जयपुर (राज.) अक्टूबर 2019
जनवरी 2019 से पूर्व में मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंसी करने हेतु मिनिमम एक साल की सेवा की बाध्यता थी लेकिन जनवरी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को राहत दी थी कि कभी भी सीनियर रेजीडेंसी हेतु एनओसी के लिए आवेदन कर सकते हैं, इसके बाद अत्यधिक संख्या में चिकित्सक एनओसी के लिए आवेदन करने लगे, चूँकि चिकित्सा शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की मिनिमम अहर्ता एक साल की सीनियर रेजीडेंसी है |
चिकित्सा शिक्षा विभाग में सेवा देना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुकाबले आसान है और इसे ज्यादा प्रोफेशनल माना जाता रहा है, इसी कारण चिकित्सकों का रुझान एक साल की सीनियर रेजीडेंसी की तरफ बढ़ने लगा और वे एनओसी के लिए भाग दौड़ करने लगे, बताया जाता है कि जल्दी और पुख्ता एनओसी दिलवाने के रैकेट भी विभाग में पनप गए थे, चिकित्सा विभाग चाहता है कि सेवारत चिकित्सक विभाग से यूँही पलायन न करें, कुछ सेवा तो दें, इसीलिये एक साल तक की सेवा करने के नियम को वापस लाया गया है, इससे सेवारत चिकित्सकों को एक साल सेवा देनी होगी जिससे ग्रामीण जनता को अधिक विशेषज्ञ सेवाएँ मिलेंगी 🙂
आदेश संलग्न है –
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