25.07.2022
पहले कार्डियोलॉजी में डाई नहीं मिल रही थी और अब ओपन हार्ट सर्जरी में जरूरी ऑक्सीनेटर खत्म है। हर दिन 6 ऑक्सीनेटर की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 2 ही मिल रहे हैं। इस वजह से हार्ट सर्जरी के मरीजाें की वेटिंग लंबी हाे गई है। इन्हें दो-दो माह बाद तारीख मिल रही है। ऑक्सीनेटर के लिए डाॅक्टर्स कई बार अस्पताल प्रशासन काे अवगत करा चुके हैं, इसके बावजूद पूर्ति नहीं हाे रही है।इतना ही नहीं हार्ट मरीजाें के लिए काम आने वाली सिलेक्ट्रा जाेन, काेम्पिलामिना जैसी दवाइयां भी नहीं मिल रही हैं। इधर, निशुल्क दवा योजना में भी जरूरत की दवा नहीं मिल रही है। डॉक्टर मरीजों को सरकार के आदेश के तहत दवा लिख तो रहे हैं, लेकिन जैसे ही काउंटर पर पहुंचते हैं तो अनुपलब्ध की मोहर लगा दी जाती है। इस बारे में कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. राजेंद्र बागड़ी का कहना है कि ऑक्सीनेटर की सप्लाई कम है, इसकी जानकारी नहीं। डिमांड लेटर नहीं आया है।
बाहर से महंगी दवा खरीद, अंदर 5 दिन से खत्म
निशुल्क योजना में दवा नहीं मिलने पर मरीजाें काे बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। किडनी, कैंसर और थायराइड के मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। ये मरीज पांच दिन से अस्पताल में चक्कर लगा रहे हैं।
20 दिन से एंटी बाॅडी जांच बंद, 500 सैंपल पेंडिंग
अस्पताल में 21 दिन से एंटी न्यूक्लियर एंटी बॉडी की जांच नहीं हो रही है। इस कारण मरीजों में होने वाली ऑटो ह्ममून रोग का पता नहीं चल पा रहा है। अस्पताल में धनवंतरी में बनी लैब में सप्ताह में एक बार इसकी जांच की जाती है, लेकिन बीस दिन से जांच किट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में तीन सप्ताह में 500 से अधिक सैंपल पेंडिंग हो गए हैं। जांच रिपोर्ट के लिए आए दिन मरीज काउंटर पर चक्कर लगा रहे हैं ।
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