New medical college open in Ajmer

14.07.2022
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2021-22 के अंतर्गत पब्लिक हैल्थ मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी है। इसके भवन निर्माण के लिए 58.42 करोड़ की स्वीकृति जारी हो गई है। जिला कलक्टर की ओर से जमीन आवंटन के साथ भवन बनेगा। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में पब्लिक हैल्थ मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा।डॉ. वीर बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य जेएलएन मेडिकल कॉलेज

यह होगा फायदा
कम्यूनिटी मेडिसिन में वैक्सीनेशन, पोलियो, कोरोना, पानी का सेनिटाइजेशन, आंत्र शोथ बीमारी सहित अन्य बीमारियों के नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कोर्स वाले विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होंगे। इससे आमजनता को फायदा मिल सकेगा।

प्रवेश का यह रहेगा प्रावधान
पब्लिक हैल्थ कॉलेज में 25 सीट को मंजूरी मिली है। इनमें आधी सीटें एमबीबीएस करने वाले चिकित्सकों को एवं आधी सीटों पर इन सर्विस चिकित्सकों को प्रवेश दिया जाएगा।

जमीन आवंटन का इंतजार
अजमेर में जल्द 5 एकड़ जमीन पर पब्लिक हैल्थ मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। जमीन आवंटन के लिए जिला कलक्टर को प्रस्ताव दिया गया है। आवंटन के बाद भवन का निर्माण होगा। फिलहाल जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज परिसर में ही पब्लिक हैल्थ कॉलेज संचालित होगा। जमीन आवंटन व भवन निर्माण के बाद यह कॉलेज नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा

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Ragging of juniors in Medical college, PALI

12.07.2022
पाली मेडिकल कॉलेज में रैंगिंग का मामला सामने आया हैं। इस पूरे मामले को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन छुपाने में लगा। इसे एक फुटबॉल मैच के दौरान हुई तकरार का मामला बताया लेकिन वीडियो सामने आने पर सब स्पष्ट हो गया कि मेडिकल कॉलेज के जूनियर स्टूडेंट को सीनियर ने परेशान किया। उनसे मारपीट की ओर मूर्गा भी बनाया। अब देखने वाली बात होगी कि मेडिकल कॉलेज शुरू हाेने के बाद पहली बार रैंगिंग का मामला सामने आने पर कॉलेज प्रंबधन किसी तरह का एक्शन लेता हैं।मामला सीनियर स्टूडेंट को फ्रेशर पार्टी में नहीं बुलाना से शुरू हुआ। ऐसे में सीनियर जहां भी जूनियर को देखते उनसे लूज टॉक करते। ऐसे में वर्ष 2020 बैंच के स्टूडेंट परेशान हो गए। मामला तब बढ़ गया जब सीनियर्स ने 2020 बैच के स्टूडेंट‌्स को रात को समझाइश के बहाने बुलाया। वहां भी दोनों पक्षों में तकरार हुई तो सीनियर ने जूनियर को पीटा उन्हें मूर्गा तक बनाया। उन्हें धमकी दी कि यहां रहना है तो हमसे डरकर रहना होगा। रोज-रोज के टॉचर्र से परेशान जूनियर स्टूडेंट ने आखिरकार ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ दीपक वर्मा को शिकायत की। लेकिन उन्होंन सख्त एक्शन लेने की बजाय जांच कमेटी गठित की जो पूरे मामले की जांच के बाद कोई कार्रवाई करेगी। रैंगिंग मामला होते हुए भी उन्होंने इसे रविवार शाम को कॉलेज परिसर में हुए फुटबॉल मैच में सीनियर-जूनियर में तकरार का मामला बता पूरे मामले को छुपा दिया।

