Murder of nurse

26.07.2022
लखनऊ के मेदांता अस्पताल की ट्रेनी नर्स की सोमवार को हत्या कर दी गई। उसका शव अस्पताल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भागीरथी एन्क्लेव के बेसमेंट में मिला। उसके कपड़े फटे हुए थे। आशंका है कि रेप के बाद उसकी हत्या करके शव को बेसमेंट में फेंक दिया गया।तालकटोरा इलाके की रहने वाली 25 साल की युवती ने 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल में नर्स की नौकरी जॉइन की थी। वह अस्पताल गोमती नगर के हुसड़िया स्थित हॉस्टल में रह रही थी। रविवार को मेदांता के पास ही बने भागीरथी एन्क्लेव के बेसमेंट में उसका शव मिला। उसके शरीर में न हो कोई गहरी चोट थी और न ही खून निकला था।

घरवालों ने कहा किसी ने बहाने से बुलाकर की हत्या
युवती के घरवालों ने बताया कि वो 21 जुलाई से ही मेदांता अस्पताल में आई थी। इस दौरान उसने कोई ऐसी बात नहीं बताई जो आत्महत्या की वजह हो सकती है। यह जानकारी मिली है कि भागीरथी एन्क्लेव में मेदांता का ज्यादातर स्टाफ किराए पर फ्लैट लेकर रहता है। उनका कहना है कि बेटी को किसी बहाने से यहां बुलाकर उसकी हत्या की गई है।

महिला के साथ गेट से एंट्री करते कैमरे में दिखी
पुलिस ने अपार्टमेंट का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। युवती 11:47 बजे एक महिला के साथ गेट से एंट्री करते दिखी। इस महिला से पूछताछ हुई, तो बताया कि वो बच्चे को स्कूल से लेकर आ रही थी। युवती को वो जानती भी नही हैं। पुलिस का दावा है कि बाकी फुटेज में लड़की टावर नंम्बर 8 में लिफ्ट से ऊपर जाते दिखी है।लिफ्ट से 12वें फ्लोर पर देखा फिर 14वीं मंजिल पर गई पुलिस के दावे के मुताबिक, लड़की को लिफ्ट में चढ़ते हुए कैमरे में देखा गया। उसने लिफ्ट से ऊपर जाते हुए पहले 12वीं मंजिल पर इधर-उधर झांका। इसके बाद 14वीं मंजिल पर चली गई। दोपहर करीब 2 बजे अपार्टमेंट के रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी की एक महिला पदाधिकारी ने बेसमेंट में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। ADCP राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि हर पहलू की जांच की जा रही है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

blackmail of doctor by nurse in shivpuri

23.07.2022
शिवपुरी में निजी अस्पताल की नर्स ने डॉक्टर के बेटे को प्रेम जाल में फंसा कर पैसे लूट लिए। डॉक्टर को इस बात का पता चला ते उसने उसे नौकरी से हटा दिया। नौकरी छूटने के बाद नर्स ने डॉक्टर के बेटे से बात की लेकिन बात नहीं बनी। गुस्से में आकर नर्स ने उसे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी और लाखों रुपए वसूल लिए। नर्स की जब इतने से भूख नही मिटी तो उसने और पैसों की मांग की। डॉक्टर और उसके बेटे ने सिटी कोतवाली में नर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सहित उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नौकरी नहीं वापस नहीं मिलने पर शुरू की ब्लैकमेलिंग
बता दें कि शिवपुरी के मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नर्स 4 महीने नर्स से नौकरी कर रही थी।डॉक्टर के बेटा अक्सर हॉस्पिटल में आया-जाया करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात नर्स ने हुई। जिसके बाद दोनों एक दूसरे से बातचीत बढ़ने लगी और वे एक दूसरे से प्यार करने लगे। डॉक्टर को इस बात का पता चला तो उसने नर्स को नौकरी से निकाल दिया। नौकरी से निकाले जाने के बाद नर्स ने डॉक्टर के बेटे से बात उसे वापस नौकर दिलाए जाने की सिफारिश अपने पिता से करने की बात कही। लेकिन जब बात नहीं बनी तो नर्स ने बेटे को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

नर्स ने 4 जुलाई को सिटी कोतवाली के बाहर से डॉक्टर के बेटे को फोन लगाया और कहा कि वह कोतवाली के बाहर खड़ी हुई है और उसके खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने जा रही है। यह सुन डॉक्टर और बेटा दोनों डर गए और कोतवाली पहुंच गए। जहां नर्स बाहर ही खड़ी थी। दोनों ने नर्स तो समझाया और हॉस्पीटल ले आए। जहां डॉक्टर ने अपनी इज्जत और बेटे का भविष्य को बचाने के लिए नर्स को 5 लाख का चेक और 5 लाख नगद दिए।

