Doctors are not like the Gwalior district hospital

20.07.2022
स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से ऑफिसों के साथ दूसरे कामों में लगे डॉक्टरों को अब अस्पतालों में भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में अभी हाल ही में आए स्वास्थ्य आयुक्त ने भी साफ कह दिया था कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को अस्पतालों में भेजा जाए। इसके बाद शहर के पांच डॉक्टरों को जिला अस्पताल भेजने की तैयारी हो गई थी। इसके लिए सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को भेजने के लिए आदेश जारी हुए हैं। लेकिन मजे की बात यह है कि आदेश के बाद भी डॉक्टर जिला अस्पताल में नहीं पहुंचे है। इसके चलते जिला अस्पताल में गायनिक सहित कई अन्य विभाग में कामकाज प्रभावित होने लगा है। इन डॉक्टरों के न आने से अब सिविल सर्जन भी डॉक्टरों को नोटिस देने जा रहे हैं।

अभी हाल ही में जिला अस्पताल से तीन गायनिक के डॉक्टरों के ट्रांसफर हुए हैं। इसमें से तीनों डॉक्टर जिला अस्पताल से जा चुके हैं। इसके चलते यहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं आया है। अब यहां हालात यह विशेषज्ञ डॉक्टरों के न आने से इलाज में परेशानी आने लगी है। वहीं दो अन्य डॉक्टर यहां से चले गए हैं। इस प्रकार पांच डॉक्टर अभी हाल ही में जा चुके हैं।

नोटिस दिया जाएगा
जिन डॉक्टरों को जिला अस्पताल में आना था। वह अभी नहीं आए है। इसके लिए इन सभी को नोटिस दिया जाएगा। वहीं कारण पूछा जाएगा कि क्यों नहीं ज्वॉइन किया।

डॉ. राजेश शर्मा, सिविल सर्जन

*इन डॉक्टरों को आना है

डॉ. बिन्दु सिंघल, जिला कुष्ट अधिकारी

डॉ. सीमा जायसवाल, जिला क्षय अधिकारी

डॉ. स्वाति अग्रवाल, लक्ष्मीगंज प्रसूति गृह

डॉ. अर्चना गुप्ता,सिविल डिस्पेसरी माधौगंज

डॉ. पायल निगोतिया, सिविल डिस्पेंसरी लधेड़ी

यह पांच डॉक्टर अस्पताल से गए
डॉ. गीता अहिरवार गायनिक

डॉ. राती गुप्ता गायनिक

डॉ. अनुपमा मिश्रा गायनिक

डॉ. हरिसिंह कुशवाह आई विशेषज्ञ

डॉ. विनोद दोनेरिया एमबीबीएस

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