रविवार रात की हैं घटना
मामला रविवार रात का बताया जा रहा हैं। सीनियर्स ने जूनियर्स को हॉस्टल बुलाया। जहां सीनियर्स और जूनियर्स की तकरार और बढ़ गई। रात को सीनियर्स ने जूनियर्स हॉस्टल के दरवाजों पर लातें मारी। बताया जा रहा हैं कि कमरों में घुसकर जूनियर्स से मारपीट की। कई जूनियर स्टूडेंट के गंभीर चोटें आई। कुछ चिकित्सक शिक्षकों ने जूनियर्स को हौंसला बंधाया कि वे उनके साथ हैं और एक गार्ड भी तैनात किया, लेकिन सीनियर्स ने गार्ड से भी मारपीट कर मोबाइल छीन लिया।

फ्रेशर पार्टी के बाद शुरू हुआ टॉर्चर

अभी तक की जानकारी में सामने आया कि मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2020 बैच के छात्रों ने 2019 के बैच के लिए 26 अप्रैल को फ्रेशर्स पार्टी रखी, जिसमें वर्ष 2018 बैच के एक भी मेडिकल स्टूडेंट को नहीं बुलाया गया। इससे वर्ष 2018 बैच के स्टूडेंट्स खफा वर्ष 2020 के जूनियर स्टूडेंट से खफा हो गए। फिर 2018 बैच के सीनियर्स ने 2019 बैच के स्टूडेंट्स को अपने ग्रुप में शामिल करते हुए वर्ष 2020 बैच के स्टूडेंट्स को परेशान करना शुरू कर दिया।

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Blanket scam in PMCH.

05.07.2022
पीएमसीएच में कंबल घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. इंद्रशेखर ठाकुर ने केस दर्ज कराया है।अधीक्षक के बयान पर शल्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन, शल्य भंडार के तत्कालीन भंडारपाल हेमंत कुमार और तकनीकी सहयोगी शिवेंद्र प्रस्वद पर केस दर्ज किया गया है।एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।दरअसल, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शल्य भंडार के औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि कम्प्यूटराइज स्टॉक में 334 कंबल लिखा है, जबकि में भंडार में 14 ही हैं। रोष 320 कंबल कहां गए इसका अबतक हिसाब नहीं मिल पाया है।पीएमसीएच के शल्य भंडार का औचक निरीक्षण 27 जनवरी 2022 को किया गया।इस दौरान पीएमसीएच के उपाधीक्षक, मुख्य आकस्मिक चिकित्सा पदाधिकारी, राज्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी, भंडारपाल, तत्कालीन भंडारपाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।एफआईआर में कहा गया है कि तत्कालीन भंडारपाल हेमंत शर्मा ने शल्य भंडार का संपूर्ण प्रभार भंडारपाल महेश प्रसाद को नहीं सौंपा है। वहीं कार्यालय से उन्हें 19 अप्रैल को रिमाइंडर दिया जा चुका है। इनका वेतन भी रोक दिया गया है। अधीक्षक ने पुलिस से कहा कि भंडार का कार्य और रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी भंडारपाल और तकनीकी सहयोगी की होती है,साथ ही चिकित्सा पदाधिकारी भंडार समीक्षक होते हैं।इसी कारण इन तीनों पर एफआईआर की गई है।

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Jhalawar medical employees salary, not in timing

05.07.2022
एसआरजी चिकित्सालय प्रांगण में दोनों चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में कार्यरत समस्त केडर के कर्मचारियों की आपात बैठक बुलाई गई।
जिसमें सर्वसम्मति से सभी कर्मचारियों के 2 माह से लंबित वेतन के समय पर भुगतान के लिए अधीक्षक एवं डीन को ज्ञापन देकर आंदोलन की रणनीति का प्रस्ताव पारित किया। सभी केडर के सामूहिक प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संलग्न चिकित्सालयों में कार्यरत सभी केडर के कर्मचारियों को विगत 2 माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना करते हुए परिवार चलाने एवं लोन किस्तों के भुगतान की परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि वेतन को लेकर संबंधित अधिकारियों को पूर्व में कई बार मौखिक व लिखित में अवगत कराया गया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया।कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। प्रतिनिधि मंडल ने अधीक्षक डॉ.संजय पोरवाल को ज्ञापन देकर शीघ्र वेतन भुगतान की मांग की।

