Cheating in the name of duty in raipur

18.07.2022
हैलो- मैं अभिषेक बोल रहा हूं। एनएचएम रायपुर से वैक्सीनेशन के लिए वैकेंसी निकली है। इसके लिए जो भी नर्सिंग स्टॉफ ज्वाइन करना चाह रहे हैं, उसके लिए 40 हजार रुपए डोनेशन लिया जा रहा है। यह डेढ़ साल के लिए एक्सटेंडेड रहेगा और बाद में इसे आगे भी बढ़ा दिया जाएगा। बुधवार तक इसकी लिस्ट जारी हो जाएगी। इसके बाद जिला अस्पताल पंडरी, मेकाहारा या डीकेएस हॉस्पीटल में टीकाकरण के लिए ड्यूटी दे दी जाएगी।’ यह ऑडियो ’पत्रिका’ को एक युवक से प्राप्त हुई है। इसमें अभिषेक नामक का एक युवक 40 हजार रुपए डोनेशन लेकर एनएचएम में वैक्सीनेशन के लिए नौकरी लगाने की बात कह रहा है, जबकि नेशनल हेल्थ मिशन रायपुर में इस तरह की कोई वैकेंसी ही नहीं निकली है। रायपुर स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम मनीष मेजरवार ने बताया, कोई भर्ती नहीं निकली है। वैक्सीनेशन के लिए भर्ती होती ही नहीं है। कान्ट्रेक्ट बेस पर इसमें कार्य लिया जाता है।

मध्यप्रदेश में भी छह को लगाई नौकरी!

नौकरी लगाने का दावा करने वाले व्यक्ति के मोबाइल नंबर को ट्रूकॉलर में सर्च करने पर ’अभिषेक एम्स’ नाम दिखाई पड़ रहा है। ऑडियो में 40 हजार रुपए डोनेशन लेकर डेढ़ साल तक या इसके आगे भी नौकरी लगे रहने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही जा रही है। जब फोन करने वाले व्यक्ति ने कन्फर्मेशन की बात कही तो उक्त व्यक्ति कन्फर्मेशन नहीं मिलने पर दूसरे दिन रुपए वापस करने की बात कह रहा है। ऑडियो में नौकरी लगाने का दावा करने वाले व्यक्ति ने मध्यप्रदेश में भी छह लोगों को स्कूल, हेल्थ विभाग में नौकरी लगाने का दावा कर रहा है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Medical vacancies in chandigarh

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

22.06.2022
एनएचएम चंडीगढ़ में जल्दी 50 पोस्ट पर भर्ती होनी है, जिस में कोरोना के दौरान आउट सोर्स कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर चुके स्टाफ को भी प्राथमिकता दी जाएगी। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में जब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तो प्रशासन ने हॉस्पिटल के बाकी जगहों के लिए आउट सोर्स या शार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्ट पर मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ नियुक्त किया गया था। कोरोना के जाते ही 500 से ज्यादा स्टाफ को हटा दिया गया। अबे नेचम उन्हें वापस से मौका देने की कोशिश कर रहा है,और जल्दी भर्ती प्रक्रिया शुरू करके, उन्हें अस्पताल में अपनी सेवाएं देने का मौका मिलेगा।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Notice given by NHM (National Health Mission) to all Chief Medical and Health Officers of Rajasthan regarding updating CRIS software

03.06.2022
नोटिस द्वारा बताया गया की,एनएचएम योजना के तहत जितने भी स्वीकृत विभिन्न संवर्ग के संविदा पदों पर कार्यरत संविदा कार्मिकों के रीलोकेशन/नियमित नियुक्ति/सेवा समाप्ति इत्यादि पश्चात जिले में कार्यरत कार्मिकों की वस्तुस्थिति से संबंधित क्रिस सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किया गया है, जिससे राजस्थान सरकार को एनएचएम की मेनपावर की सूचनाएं नहीं पहुंचाई जा पा रही हैं। अतः नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि जिले में जितने भी एनएचएम योजना में जिला स्तरीय संविदा पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी, जिसमें विशेष रूप से (एएनएम,जीएनएम, फार्मेसिस्ट और लैब टेक्नीशियन) अवश्य रूप से क्रिस सॉफ्टवेयर को अपडेट करना सुनिश्चित करवाएं।

