Terror of rats

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 700 करोड़ की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में चूहे मुसीबत बन गए हैं। बीते दिनों उन्होंने सीटी स्कैन मशीन का तार काट दिया। इससे दो दिन तक जांच बंद रही थी। अब चूहे मरीजों के लिए खतरा बन रहे हैं। ये उन्हें चढ़ाए जाने वाले ग्लूकोज तक को पी जा रहे हैं।

1500 चूहे मारे, 5-6 हजार अभी भी मौजूद
चूहों से निजात पाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इन्हें मारने का टेंडर निकाला। इसके लिए 10 से 12 लाख रुपए का बजट रखा गया है। फिलहाल रायपुर की एक निजी कंपनी ने टेंडर लिया है, जो अब चूहे मारने और दफनाने में लगी हुई है।बीते एक महीने में 1500 से अधिक चूहे मारकर दफनाए जा चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन का अनुमान है कि अभी करीब 4 से 5 हजार चूहे अस्पताल में मौजूद हैं।

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Perfect use of ayushman’s incentive in hospital by doctors

29.07.2022
सरकारी मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना की इंसेंटिव राशि के बंटवारे को लेकर मचे बवाल के बीच मेडिसिन विभाग के 12 डॉक्टरों ने कहा है कि कई जांचें, कई तरह की सुविधाएं अस्पताल में नहीं है। इस राशि से अस्पताल को अपग्रेड करना चाहिए।मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. वीपी पांडे, डॉ. शिवशंकर शर्मा, डॉ. संजय दुबे, डॉ. अशोक ठाकुर, डॉ. महेंद्र चौरसिया, डॉ. भूपेंद्र सिंह चौहान, डॉ. प्रणय बाजपेयी, डॉ. पुनीत गोयल, डॉ. अंकित मेश्राम सहित 12 डॉक्टरों का कहना है कि इस राशि से अस्पताल को अपग्रेड करना चाहिए।अस्पताल में आज तक खुद का सीटी-एमआरआई जांच सेंटर स्थापित नहीं हो पाया है। थोड़े-थोड़े दिन में सोडियम, पोटेशियम की जांच से इनकार कर दिया जाता है। थायराइड की जांच नहीं हो पा रही है। पूछने पर बताया जाता है कि किट खत्म हो गई। क्रिएटिनिन, एबीजी जैसी सामान्य जांचें भी कई बार नहीं हो पाती हैं। मरीजों को बाहर भेजना पड़ रहा है।

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Audit report of corona death will be given in 48 hours

29.07.2022
राजधानी में बीते एक महीने में कोविड से 6 लोगों की मौत हो चुकी हैं, लेकिन जिस अस्पताल में इनकी डेथ हुईं, उनकी तरफ से रिपोर्ट भेजने में काफी देरी की गई। ऐसे मामलों में अब 24 से 48 घंटे में ऑडिट रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि कोविड डेथ की समीक्षा समय पर की जा सके। दरअसल, अब तक कोविड मौत के लिए हमीदिया अस्पातल में एक टीम बनी हुई थी। यही टीम सभी कोविड डेथ के मामलों का ऑडिट करती थी, लेकिन अब कोविड से डेथ के मामले बहुत कम हो गए हैं।ऐसे में सीधे अस्पताल को ऑडिट करने के लिए कह दिया गया है। इधर, शहर में गुरुवार को कोविड के नए 51 केस सामने आए हैं। इन्हें मिलाकर अब शहर में 304 एक्टिव केस हो गए हैं। इसके पहले मंगलवार को शहर में 25 और बुधवार को 45 कोविड पॉजीटिव आए थे। मप्र में गुरुवार को 244 नए केस आए और प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 1580 हाे गई है। वहीं इंदौर में सबसे ज्यादा 94 नए केस सामने आए हैं।