नर्स को 5 लाख मिलने के बाद भी जब तसल्ली नहीं हुई तो वह डॉक्टर पर दबाब बनाते हुए उसे दोबारा नौकरी पर रखने और ज्यादा रुपयों की मांग करने लगी। डॉक्टर ने जब मना किया तो उसके बेटे को बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया।

डॉक्टर ने की शिकायत दर्ज

परेशान होकर डॉक्टर और उसके बेटे ने सिटी कोतवाली थाने में पहुंचकर नर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नर्स और उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।

सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि नर्स और उसके सहयोगी के पास से 4 लाख नगद और 5 लाख का चैक मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Lab technician and nursing student Corona positive at Nalanda Medical College and Hospital (NMCH), Patna.

17.06.2022
एनएमसीएच में एक लैब टेक्नीशियन व एक जीएनएम की छात्रा के कोरोना पॉजिटिव होने से अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है। दोनों को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है। प्राचार्य डॉ. एचएल महतो ने इसकी पुष्टि की है। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि दोनों में बीमारी का लक्षण पाए जाने पर डॉक्टर की सलाह पर आरटीपीसीआर जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पटना में गुरुवार को कोरोना के 40 मरीज मिले हैं। इनमें 20 पटना के हैं। फुलवारीशरीफ में एक ही परिवार के तीन लोग संक्रमित हुए हैं। जिन इलाकों में मरीज मिले हैं, उसमें आनंदपुरी, रूकनपुरा, फुलवारीशरीफ, जमाल रोड, हनुमाननगर, फतुहा आदि शामिल हैं। दूसरे नंबर पर औरंगाबाद है, जहां पांच मरीज मिले हैं। मधुमेह से पीड़ित 10 साल का बच्चा भी संक्रमित हाे गया है। उसे पटना एम्स में भर्ती कराया गया है। अभी एम्स में कोरोना संक्रमित एक बुजुर्ग और एक बच्चे का इलाज चल रहा है।कोरोना संक्रमित बुजुर्ग भी मधुमेह और बीपी से पीड़ित हैं। गुरुवार को जाे संक्रमित मिले हैं, उनमें कुछ की दिल्ली, मुंबई से आने की ट्रैवल हिस्ट्री भी है। इनके संपर्क में आने वालों की कांटैक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, हवाई अड्‌डा और बस स्टैंड पर जांच की संख्या बढ़ाई गई है। सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह के मुताबिक कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं। घर में ही स्वस्थ हो रहे हैं। उनकी मॉनिटिरिंग कराई जा रही है। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 178 र पटना में 117 हाे गई है। अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना के मरीजों के लिए एमसीएच में एक सौ बेड रिजर्व रखे गए हैं। सभी बेडों पर ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन की सुविधा है। फिलहाल कोविड का कोई भी मरीज भर्ती नहीं है

More than 50 nurses have made serious allegations of obscenity against the superintendent of Bhopal’s Hamidia Hospital, Dr. Maravi.

15.06.2022
अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक पर अश्लीलता और बलात्कार का आरोप लगा है, इस मामले में स्टॉफ की 50 से अधिक नर्सों ने एकजुट होकर शिकायत दर्ज कराई है, मामला चिकित्सा एवं शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग तक पहुंचने पर हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ दीपक मरावी के खिलाफ नर्सों ने जबरन चैंजिंग रूम में घुसकर अश्लीलता करने का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि अधीक्षक बिना गेट पर दस्तक दिए अंदर घुस जाते हैं, वे नशे की हालात में हाफ पेंट में ही रहते हैं और अश्लीलता करते हैं, इस बारे में उनका विरोध करने पर वे नौकरी से हाथ धो बैठने की धमकी देते हैं। इस मामले में स्टॉफ की नर्सों ने लिखित में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से शिकायत की है, उन्होंने इस मामले की १० दिन में जांच के लिए संभाग कमिश्नर गुलशन बामरा को आदेश दिए हैं।

NOC for employees of Department of medical and health

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा नियम 1963 के अन्तर्गत समस्त संवर्गों के चिकित्सकों द्वारा Higher study application / Interview / Examination/ Selection / Foreign visit आदि के प्रकरणों के समस्त No Objection Certificate राज्य सरकार स्तर से ही जारी किये जायेंगे | अनुमति लिए बिना उक्त कार्य करने पर कार्यवाही होगी |