राजस्थान के हृदय रोगियों को मिलेगा मुफ्त इलाज और ओपरेशन

(प्रतिवर्ष एक हजार हृदय रोगियों को मिल सकेगी निःशुल्क उपचार सुविधा)
जयपुर, 28 मई 2019।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ रघु शर्मा की मौजूदगी में मंगलवार को स्वास्थ्य भवन मेें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं राजकोट, गुजरात के प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन (पीएमएसआरएफ) के साथ दो वर्ष का एमओयू किया गया है। इस एमओयू के बाद प्रदेश के हृदय रोगियों को निशुल्क उपचार व रैफरल सेवा मिल पाएगी। एमओयू के तहत प्रतिवर्ष एक हजार हृदय रोगियों को निःशुल्क उपचार सेवायें प्रदान की जायेंगी।
डाॅ शर्मा ने बताया कि एमओयू के तहत इस फाउण्डेशन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, नाॅन कम्यूनिकेबल डिजीज यूनिट के समन्वय से जिलों में चिन्हित चिकित्सा संस्थानों पर पीडियाट्रिक एवं व्यस्क रोगियों की हैल्थ स्क्रीनिंग के लिये निःशुल्क शिविरों का आयोजन किया जायेगा। चिन्हित संभावित पीडियाट्रिक व कार्डियक रोगियों को ईको टेस्ट सहित जांच सेवायें निःशुल्क प्रदान की जायेगी। उन्होने बताया कि इस फाउण्डेशन द्वारा जन्मजात विकृति एवं हृदयरोग संबंधी बीमारियों से ग्रसित चिन्हित बच्चों एवं व्यस्कों को निःशुल्क उपचार सेवायें अपने चिकित्सा संस्थानों में प्रदान की जायेगी। 

राज्य सरकार की ओर से मरीज को राजकोट, गुजरात आने-जाने पर होने वाले व्यय के लिए 5 हजार रूपये की राशि दी जायेगी। 
मरीज के ठहरने व खाने-पीने एवं उपचार में होने वाले समस्त व्यय प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन द्वारा वहन किया जायेगा।  हदय रोग से संबंधी सर्जरी पर डेढ़ लाख रूपये तक का खर्चा आता है।
इस एमओयू कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री हेमन्त गेरा, मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ समित शर्मा, प्रबन्ध ट्रस्टी पीएमएसआरएफ श्री मनोज भिमानी, निदेशक जन स्वास्थ्य डाॅ वी के माथुर सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

⇓ Share this post on Whatsapp & Facebook  ⇓

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री और मिशन निदेशक पहुंचे स्विट्ज़रलैंड

राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा और मिशन निदेशक, एनएचएम डॉ. समित शर्मा WHO की 72वीं वार्षिक World Health Assembly में हिस्सा लेने स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा मुख्यालय पर पहुंचे, इस असेम्बली का आयोजन 20 से 29 मई 2019 तक किया जा रहा है | World Health Assembly एक अहम हिस्सा है WHO का, जिसमें दुनिया के सभी देशों के सदस्य हिस्सा लेते हैं और WHO की पॉलिसीज की जानकारी लेते हैं, साथ ही वित्तीय कार्यकर्मों की समीक्षा भी करते हैं | इस साल सदस्य देशों ने तीन प्रस्ताव पारित किये हैं –
1. प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से युनिवर्सल हेल्थ कवरेज करना
2. कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स की उचित भागिरदारी
3. युनिवर्सल हेल्थ कवरेज पर सितम्बर 2019 में उच्च स्तरीय बैठक आयोजन

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा ने रविवार 19 मई को शाम 04:30 बजे से 08:00 बजे तक डिस्कशन में भाग लिया, इसमें इथिओपिया के अधिकारी भी थे | इस स्तर का आयोजन CIFF और Jhpiego के सहयोग से जेनेवा के Maison de la Paix Meeting centre, Room C1 में किया गया था |

Discussion Topic – “The Right to Be Born Healthy”

