23.07.2022
डेंगू, स्वाइन फ्लू और कोरोना के बाद अब बच्चों पर हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (एचएफएमडी) का प्रकोप है। इससे पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आने के साथ ही मुंह के अंदर, होंठों, कोहनी, हथेली, घुटनों व पैर के तलवों पर दर्दनाक छाले व लाल रैशेज हो रहे हैं।हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो यह चिकन पॉक्स के लक्षणों से मिलती यह सामान्य मौसमी बीमारी है। मानसून के इस सीजन में कभी गर्मी बढ़ जाती है, तो कभी नमी बढ़ जाती है, ऐसे में इस बीमारी को फैलाने वाले एंटिरोवायरस व कॉक्ससैकि वायरस एक्टिव हो गए हैं। इस बार इसका प्रकोप अधिक देखने को मिल रहा है।
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि आमतौर पर यह वायरस ग्रुप में अटैक करता है, इसलिए एक साथ कई बच्चों को शिकार बना सकता है। सबसे पहले यह वायरस मुंह के अंदर के टॉन्सिल के आसपास के टिश्यूज और पाचन तंत्रिका में फैलता है। खून के जरिए यह पूरे शरीर में फैल जाता है। मुख्य कारण मवेशियों के संपर्क में आना माना जाता है। बुखार तो दो-तीन दिन में चला जाता है, लेकिन मुंह, पैर व हाथ के छाले 8-10 दिन रहते हैं।
ये लक्षण दिखते हैं
2 से 3 दिन तेज बुखार
अस्वस्थ महसूस होना
हाथ, पैर, मुंह व हिप्स पर छोटे दर्दनाक छाले
छालों के पास खुजली
भूख ना लगना व चिड़चिड़ापन
बचाव व इलाज
साबुन से हाथ धोएं
मवेशियों के संपर्क से बचें।
कॉमन एरिया को कीटाणु रहित करें
इंफेक्टेड बच्चों से दूर रहें
पैरासिटामोल व छालों के लिए कैलेमाइन लोशन
डरें नहीं, संक्रामक होने के कारण सावधानी बरतें
डॉ. सिंह ने बताया कि इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं। किसी बच्चे को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि तेजी से फैलते इस वायरस से बचाव की जरूरत है, क्योंकि किसी एक बच्चे को यह बीमारी है तो दूसरे बच्चों में इसके फैलने की आशंका अधिक रहती है।
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