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blood buisness

29.07.2022
बच्चों का खून निकालकर बेचने की जांच जारी है। ड्रग कंट्रोलर विभाग की टीम ने गुरुवार को गोविंद मित्र रोड में ब्लड बैग बेचने वालों के यहां जांच की, ताकि पता चले कि आरोपी संतोष और निवेदा ब्लड सेंटर को किसने इसकी सप्लाई की थी। विभाग के एडीसी विश्वजीत दास गुप्ता ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में खेल ब्लड बैग का ही है।
जिस बैच और टैग नंबर का ब्लड बैग आरोपी संतोष और निवेदा के ब्लड सेंटर में मिला है, उसी का मिलान किया जा रहा है। यहां दो-तीन ही ब्लड बैग की सप्लाई करने वाले हैं।इन सभी के यहां बैच नंबर का मिलान किया जा रहा है। एडीसी ने बताया कि निवेदा अस्पताल के ब्लड सेंटर का एकाउंटेंट भी अभी तक फरार है। उसकी तलाश हो रही है। उससे पूछताछ में पता चलेगा कि खून के खरीद फरोख्त में पेमेंट किसे और कैसे किया गया।

बिना अनुमति दूसरे राज्यों से भी मंगाते थे ब्लड
एडीसी के मुताबिक जांच से पता चला कि यह ब्लड बैंक दूसरे राज्य से भी खून मंगाता था। कोलकाता के अलावा और कहां-कहां से खून मंगाते थे और कहां सप्लाई करते थे, इसकी जांच की जा रही है। एक ब्लड सेंटर से खून मंगाने की जानकारी मिली है।दूसरे राज्य से खून मंगाने के लिए एनबीटीसी या एसबीटीसी से अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन कोलकाता के ब्लड सेंटर से खून मंगाने के लिए अनुमति भी नहीं ली गई। ये लोग बगैर अनुमति के ही कोलकाता के ब्लड बैंक से खून मंगाते थे। खून कहां से आया और किसको चढ़ाया गया, इसका भी रिकार्ड नहीं मिला है।

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Death of newborn due to lightning

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अस्पताल में बुधवार देर रात लाइट जाने से एक नवजात की मौत हो गई। जबकि दो बच्चों को दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया है। घटना सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट (SNCU) में हुई। लाइट जाने के चलते ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं अफसरों ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि जिस बच्चे की मौत हुई वह पहले से ही कमजोर था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।जानकारी के मुताबिक, कोरबा स्थित इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय के SNCU में देर रात करीब 12 बजे शार्ट सर्किट हुआ। इसके बाद SNCU की लाइट बंद हो गई। बताया जा रहा है कि वोल्टेज फ्लैक्चुएशन के चलते घंटों ऑक्सीजन की सप्लाई भी बाधित रही। बच्चों की हालत बिगड़ने लगी तो उनके परिजनों को बुलाया गया। इस आपाधापी में दीपका निवासी अमित कुमार के बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे को बिलासपुर और दूसरे को कोरबा के ही प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया गया है।

परिजन बोले-नर्स ने कहा मशीन लोड नहीं ले रही

बच्चे के पिता अमित कुमार ने बताया कि उनका पहला बच्चा था। यहीं उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई थी। रात करीब 12 बजे के बाद एक नर्स आई की बच्चे की हालत गंभीर है। फिर रात 1 बजे कॉल आया कि बच्चे को यहां से लेकर चले जाइए। जब वहां गए तो देखा कि लाइट आ-जा रही थी। नर्स बोली की बच्चे को ले जाओ, उसे ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है। मशीन लोड नहीं ले रही है। फिर आधा घंटे बाद कहा कि बच्चे की मौत हो गई है। फिर शव ले जाने का दबाव बनाने लगे। कहा-मॉर्चुरी में रखवा दो।