डिस्कशन का मुख्य विषय यह था कि कैसे भारत और इथियोपिया जैसे देश किस तरह से मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु को किस तरह कम कर रहे हैं और युनिवर्सल हेल्थ कवरेज को बढाने के लिए रिप्रोडक्टिव, मेटरनल और न्यूबोर्न/चाइल्ड हैल्थ में क्या अच्छी प्रेक्टिस इस्तेमाल कर रहे हैं साथ ही किस किस स्ट्रेटेजी से प्रसवपूर्व सेवाएँ दे रहे हैं एवं संस्थागत प्रसवों को बढ़ावा दे रहे हैं |

चिकित्सा मंत्री ने डिस्कशन में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना (MNDY) के बारे में जानकारी दी तब इस योजना की सर्वाधिक सराहना हुई । मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना पिछली गहलोत सरकार कि महत्वकांक्षी योजना है जिसमें प्रदेश की जनता को मुफ्त दवा एवं सर्जिकल्स उपलब्ध करवाए जाते हैं, यह योजना फिर से सरकार कि अगड़ी योजनाओं में से है, जिसके सुदृढ़ीकरण के लिए “एमएनडीवाइ सेल” का गठन किया गया है, साथ ही नयी डीडीसी खोलने तथा मेन-पॉवर (फार्मासिस्ट/कंप्यूटर ओपरेटर/हेल्पर) लेने कि प्रक्रिया जारी है । जननी शिशु सुरक्षा योजना भी काफी सराही गयी ।

डॉ. रघु शर्मा देश के अकेले स्वास्थ्य मंत्री थे जिन्होंने इस असेम्बली में हिस्सा लिया है ।

⇓ Share this post on Whatsapp & Facebook  ⇓

क्या है मुख्यमंत्री निशुल्क दवा एवं जांच योजना का अगला कदम ?

राजस्थान प्रदेश में निशुल्क दवा योजना को लागू करने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान डॉ. समित शर्मा का रहा है और फिर से डॉ. समित शर्मा चिकित्सा विभाग में लौटें हैं उनका मुख्य ध्यान निशुल्क दवा और जांच योजना पर है | जानकारों का मानना है कि योजना की अगली कड़ी में इन योजनाओं को अस्पतालों में चौबीस घंटे भी चलाया जा सकता है जिससे सभी भर्ती एवं आपातकाल के मरीजों को सम्पूर्ण दवाइयों व जांचों का लाभ मिलेगा, साथ ही चर्चा है कि घरों पर प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की पर्चियों से भी सरकारी अस्पतालों से चौबीस घंटे मुफ्त दवा ली जा सकेगी और जांचें भी करवाई जा सकेंगी, हालाँकि यह लागू होगी या नहीं, अथवा कब से होगी, इसके बारे में कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त मैन-पॉवर की जरुरत होगी जिसकी तैनाती करना विभाग के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है |

Iron-Sucrose training material

State iron sucrose workshop/training for Medical Officers orientation.
(Kushal Mangal Karyakaram)

Publisher – SIHFW, Jaipur
Partners – National Health Mission, Dept. of Health & Family Welfare and jhpiego.

  1. Training manual
  2. Training agenda
  3. Knowledge assessment of participants
  4. Anaemia overview
  5. Management of Anaemia
  6. Case studies
  7. Administrative issues
  8. Learners Feedback

प्रदेश के अस्पतालों में चलेगा औचक निरीक्षण का दौर, मिशन निदेशक खुद उतरे मैदान में

कमान सम्हालते ही डॉ. समित शर्मा, मिशन निदेशक ने प्रदेश के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्र में अस्पतालों का सघन निरीक्षण करें ।

यह निरीक्षण उन अस्पतालों में व्यवस्था सुधारने की दिशा में होगा ।

मिशन निदेशक जयपुर के गणगौरी अस्पताल में निशुल्क दवा योजना की जानकारी लेकर निर्देश देते हुए –

