Death of newborn due to lightning

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अस्पताल में बुधवार देर रात लाइट जाने से एक नवजात की मौत हो गई। जबकि दो बच्चों को दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया है। घटना सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट (SNCU) में हुई। लाइट जाने के चलते ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं अफसरों ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि जिस बच्चे की मौत हुई वह पहले से ही कमजोर था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।जानकारी के मुताबिक, कोरबा स्थित इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय के SNCU में देर रात करीब 12 बजे शार्ट सर्किट हुआ। इसके बाद SNCU की लाइट बंद हो गई। बताया जा रहा है कि वोल्टेज फ्लैक्चुएशन के चलते घंटों ऑक्सीजन की सप्लाई भी बाधित रही। बच्चों की हालत बिगड़ने लगी तो उनके परिजनों को बुलाया गया। इस आपाधापी में दीपका निवासी अमित कुमार के बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे को बिलासपुर और दूसरे को कोरबा के ही प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया गया है।

परिजन बोले-नर्स ने कहा मशीन लोड नहीं ले रही

बच्चे के पिता अमित कुमार ने बताया कि उनका पहला बच्चा था। यहीं उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई थी। रात करीब 12 बजे के बाद एक नर्स आई की बच्चे की हालत गंभीर है। फिर रात 1 बजे कॉल आया कि बच्चे को यहां से लेकर चले जाइए। जब वहां गए तो देखा कि लाइट आ-जा रही थी। नर्स बोली की बच्चे को ले जाओ, उसे ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है। मशीन लोड नहीं ले रही है। फिर आधा घंटे बाद कहा कि बच्चे की मौत हो गई है। फिर शव ले जाने का दबाव बनाने लगे। कहा-मॉर्चुरी में रखवा दो।

लापरवाही नहीं हुई, पर जांच करा लेंगे

वहीं दूसरी ओर अस्पताल के डीन अविनाश मेश्राम का कहना है कि शार्ट सर्किट के कारण SNCU की बिजली जरूर गई थी, लेकिन कुछ समय में ही व्यवस्था बहाल कर ली गई। उन्होंने बताया कि एक बच्चे की मौत हुई है, लेकिन वह पहले से ही कमजोर था इस कारण उसकी जान चली गई। इसमें कोई लापरवाही की बात नहीं है। हालांकि वह मामले की जांच की बात जरूर कर रहे हैं। अस्पताल में लाइट जाने पर जो जनरेटर लगाया गया है, वह काफी समय से खराब पड़ा है।

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