Joining after court stay on transfer

गलत तबादला किये जाने अथवा अन्य स्थिति में कई बार कार्मिक अदालत जाकर न्याय मांगते हैं और कई बार वो उस तबादले पर स्थगन आदेश ले आते हैं और उन्हें वापस से जॉइन करवाया जाता है ।

लेकिन जॉइन कहाँ करवाया जाए यह मुद्दा विचारणीय है, इसके लिए निदेशक जन स्वास्थ्य द्वारा निम्न आदेश पारित किया गया है (यह आदेश मेडिकल सुपरिटेंडेंट पर लागू नहीं होता है) –

इस आदेश की आड़ में अनावश्यक ऐ पी ओ कर के रखता है सचिवालय ।
किसी भी विभाग में ऐसा नहीं होता है कि स्थगन प्राप्त अधिकारी कर्मचारी को निदेशालय में उपस्थिति देनी पड़े वह भी महीनों तक ।
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के अधीनस्थ चिकित्सक को सीधे ही ज्वाइन करवाया जाता है ।

जबकि निदेशालय के अधिनस्थ, पीएमओ ,सीएमएचओ एवम् ब्लॉक सीएमओ के अधीन चिकित्सकों को ही निदेशालय में उपस्थिति देनी पड़ती है ।
फाइलें सचिवालय की टेबल पर पड़ी रहती हैं लेकिन डिप्टी सेक्रेटरी साहब कहते हैं contempt lagado contempt laga do :/

ये लोग न्यायालय के आदेशों की पूर्ण पालना नहीं करना चाहते ।

जिन की राजनीतिक (₹) पहुंच है वे अपने स्थानांतरण ही निरस्त करवा लेते हैं, बाकी आम कार्मिक भटकते रहते हैं ।

एपीओ की अधिकतम अवधि फिक्स होनी चाहिए और उसमें कार्मिक के साथ सहयोगात्मक रवैया दिखाते हुए मामले को निपटाया जाना चाहिए, जबकि होता उल्टा है कि जानबूझकर परेशान करने के लिए लटकाया जाता है ताकि कार्मिक सिस्टम के आगे सरेंडर कर दे (₹₹₹) !

Medical health department merged with Panchayati Raj, Sanctioned post of all cadre

Injectable material do not give to patient, inject directly

Day off rules

सरकारी विभागों में शनिवार/रविवार का अवकाश रहता है जिस दिन उक्त कार्यालय के कार्मिक अवकाश पर रहते हैं, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य में सातों दिन चौबीस घंटे सेवाएँ दी जाती हैं इस स्थिति में अवकाश के दिन ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को इसके बदले में डे-ऑफ़ दिया जाता है |

कार्यालय अवकाश –

निदेशालय, जॉइंट ऑफिस, सीएमएचओ, बीसीएमओ कार्यालयों में फाइव डे वीक है, इसके अतिरिक्त सभी राजकीय अवकाशों में कार्यालय बंद रहते हैं |
Duty timing = 09:00 AM – 06:00 PM

पीएमओ, एसडीएच, सीएचसी पर कार्यालय केवल रविवार और राजकीय अवकाश को बंद रहते हैं |
Duty timing = 10:00 AM – 05:00 PM

चिकित्सक डे ऑफ़ –

पीएचसी चिकित्सा अधिकारी – केवल रविवार अवकाश, कोई डे ऑफ नहीं
सीएचसी/एसडीएच/डीएच चिकित्सक – साप्ताहिक डे ऑफ (कुल 4)

# एक सप्ताह लगातार ड्यूटी करने पर एक डे ऑफ, दो सप्ताह करने पर एक साथ दो डे ऑफ लिए जा सकते हैं |
# महिना पूरा होने के बाद गणना नए सिरे से लागु होगी |

पैरामेडिकल डे ऑफ़ –

नर्सिंग ऑफिसर* (MN1) – साप्ताहिक डे ऑफ (कुल 4)
अन्य नर्सिंग कर्मी –
केवल ओपीडी ड्यूटी वाले – मासिक कुल 4 डे ऑफ, सेकण्ड सैटरडे
राउंड द क्लॉक ड्यूटी वाले – (i) जनवरी से मई – 8 डे ऑफ
(ii) जून से दिसंबर – 7 डे ऑफ
सब सेंटर एएनएम – रविवार और राजकीय अवकाश को बंद

*  नर्सिंग ऑफिसर (MN1) अधिकारी है ना कि कर्मी/कर्मचारी |

All related orders attached below –

⇓ Share this post on Whatsapp & Facebook  ⇓