मिशन निदेशक का मैसेज –

Good morning freinds,
As discussed yesterday, today all Directors, PDs, Additional and Joint directors, CMHOs , RCHOs , ADD/Dy CMHOs , DPMs ,BCMOs and DPCs etc (and MD, NHM also) will be visiting and monitoring our hospitals, CHCs, PHCs and Sub centres etc.
The objective is to monitor and improve the healthcare services in our state. This is a pious task. It is for supportive supervision and it’s not a fault finding exercise. Instead try to ‘catch’ them doing something ‘right’ and appreciate them and pat their back, instill confidence and a sense of responsibility in them.
The idea is to understand the genuine issues of the doctors and staff in field and to motivate, inspire and encourage them to provide quality healthcare services.
The focus can be on :
1. The healthcare facility starts delivering services as per the designated time. All doctors and staff are available (and providing services) during the work hours (and with Uniform and id card so the patient easily identifies them).
2. Get medicines from DDWs and make them available at all DDCs, a print of list of available medicine (with quantity) should be provided at the table of all doctors every Monday morning, before the opd starts. The idea is medicines are to be provided to all patients.
3. Availability of reagents, technician, equipment, x-ray films, ecg rolls etc so that patients can be properly investigated.
4. Properly arranged, neat and clean hospital specially opd , patient waiting area, labour room, wards and toilets.
5. Assured availability of quality health care services so that the patient feels satisfied and thanks us. (And we we too feel contented and thank God for choosing the noble profession for our life)
Believe me, together we will be creating history, in coming years. The concept of Health for all and universal health coverage is still largely in PSM books, together we can implement it on ground. It is an arduous task, but needs to be done, and of course attainable with hard work. Lakhs of poor and needy patients require our services to cure their suffering, pain and illness. God has entrusted this pious task to all of us.
So, please go ahead with a positive outlook and happy mood and make today a useful day.

A day worth living. A successful day of our life.

All the best.
Regards
Dr. Samit Sharma

आईएएस वीनू गुप्ता, नवीन जैन को विदाई और रोहित कुमार सिंह, समित शर्मा, सुरेश गुप्ता का स्वागत

स्वास्थ्य भवन में बुधवार की सायं अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती वीनू गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक श्री नवीन जैन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम एवं निदेशक आईईइसी श्री राजन विशाल एवं राजस्थान मेडिकल सर्विसेस कारपोरेषन के प्रबंध निदेशक श्री अनिल गुप्ता को उनके स्थानान्तरण उपरांत विदाई दी गयी।

नये प्रमुख शासन सचिव स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह, मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ.समित शर्मा एवं आरएमएससीएल के एमडी श्री सुरेश गुप्ता के कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत स्वास्थ्य भवन में उनका स्वागत किया गया।

मिशन निदेशक डॉ. समित शर्मा ने की अपने अंदाज में शुरुआत

डॉ. समित शर्मा के पहले ही आदेश से लेट-लतीफों में हलचल

राजस्थान सरकार में बदलाव के साथ ही विभिन्न विभागों के आला अधिकारी भी बदले गए, इसी क्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में मिशन निदेशक, नेशनल हेल्थ मिशन एवं विशिष्ठ शासन सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएँ के पद पर डॉ. समित शर्मा की नियुक्ति की गयी है जो पूर्व में भी इसी विभाग में अहम पद पर रहे हैं |
डॉ. शर्मा की छवि एक ईमानदार ब्यूरोक्रेट की है जो खुद भी चिकित्सक (एमबीबीएस, एमडी पेडियाट्रिक्स) हैं, इन्हें एक अनुशासित और नवाचार करने वाले अधिकारी के रूप में जाता है जिनके लिए काम ही सर्वोपरि है, और अब इन्होने ने अपने इसी अंदाज में नयी पारी की शुरुआत की है और चिकित्सा निदेशालय एवं एनएचएम अनुभाग के अधिकारीयों, कार्मिकों को आदेशित किया है की वे अपने निश्चित समय सुबह 09:30 पर ही अपनी उपस्थिति देना सुनिश्चित करें |
जानकारों का मानना है की जल्दी ही निदेशालय और प्रदेश के कार्यकलाप में सुधार देखने को मिलेगा, जो की ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा |

| ईमानदारों में विश्वास, कामचोरों में डर |

जानिए ! किन किन आईएएस अधिकारीयों की हुई है चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति |