20.07.2022
जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए लोगों को पांच से दस दिनों का भी इंतजार करना पड़ रहा है। रतलाम से करीब 25 किलोमीटर दूर बालोद से सपना पंचाल करीब पांच दिनों से सोनोग्राफी कराने के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रही है। मंगलवार को भी उसकी सोनोग्राफी नहीं हो सकी है। दरअसल अकेली सपना ही नहीं उन जैसे दर्जनों लोगों को बिना सोनोग्राफी के वापस लौटना पड़ रहा है।सोनोग्राफी मशीन की एक दिन में करीब 30 से 50 सोनोग्राफी की क्षमता होती है। इसके बाद भी सौ से अधिक सोनोग्राफी एक दिन में जिला अस्पताल में हो रही है।
आसपास सुविधा नहीं
जिले में आसपास के ब्लॉकों में सोनोग्राफी कराने की सुविधाएं ही नहीं है। जिसके कारण लोगों को रतलाम आना पड़ता है। हर बार मरीज और परिजन सोनोग्राफी कराने आते हैं, लेकिन उनको अगले दिन का नंबर मिल जाता है।सोनोग्राफी के लगातार तीन दिनों से आ रहा हूं। लाइन में लगे रहने के बाद वापस घर जाना होता है। हमेशा भीड़ का हवाला देकर अगली डेट दे दी जाती है। – नितिन सोलंकी, मरीजसोनोग्राफी के लिए पांच दिनों से आ रही हूं, लेकिन अस्पताल में सोनोग्राफी ही नहीं हो रही है। अभी कल की फिर तारीख मिली है।- रितिका , रतलाम
पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं, मरीजों की सोनोग्राफी अभी सिर्फ जिला अस्पताल में हो रही है। इमरजेंसी केस में तुरंत सोनोग्राफी करते हैं। – डॉ.रवि दिवेकर, आरएमओ जिला अस्पताल
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