक्टरों की कमी है, कोविड के दौर में चिकित्सकों से गैर चिकित्सकीय कार्य कराने पर सवाल उठे थे।
आरपीएससी को 200 पदों की अभ्यर्थना भेजी गई है
यह न तो भर्ती है और न ही नियुक्ति। 39 कर्मचारी ट्रेनिंग के लिए छांटे गए हैं, जो समकक्ष योग्यता रखते हैं। 200 एफएसओ के पदों की अभ्यर्थना आरपीएससी की भेजी है। इसी बजट में सीएम ने भर्ती की घोषणा की थी। – सुनील शर्मा, खाद्य सुरक्षा आयुक्त
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