लापरवाही नहीं हुई, पर जांच करा लेंगे

वहीं दूसरी ओर अस्पताल के डीन अविनाश मेश्राम का कहना है कि शार्ट सर्किट के कारण SNCU की बिजली जरूर गई थी, लेकिन कुछ समय में ही व्यवस्था बहाल कर ली गई। उन्होंने बताया कि एक बच्चे की मौत हुई है, लेकिन वह पहले से ही कमजोर था इस कारण उसकी जान चली गई। इसमें कोई लापरवाही की बात नहीं है। हालांकि वह मामले की जांच की बात जरूर कर रहे हैं। अस्पताल में लाइट जाने पर जो जनरेटर लगाया गया है, वह काफी समय से खराब पड़ा है।

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Raids on hospital

28.07.2022
दिल्ली-एनसीआर में आयकर विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की. आयकर विभाग ने नोएडा में मेट्रो हॉस्पिटल पर छापे मारे हैं. इसके साथ ही फरीदाबाद में भी चार बड़े अस्पतालों में आईटी ने रेड डाली है| बताया जा रहा कि आईटी ने नोएडा के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद में करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की है|बताया जा रहा है कि नोएडा के सेक्टर 11-12 में स्थित मेट्रो हॉस्पिटल पर आयकर के ये छापे मारे गए हैं. आयकर विभाग के एक दर्जन अधिकारी हॉस्पिटल में मौजूद हैं और कागजों की जांच पड़ताल की जा रही है. नोएडा पुलिस भी मौके पर मौजूद है|

फरीदाबाद के इन अस्पतालों में रेड

फरीदाबाद के चार बड़े अस्पतालों में भी इनकम टैक्स की रेड पड़ी है. यहां QRG, सर्वोदय, SSB और एकॉर्ड अस्पताल में छापेमारी चल रही है| बताया जा रहा है कि अस्पताल से जुडे़ लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है. यह रेड सुबह 7.30 बजे से जारी है|

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Blood buisness in patna

27.07.2022
बच्चों का खून निकालकर बेचने के मामले में ड्रग कंट्रोलर विभाग की टीम ने कंकड़बाग स्थित निवेदा अस्पताल के ब्लड सेंटर से बरामद कागजात की जांच शुरू की है। अस्पताल के चेयरमैन ने मंगलवार को एक दिन का बाकी कागजात और ब्लड सेंटर के प्रभारी को बुलाने के लिए एक दिन का समय लिया है।यानी बुधवार को फिर टीम जांच करने के लिए निवेदा अस्पताल के ब्लड सेंटर जाएगी। अस्पताल से जो कागजात मिले हैं फिलहाल उसकी जांच की जा रही है। ब्लड सेंटर से छह रजिस्टर मिले हैं। ब्लड इंट्री रजिस्टर के पेज भी बीच-बीच में फाड़कर हटाए गए हैं। रजिस्टर देखकर लगता है कि पेज हाल ही में फाड़ा गया है। इसकी पुष्टि ड्रग कंट्रोलर ने की है।

जिसके नाम से लाइसेंस वह नालंदा पीएचसी में पोस्टेड

बताया गया कि ब्लड सेंटर का लाइसेंस जिस डॉक्टर के नाम से है वह नालंदा में पीएचसी में पोस्टेड हैं। सोमवार को उन्हें कई बार फोन करके बुलाया गया पर वे मौजूद नहीं हो सके। अस्पताल के चेयरमैन ने उन्हें बुधवार को बुलाने की बात कही है। बताया गया कि अमूमन कोई बड़ी घटना पर दूसरे राज्यों से खून मंगाया जाता है।पर निवेदा अस्पताल के ब्लड सेंटर कोलकाता के लाइफ केयर फाउंडेशन नामक ब्लड सेंटर से रेगुलर खून मंगाता था। सिर्फ 22 दिन के अंदर कोलकाता के ब्लड सेंटर से 533 यूनिट खून बैग समेत मंगाया गया है। इस बाबत अस्पताल ने कोलकाता के ब्लड सेंटर से करार भी किए हुए हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि खून खरीदकर मंगाने का रिकार्ड तो है पर किसको दिया गया है इसका कोई रिकार्ड नहीं है।

