Instruction to smooth running of facility

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी से जुड़ी जांचें सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी चिकित्सा अधीक्षकों से कहा गया है कि एक माह का अतिरिक्त रिजेंट की व्यवस्था की जाए, जिससे मरीजों को जांच के लिए परेशान न होना पड़ा।कई जिला व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पैथोलॉजी टेस्ट के लिए प्रयोग होने वाले रिजेंट (केमिकल) की कमी हो गई है। ऐसे में जरूरी जांचें नहीं हो रही हैं। इसकी जानकारी मिलने पर c उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों से जांच की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट मांगी है। यह भी पूछा है कि कौन-कौन सी जांचें अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।

इस तरह की आ रही हैं दिक्कतें
गोंडा जिला अस्पताल में थायरॉयड की जांच नहीं हो रही है। यहां जांच मशीन (कैलिबेटर) में लगने वाला कंट्रोल नहीं है। सीएमएस डॉ. इंदुबाला ने बताया कि कंट्रोल उपलब्ध कराने के लिए इंडेंट भेजा गया है। इसी तरह फर्रुखाबाद के डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में रिजेंट खत्म होने की वजह से जांचें प्रभावित हो रही हैं। किडनी व लिवर से जुड़ी जांच महिला अस्पताल से कराई जा रही है। इसी तरह प्रदेश के अन्य अस्पतालों में कुछ न कुछ समस्या बनी हुई है।

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Only MBBS can sign lab reports : MCI

Only mbbs doctor can sign lab reports : mci

No MSc, PhD have authority to sign laboratory reports like microbiology, pathology, biochemistry etc.