15.07.2022
कोरोना ने कई लोगों की जीभ का जायका खराब कर दिया है। कोविड के बाद कई लोग अब तक लॉन्ग पोस्ट कोविड सिंड्रोम की पीड़ा झेल रहे हैं। किसी को मीठे का पूरा टेस्ट नहीं आ रहा तो कुछ को हमेशा भोजन में नमक कम लगता है। प्रदेश के अस्पतालों में रोजाना ऐसे केस आ रहे हैं, लेकिन मरीजों को पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। दरअसल, राज्य के मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अधिकांश बड़े अस्पतालों में कोरोना की दूसरी लहर के बाद संचालित पोस्ट कोविड क्लिनिक (ओपीडी) गुपचुप बंद कर दी गई है। ऐसे में पोस्ट कोविड सिन्ड्रोम से पीड़ित मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। फिजिशियन को एक बार दिखाने के बाद पोस्ट कोविड ओपीडी के अभाव में उनका फॉलोअप नहीं हो पा रहा है। जबकि पोस्ट कोविड रिकवरी दर बढ़ाने के लिए देश में मल्टीडिसिप्लिनरी पोस्ट कोविड क्लिनिक विकसित करने की मांग उठ रही है।विशेष ओपीडी बंद होने से मरीज की पोस्ट कोविड रिकवरी अटक गई है। इस ओपीडी में ऐसे मरीजों का नियमित फॉलोअप होता था। लक्षणों का सही निदान एवं उपचार, फिजियोथेरेपी व पोषण संबंधित सलाह के माध्यम से जल्द से जल्द रिकवर करने की कोशिश की जाती थी।
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