खून को लेकर रिकार्ड ठीक से मेंटेन नहीं किया गया
सोमवार को जब निवेदा अस्पताल के ब्लड सेंटर में ड्रग विभाग की पहुंची तो सभी स्टाफ और प्रभारी गायब थे। वैसे आरोपी संतोष कुमार के घर के फ्रिज से 45 यूनिट खून बरामद किया गया था। वहीं से निवेदा अस्पताल के रैपर और लेटर पैड बरामद हुआ था।सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टरों को जांच के दौरान पता चला कि निवेदा अस्पताल के ब्लड बैंक में खून का लेन-देन का रिकार्ड ठीक से मेनटेन नहीं किया गया है। हालांकि बैंक में जितने भी इससे संबंधित कागजात की कॉपी ली गई है। निवेदा अस्पताल के ब्लड सेंटर ने कोलकाता के एक ब्लड सेंटर से एक जुलाई से 22 जुलाई तक 533 यूनिट खून मंगाया गया है।

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Now QR code is for complaint in hamidia hospital,bhopal

26.07.2022
राजधानी में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को शहर में 40 नए कोरोना मरीज मिले, जबकि 30 मरीज ही स्वस्थ हुए। ऐसे में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 300 पहुंच गई है। चिंता की बात यह भी है कि सोमवार को प्रदेश के 22 शहरों में कोरोना के 227 नए मरीज मिले हैं।इनमें से छह शहरों में नए मरीजों की संख्या 10 या उससे अधिक रही है। सबसे ज्यादा 85 मरीज इंदौर में मिले हैं। जबकि, जबलपुर में 28, होशंगाबाद में 14, सीहोर में 11 और ग्वालियर में 10 मरीज मिले हैं। इनके अलावा रायसेन और बालाघाट में 5-5, उज्जैन, खरगौन और नरसिंहपुर में 4-4 मरीज मिले हैं। जबलपुर में एक मरीज की इलाज के दौरान मौत भी हुई है। प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1589 पर पहुंच गई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर 3.1 प्रतिशत दर्ज की गई।हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को दवा या मिलने में मुश्किल आ रही हो या फिर खाने की क्वालिटी खराब हो। ऐसी किसी भी तरह की परेशानी होने पर मरीज और उनके परिजन स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन कर शिकायत कर सकेंगे। इसके लिए अस्पताल के सभी वार्डों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे।

अस्पताल प्रबंधन 15 अगस्त तक यह सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। दरअसल, अस्पताल के वार्डों की नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग शुरू हो गई है। ये बिल्डिंग 14 मंजिला भी है। अस्पताल के पूरी तरह से शिफ्ट होने के बाद मरीजों को परेशानी न आए, इसको ध्यान में रखते हुए ये तैयारी की जा रही है। ताकि, मरीज और उनके परिजनों को भटकना नहीं पड़े।

ऑनलाइन और ऑफलाइन काम करेगी हेल्पलाइन

मरीज स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन करके पेशेंट आईडी नंबर दर्ज करके शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों की निगरानी के लिए तैनात टीम पेशेंट के पास जाकर समस्या सुनेगी और मदद करेगी। मरीज फोन नंबर से ऑफलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। शिकायत पर अधिकतम 12 घंटे में एक्शन होगा।

हर महीने शिकायतों का होगा रिव्यू…

ऑनलाइन सिस्टम पर मिलने वाली शिकायतों का हर महीने रिव्यू होगा। देखा जाएगा कि किस डिपार्टमेंट में, किस तरह की शिकायतें बार-बार आ रही हैं। उन्हें तात्कालिक सुधारा जाएगा। स्थाई समाधान भी किया जाएगा।

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Facilities not available in sms hospital,jaipur