कल से कार्यबहिष्कार-
समय पर वेतन का भुगतान नहीं होने पर कर्मचारी 6 जुलाई से कार्य का बहिष्कार करेंगे।आमजन व मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए मेडिकल प्रशासन जिम्मेदार होगा। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में सेवारत चिकित्सक संघ, राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत, फार्मासिस्ट संघ, लैब टेक्नीशियन संघ, रेडियोग्राफर संघ, फिजियोथैरेपिस्ट संघ,सोसाइटी मेडिकल कॉलेज महासंघ,ईसीजी टेक्निशियन संघ,मंत्रालय कर्मचारी महासंघ, सहायक कर्मचारी संघ सहित कई लोगों ने ज्ञापन सौंपा।

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Controversy in medical college ,Ahamdabad

24.06.2022
गुजरात में एक मेडिकल कॉलेज के कैंपस में छात्रों की डीजे पार्टी से विवाद छिड़ गया है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का आश्वासन दिया है। दरअसल, अहमदाबाद सिविल अस्पताल कैंपस में बी.जे. मेडिकल के छात्रों द्वारा एक वार्षिक कार्यक्रम के दौरान डीजे पार्टी आयोजित की गई, जिसकी काफी आलोचना की गई, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का आश्वासन दिया है।मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. कल्पेश शाह ने बताया कि बुधवार रात को डीजे पार्टी का आयोजन कॉलेज कैंपस में वार्षिक चार दिवसीय कॉलेज कलफेस्ट का हिस्सा था, जो सिविल अस्पताल का एक हिस्सा है।अस्पताल 28 एकड़ जमीन में फैला है और साइलेंस जोन में आता है।पिछले दो वर्षों से कोविड महामारी के कारण कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया था, लेकिन इस वर्ष जैसे-जैसे स्थिति सामान्य हो रही है, छात्र संघ के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया और उत्सव की अनुमति दी गई।वार्षिक कार्यक्रम पिछले तीन दिनों से चल रहा है और शुक्रवार रात को समाप्त होगा। डॉ. शाह ने बचाव करते हुए कहा, “गुरुवार दोपहर तक, सिविल अस्पताल के एक भी मरीज ने या उनके रिश्तेदारों ने वार्षिक फेस्ट के कारण उन्हें परेशान करने या ध्वनि प्रदूषण के कारण उनकी रातों की नींद हराम करने की शिकायत नहीं की,डीन ने यह भी कहा कि शहर की पुलिस और दमकल विभाग से उचित अनुमति लेने के बाद, कार्यक्रम आयोजित किया गया था और इसलिए इसने किसी भी मानदंड या विनियमों का उल्लंघन नहीं किया।
स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा, “मैंने परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के बारे में सुना था, तब भी मैंने बीजे मेडिकल कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी थी और उन्हें परिसर में आयोजित नहीं करने का सुझाव दिया था, फिर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।यह खतरनाक है, इसकी जांच की जाएगी कि साइलेंस जोन में इस तरह के आयोजनों की अनुमति कैसे दी गई।

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PMCH, purchase register dissappearance case

24.06.2022
पीएमसीएच के सर्जरी डिपार्टमेंट के स्टोर से वित्तीय वर्ष 20-21 के क्रय रजिस्टर के गायब होने का मामले में पुलिस अब आरोपियाें से पूछताछ की तैयारी में जुट गई है। पुलिस ने कुछ कागजातों को खंगाला है। उसके आधार पर आरोपियाें शल्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी, तत्कालीन भंडारपाल हेमंत कुमार और फार्मासिस्ट शिवेंद्र प्रसाद को एक-दो दिनों में नोटिस भेजगी। उन्हें पुलिस के समक्ष हाजिर होना होगा। पुलिस आरोपों के बाबत उनका पक्ष जानेगी। पुलिस ने वर्तमान भंडारपाल महेश प्रसाद से पूछताछ की है। महेश से कुछ और कागजात मांगे गए हैं। सभी कागजात का पुलिस मिलान कर रही है।इन आराेपियाें के साथ ही अन्य अनियमतताओं में लिप्त कर्मचारियाें काे अन्यत्र पदस्थापित करने के लिए अधीक्षक ने इसी साल जनवरी में स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा था। लेकिन, पांच महीना बाद भी ये पीएमसीएच में जमे हुए हैं। जिन लोगों को पीएमसीएच से हटाने का आग्रह किया गया था, उनमें रोकड़पाल अजय उप्पल के साथ ही क्रय रजिस्टर गायब हाेने के आराेपी शिवेंद्र कुमार और हेमंत कुमार भी शामिल हैं। अधीक्षक द्वारा विभाग को लिखे गए पत्र के मुताबिक अजय उप्पल के कार्यकाल के दौरान वेंटीलेटर के लिए 35 लाख का भुगतान अधीक्षक के बगैर आदेश के कर दिया गया था। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को भी दी गई थी।

