23.07.2022
शुक्रवार को सुबह 8 बजे से आईएमए से जुड़े शहर के 600 प्राइवेट अस्पतालों के लगभग 3700 ने डॉक्टरों ने हड़ताल कर दिया। हड़ताल शनिवार को सुबह 8 बजे तक चलेगी। डॉक्टर हाई कोर्ट के आईसीयू आर एनआईसीयू को ग्राउंड फ्लोर पर रखने का आदेश का विरोध कर रहे थे। इस दौरान ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं भी पूरी तरीके से बंद रहेंगी।वहीं प्राइवेट अस्पतालों में आ रहे मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसलिए उन्हें चैरिटेबल ट्रस्ट और सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। बता दें कि नया नियम आने के बाद प्रदेश के सभी जिलों का प्रशासन अस्पतालों पर इसके लागू करने का दबाव बना रहा है। इसके साथ ही आईएमए के सूरत ब्रांच ने एक बैठक करं फायर सेफ्टी के लिए नए नियम पर चर्चा की।
हड़ताल से शहर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में मामूली वृद्धि
प्राइवेट अस्पतालों में हड़ताल के कारण जो भी मरीज आए है उन्हें सरकारी अस्पतालों में रेफर कर दिया जा रहा है। इससे शहर के सरकारी अस्पतालों सिविल और स्मीमेर में मरीजों की संख्या में मामूली इजाफा हुआ । सिविल के असिस्टेंट आरएमओ ओमकार चौधरी ने बताया कि सिविल अस्पताल में मरीजों की वृद्धि तो हुई लेकिन वह मामूली ही थी।
आईसीयू अनिवार्य रूप से ग्राउंड फ्लोर पर ही हो ऐसा नहीं लिखा है
हाई कोर्ट के ऑर्डर में आईसीयू अनिवार्य रूप से ग्राउंड फ्लोर पर ही होना चाहिए ऐसा कहीं नहीं लिखा गया है। मैंने कोर्ट के लगभग 400 पन्नों का स्टेटमेंट पढ़ा है।
आईएमए ने अस्पताल में फायर सेफ्टी के नए नियम पर की चर्चा
आईएमए के सूरत ब्रांच ने फायर सेफ्टी के नए नियम से हॉस्पिटलों हाेने वाले नुकसान को लेकर बैठक की। इसमें बताया गया कि नया नियम लागू करना असंभव है
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