25.07.2022
पहले कार्डियोलॉजी में डाई नहीं मिल रही थी और अब ओपन हार्ट सर्जरी में जरूरी ऑक्सीनेटर खत्म है। हर दिन 6 ऑक्सीनेटर की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 2 ही मिल रहे हैं। इस वजह से हार्ट सर्जरी के मरीजाें की वेटिंग लंबी हाे गई है। इन्हें दो-दो माह बाद तारीख मिल रही है। ऑक्सीनेटर के लिए डाॅक्टर्स कई बार अस्पताल प्रशासन काे अवगत करा चुके हैं, इसके बावजूद पूर्ति नहीं हाे रही है।इतना ही नहीं हार्ट मरीजाें के लिए काम आने वाली सिलेक्ट्रा जाेन, काेम्पिलामिना जैसी दवाइयां भी नहीं मिल रही हैं। इधर, निशुल्क दवा योजना में भी जरूरत की दवा नहीं मिल रही है। डॉक्टर मरीजों को सरकार के आदेश के तहत दवा लिख तो रहे हैं, लेकिन जैसे ही काउंटर पर पहुंचते हैं तो अनुपलब्ध की मोहर लगा दी जाती है। इस बारे में कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. राजेंद्र बागड़ी का कहना है कि ऑक्सीनेटर की सप्लाई कम है, इसकी जानकारी नहीं। डिमांड लेटर नहीं आया है।
बाहर से महंगी दवा खरीद, अंदर 5 दिन से खत्म
निशुल्क योजना में दवा नहीं मिलने पर मरीजाें काे बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। किडनी, कैंसर और थायराइड के मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। ये मरीज पांच दिन से अस्पताल में चक्कर लगा रहे हैं।

20 दिन से एंटी बाॅडी जांच बंद, 500 सैंपल पेंडिंग
अस्पताल में 21 दिन से एंटी न्यूक्लियर एंटी बॉडी की जांच नहीं हो रही है। इस कारण मरीजों में होने वाली ऑटो ह्ममून रोग का पता नहीं चल पा रहा है। अस्पताल में धनवंतरी में बनी लैब में सप्ताह में एक बार इसकी जांच की जाती है, लेकिन बीस दिन से जांच किट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में तीन सप्ताह में 500 से अधिक सैंपल पेंडिंग हो गए हैं। जांच रिपोर्ट के लिए आए दिन मरीज काउंटर पर चक्कर लगा रहे हैं ।

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Active corona cases increases in chandigarh

25.07.2022
चंडीगढ़ में कोरोना केसों की संख्या में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अब 100 से ज्यादा नए मरीज शहर में रोजाना मिल रहे हैं। रविवार को 145 नए केस मिले। इससे एक्टिव केसों की संख्या बढ़ कर 734 हो गई है।PGI के वेंटिलेटर पर कुल 4 और GMCH-32 के वेंटिलेटर पर एक मरीज है। PGI में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले कोविड बेड पर 11 मरीज, GMCH-32 में 9 मरीज और GMSH-3216 के कोविड बेड पर 8 मरीज हैं।सेक्टर-38 के संतोख अस्पताल में भी एक कोविड मरीज भर्ती है। जुलाई के 24 दिनों में 1813 नए केस मिल चुके हैं। पिछले एक सप्ताह का पॉजीटिविटी रेट बढ़कर 8.49 हो चुका है। एक सप्ताह में रोजाना आने वाले केसों का औसत भी बढ़ कर 105 हो गया है।

इतने लोग लगवा चुके हैं वैक्सीन

चंडीगढ़ में 12 से 14 वर्ष के 34,273 बच्चों को कोरोना की पहली और 20,347 बच्चों को कोर्बेवैक्स की दूसरी डोज लग चुकी है। ऐसे 45 हजार बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है। 15 से 18 वर्ष के 74,040 बच्चों को को-वैक्सीन की पहली और 50,865 बच्चों को दूसरी डोज लग चुकी है। ऐसे 72 हजार बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है।

वयस्कों को पहले ही कोरोना की दोनों डोज से कवर किया जा चुका है। कुल 9,11,513 वयस्क कोरोना की दोनों डोज लगवा चुके हैं। 30 सितंबर तक शहर में कोरोना की बूस्टर डोज फ्री है। अभी तक 64,458 वयस्क बूस्टर डोज लगवा चुके हैं। 24 जुलाई को 460 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई थी।

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