अधीक्षक के बयान पर केस दर्ज
ताजा मामला यह है कि सर्जरी स्टोर के भंडारपाल महेश प्रसाद ने पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. इंदु शेखर ठाकुर को एक पत्र लिखा। उस पत्र में लिखा कि वित्तीय वर्ष 20-21 का क्रय रजिस्टर गायब है। उन्हें पूर्ण प्रभार नहीं सौंपा गया है। उन्होंने चिकित्सा पदाधिकारी, तत्कालीन भंडारपाल और फार्मासिस्ट पर आरोप लगाया है कि इन लोगाें ने जानबूझकर क्रय रजिस्टर गायब कर दिया है। उसी पत्र के आधार पर अधीक्षक के लिखित आवेदन पर पीरबहोर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

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New principal in sms medical college, soon

24.06.2022
एसएमएस मेडिकल कॉलेज को 4 जुलाई के बाद नया प्रिंसिपल मिल जाएगा। नए प्रिंसिपल के लिए गुरुवार को इंटरव्यू हुए। इधर, प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। आवेदन के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्तर पर वीआरएस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अंतिम निर्णय के लिए फाइल चिकित्सा मंत्री परसादी लाल को भेजी गई है।वीआरएस के बाद डॉ. भंडारी आरयूएचएस के स्थाई वीसी की जिम्मेदारी संभालेंगे। अभी डॉ. भंडारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत हैं, जबकि आरयूएचएस स्वायत्तशासी संस्था है। डॉ. भंडारी एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 4 साल तक प्रिंसिपल रह चुके हैं। 4 जुलाई को कार्यकाल पूरा हो रहा है।

साक्षात्कार देने के लिए 28 डॉक्टर पहुंचे
सीएस उषा शर्मा की अध्यक्षता में हुए इंटरव्यू में 28 चिकित्सक शामिल हुए। डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. दीपक माथुर, डॉ. सुधीर मेहता, डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. राजीव बगरहट्टा, डॉ. शिवम प्रियदर्शी, डॉ. राकेश जैन, डॉ. लीनेश्वर हर्षवर्धन, डॉ. प्रभा ओम, डॉ. रामेश्वरम शर्मा, डॉ. धीरज सक्सेना, डॉ. प्रवीण माथुर, डॉ. भावना शर्मा,डॉ. गोवर्धन मीणा, डॉ. बी पी मीणा, डॉ. चन्द्रभान मीणा, डॉ. संजीव देवगौड़ा, डॉ. सुशील, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ सी एल नवल, डॉ लोकेंद्र शर्मा, डॉ गुंजन सोनी, डॉ सुदेश अग्रवाल,डॉ. बाल किशन गुप्ता, डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. परमेन्द्र सिरोही, डॉ. वीर बहादुर सिंह, डॉ. संजीव कुमार नैनीवाल ने पक्ष रखा। साक्षात्कार में आरयूएचएस के वीसी डॉ. सुधीर भंडारी, प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया व प्रमुख कार्मिक सचिव हेमन्त गेरा भी शामिल हुए। इधर, डॉ. अरविन्द शुक्ला, डॉ कुसुम लता, डॉ मोहम्मद सलीम, डॉ मुकेश आर्य, डॉ राजेन्द्र बागड़ी, डॉ रामेश्वर सुमन, डॉ रोहित अजमेरा, डॉ श्रीपहल राम मीणा, डॉ तरूण लाल इंटरव्यू में नहीं पहुंचे।

