Investigation service stopped in pmch

05.08.2022

पीएमसीएच को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। एक छत के नीचे अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो रही है। लेकिन, ये भविष्य की बात है। फिलहाल हालत यह है कि राज्य के इस सबसे बड़े अस्पताल के क्लिनिकल पैथोलॉजी विभाग में करीब एक साल से एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी की जांच बंद है। जांच बंद होने का कारण किट खत्म होना बताया जा रहा है।इसकी लिखित जानकारी देने के बावजूद अबतक इन तीनों जांच के लिए किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। क्लिनिकल पैथोलॉजी विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 275, जबकि सेंट्रल इमरजेंसी में 250 से 300 मरीज जांच कराने आते हैं। यानी प्रतिदिन 500 से अधिक मरीजाें की जांच की जरूरत होती है। चिकित्सकों की मानें तो इनमें 100 से अधिक मरीज एचआईवी और हेपेटाइटिस की जांच कराने वाले हाेते हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने बताया कि किट के लिए बीएमएसआईसीएल को लिखा जा चुका है। दवा या किट बीएमएसआईएल ही उपलब्ध कराता है। वहां से नहीं मिलने पर सोचा जाएगा। बगैर टेंडर किए लोकल परचेज नहीं कर सकते हैं।

प्राइवेट में लग रहे ~400
फिलहाल जांच कराने के लिए प्राइवेट में गरीब मरीजों को पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इन तीनों जांच (पैकेज) के लिए मरीजाें को करीब 400 रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

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