नए प्रोजेक्ट पर रहा फोकस
साक्षात्कार में चयन समिति का नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहा। इंटरव्यू बोर्ड ने अधिकांश चिकित्सकों से आईपीडी टॉवर, कैंसर इंस्टीट्यूट, निशुल्क ओपीडी-आईपीडी सेवा समेत कई प्रोजेक्ट्स को लेकर विजन जाना, साथ ही पूछा अगर उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो वे कैसे इन प्रोजेक्ट्स को नई ऊर्जा देंगे। चिकित्सकों को विजन रखने के लिए तीन मिनट दिया गया।

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Patna Medical College, Hospital (PMCH) lodged an FIR.

21.06.2022

पीएमसीएच में कोरोना काल के दौरान खरीदे गए सामान का ब्याेरा दर्ज हाेने वाला रजिस्टर गायब कर दिया गया है। खरीद-फरोख्त में हुई लाखों की धांधली को छिपाने के लिए ऐसा किया गया है। मामला सर्जिकल स्टोर का है। वित्तीय वर्ष 2020-2021 के दौरान सर्जिकल स्टोर ने जितनी भी खरीदारी की, उसका ब्योरा इसी एलपी (लोकल पर्चेज) बुक में रहता था। लोकल स्तर पर कॉटन, चादर, कंबल, पीपी किट, जांच किट सहित अन्य सर्जिकल आइटम की खरीद की जानकारी इसी एलपी बुक में दर्ज रहती है। क्रय में धांधली की आशंका को देखते हुए पीएमसीएच के अधीक्षक डाॅ. इंद्रशेखर ठाकुर ने पीरबहोर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अधीक्षक ने पुलिस से अपने लिखित आवेदन में कहा है कि शल्य भंडार से वित्तीय वर्ष 2020-2021 का एक एलपी बुक (स्थानीय क्रय रजिस्टर )गायब है। उन्होंने लिखा है कि एलपी बुक एक महत्वपूर्ण अभिलेख है और इसका गायब होना एक गंभीर मामला है। एफआईआर में लिखा गया है कि तत्कालीन लिपिक सह भंडारपाल हेमंत कुमार ने वर्तमान भंडारपाल महेश प्रसाद शर्मा को शल्य भंडार का पूर्ण प्रभार नहीं सौंपा है। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है। शल्य भंडार के वर्तमान लिपिक सह भंडारपाल महेश प्रसाद शर्मा से इस बाबत पुलिस ने पूछताछ भी है। उनसे इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी और दस्तावेज मांगा गया है।

भंडार और पंजी की जांच में सामान में था अंतर

पीएमसीएच सूत्रों की मानें तो अगर मामले की जांच सही से जाए तो क्रय-विक्रय में धांधली की पोल खुल जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दस्तावेज खंगाला जा रहा है। विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। कुछ महीने पहले बीएम दास रोड में पीरबहोर थाने की पुलिस छापेमारी की थी। वहां से पीएमसीएच की एचआईवी किट बरामद की थी। जिस एलपी बुक के गायब होने की बात हो रही है, उसमें सर्जिकल सामान का ब्योरा रहता है। सूत्रों की मानें ताे सर्जिकल स्टोर की भंडार पंजी में जिस सामग्री को जितना दर्शाया गया है, वह वास्तव में भंडार में उतना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले जांच हुई तब पता चला कि भंडार पंजी में 300 कंबल दिखाए गए हैं, जबकि भंडार में मात्र 18 पाए गए। वहीं भंडार पंजी में 200 छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर और 500 बड़ा सिलेंडर दिखाया गया था जबकि स्टॉक में इससे ज्यादा मिला। एलपी बुक गायब होने से कई सामग्री का विवरण फिलहाल नहीं मिल रहा है।

पत्र में लिखा है-घोटाला उजागर होता इसलिए गायब किया गया

कुछ दिन पहले वर्तमान लिपिक सह भंडारपाल महेश प्रसाद शर्मा ने अधीक्षक को पांच पन्ने का पत्र लिखा था। उस पत्र में शल्य भंडार की अनियमितताओं को दर्शाया गया है। पत्र में साफ लिखा गया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 का एलपी बुक तत्कालीन भंडारपाल और संबंधित कर्मियों का घोटाला उजागर होता इसलिए इसे जानबूझकर गायब किया गया है। महेश ने अपने पत्र में आशंका जताई कि उनके कक्ष से तत्कालीन भंडारपाल हेमंत कुमार और शिवेंद्र प्रसाद ने ही एलपी बुक गायब किया है। एलपी बुक में आपत्ति दर्शाने की बात भी कही गई है। पत्र में लिखा गया है कि भंडार पंजी और मौजूद सामग्रियों का मिलान करने पर बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। इसी कारण से शल्य भंडार के पांच सालों के भंडार पंजी के वितरण की जांच वरीय अधिकारियों से कराई जाए।

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Cathlab will open in Alwar

20.06.2022
एमआईए स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कैथल खोली जाएगी। इससे हाट रोगियों का इलाज अलवर में ही हो सकेगा। यह निर्णय दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में यह ऐसी योजना की 188 वीं बैठक में लिया गया है। लैब के खुलने से सीधे तौर पर ईएसआईसी से जुड़े कार्ड धारक बीमित श्रमिकों को कैशलेस इलाज मिलेगा। वही आमजन को विश का फायदा मिलेगा। कैथ लैब खोलने के निर्णय के बाद स्कैनिंग सहित अन्य मशीन के लिए भी बजट की स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस कैथलैब के शुरू होने पर अस्पताल में हॉट रोगियों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी हो सकेगी, जिसमें ब्लॉकेज का पता लगा कर हॉट रोगियों को स्टैंट डाले जा सकेंगे। अस्पताल में फिलहाल एक कार्डियोलॉजिस्ट पदस्थापित है, जो अस्पताल में पहुंचने वाले हाट रोगियों को ओपीडी में इलाज कर रहे हैं।

A doctor living in the hostel of Aurobindo Hospital, Indore committed suicide by jumping from the fifth floor.

17.06.2022
इंदौर के अरबिंदो अस्पताल के होस्टल में रहने वाले एक डॉक्टर ने पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। रात में सूचना के बाद परिजन भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस के मुताबिक आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। डॉक्टर ने यहां दो माह पहले ही एडमिशन लिया था।TI राजेन्द्र सोनी के मुताबिक घटना गुरुवार दोपहर की है। रात में थाने पर अरबिंदो अस्पताल के डॉक्टरों ने इसकी सूचना दी। कश्यप (26) पुत्र रमेश पाटीदार निवासी सुसारी ग्राम कुक्षी (धार) ने निजी सिद्धांत होस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। कश्यप ने विदेश से एमबीबीएस किया था। जिसके बाद वह इंदौर के अरबिंदो से ​​एमडी मेडिसिन की पढ़ाई कर रहा था। यहां वह फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था।पुलिस के मुताबिक होस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदने के बाद कश्यप की सांसें चल रही थी। मौके पर मौजूद होस्टल के कर्मचारी और स्टूडेंट उसे लेकर अरबिंदो अस्पताल पहुंचे। यहां उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टर देर रात तक उसका उपचार करते रहे। बुधवार रात को उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कश्यप का मोबाइल जब्त कर लिया है।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर होस्टल के रूम की जांच की। यहां पुलिस को कश्यप के जूतों के निशान दीवार पर मिले हैं। कपड़ों से कुछ कागज भी मिले हैं, जो दिन के समय ड्यूटी के थे। दोस्त और परिवार ने भी अपने बयान में किसी तरह की परेशानी को लेकर जिक्र नहीं किया है। इनका कहना है कि उसने कभी किसी से विवाद या झगड़े की बात नहीं कही।