Great initiative by doctors

महाराष्ट्र में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों का एक ग्रुप गरीब परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दे रहा है।आइए जानते हैं इस कोचिंग के बारे में। लिफ्ट फॉर अपलिफ्टमेंट (LFU) प्रोजेक्ट, जो साल 2015 में शुरू हुई थी, ने गरीब परिवारों के 100 से अधिक छात्रों को NEET, MBBS और अन्य कोर्सेज के लिए ऑल इंडिया प्री मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा पास करने में मदद की है।डॉ अतुल ढाकाने ने 10 से 15 मेडिकल छात्रों के साथ प्रोजेक्ट शुरू किया था। उन्होंने कहा, ” ये बात साल 20215 की है, जब मैं पुणे में BJ मेडिकल कॉलेज में MBBS के थर्ड ईयर में था, मैं अर्निंग और लर्निंग की स्किम के तहत एक कोचिंग क्लास में बायोलॉजी पढ़ाता था। वहां, मैंने महसूस किया कि भारी फीस के कारण, गरीब पृष्ठभूमि के छात्र और ग्रामीण, आदिवासी और सूखाग्रस्त क्षेत्रों से आने वाले लोग कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते हैं, ”उन्होंने कहा, “शुरुआत में, हमने ग्रामीण क्षेत्रों के उन छात्रों के बारे में पता किया जो मेडिकल शिक्षा प्राप्त करना चाहते थे और पुणे नगर निगम द्वारा संचालित स्कूल की एक छोटी कक्षा में उन्हें मार्गदर्शन देना शुरू कर दिया।”
बता दें, 36 बैच के 6 छात्रों ने मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्सेज के लिए महाराष्ट्र सरकार के कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) को क्रैक किया। उनमें से कई छात्रों ने अच्छे कॉलेजों में दाखिला लिया। डॉ अतुल के अनुसार, पुणे और मुंबई जैसे शहरों में टॉप NEET कोचिंग कक्षाएं 3 लाख रुपये तक लेती हैं। LFU मुफ्त कोचिंग प्रदान करता है। LFU कोचिंग के लिए हर साल 60 छात्र दाखिला लेते हैं। जुलाई 2022 में कम से कम 48 LFU के छात्रों ने नीट परीक्षा दी थी।पुणे के बाद, LFUमुंबई से 600 किमी से अधिक पूर्वी महाराष्ट्र के आदिवासी मेलघाट क्षेत्र में फैला, जहां एक और शिक्षण प्रोग्राम शुरू किया गया था, लेकिन उन्हें NEET 2019 में मेलघाट बैच से वांछित परिणाम नहीं मिला। डॉ अतुल ने कहा, “वहां का माहौल परीक्षा की तैयारी के लिए अनुकूल नहीं था। इसलिए हमने अगले साल छात्रों को पुणे में स्थानांतरित कर दिया, और 16 छात्रों ने NEET पास किया और उनमें से 8 छात्रों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया ”साल 2020 NEET में, 46 LFU छात्रों में से, 26 परीक्षा में सफल रहे। उलगुलान (Ulgulan) पहल को अब मराठवाड़ा के उस्मानाबाद तक बढ़ा दिया गया है जहां आवास की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। साल 2016 से, हमने 250 छात्रों को कोचिंग प्रदान की है और उनमें से 130 डॉक्टर बन गए हैं, या बन रहे हैं। 130 में से 70 MBBS कोर्स में शामिल हुए जबकि शेष BAMS, BDS और BHMS जैसे कोर्स किए।गरीबी के अलावा, मेलघाट के छात्रों को एक भाषा का भी सामना करना पड़ता है। कोरकू (Korku tribe) जनजाति के कुछ छात्र अंग्रेजी की तो बात ही छोड़ दें, मराठी से भी परिचित नहीं हैं।डॉ संतोष चटे, जो वर्तमान में मुंबई के कूपर अस्पताल में अपनी इंटर्नशिप कर रहे हैं, उन्होंने LFU से NEET की कोचिंग ली थी। साल 2017 में उन्होंने NEET परीक्षा पास की थी। डॉ संतोष ने कहा, “मैंने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। कक्षा 10वीं पूरी करने के बाद, मैं LFU में आया और NEET के लिए उनके प्रोग्राम में शामिल हो गया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित वर्गों के मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक वरदान है,”

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Free mobile van for better health

29.07.2022
चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए मोबाइल हैल्थ वैन शुरू​​​​​​​राजीविका की ब्रांड एंबेसडर एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रूमा देवी की पहल से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क मेडिकल सेवाएं देने के लिए दुबई के एस्टर फाउंडेशन, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन और रूमा देवी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय मोबाइल हेल्थ वैन का उद्घाटन कार्यक्रम इंद्रप्रस्थ रिसोर्ट में आयोजित हुआ।इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी ने हस्तशिल्पी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि रूमा देवी फाउंडेशन और ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान द्वारा अलग-अलग सेक्टरों में बिना किसी भेदभाव से मानव कल्याण के लिए सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस एस्टर मोबाइल हेल्थ वेन द्वारा गांव-गांव, ढाणी- ढाणी जाकर जो चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, वह निश्चित रूप से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरेंद्र भाकर ने कहा कि डाॅ. रूमादेवी की इस सराहनीय पहल से आज बाड़मेर जिले को जो हेल्थ मोबाइल वैन मिल रही है, यह चिकित्सा विभाग के लिए भी खुशी की बात है। अध्यक्षता कर रहे कमांडेंट सेक्टर हेड क्वार्टर (बीएसएफ) देवेंद्र सिंह ने कहा कि सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए रोजी-रोटी के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा जो अनूठी गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उसमें आप और हम सभी मिलकर सकारात्मक सोच के साथ सहयोग प्रदान कर इनका हौसला अफजाई करें। कार्यक्रम में एस्टर डीएम फाउंडेशन के सीएसआर हेड जलील पी.ए., ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के सीईओ नौफल पीके ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

उद्घाटन से पहले 3 दिन लगाए मेगा शिविर:
रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा इनोग्रेशन प्रोग्राम से पहले तीन दिन तक अलग-अलग गांवों में मेगा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें दुबई, बेंगलुरु, कोच्चि के चिकित्सक टीमों जिसमें बाल रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ के स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा निशुल्क सेवाएं देकर पंचायत सनावड़ा, खेमपुरा, पोकरासर, मंगले की बेरी, बामणोर, कगाऊ, सोडियार, महाबार, दानजी की होदी, अंबेडकर कॉलोनी, राम नगर, बलदेव नगर के बारह सौ से महिलाओं को लाभान्वित किया।

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Free medical camp organized in Pali

25.07.2022
पाली शहर के पानी दरवाजा के निकट स्थित बागबेरा दादावाड़ी में रविवार को जैन युवा संगठन एवं मेरिंगो सिम्स हॉस्पिटल के तत्वावधान में निशुल्क सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल शिविर आयोजित किया गया। जिसमें अहमदाबाद से आए स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की टीम ने 663 मरीजों के स्वास्थ्य की जांचकर उचित परामर्श दिया। शिविर का श्री संघ सभा के अध्यक्ष तेजराज तातेड़, सचिव सज्जनराज बाठिया ने भगवान महावीर की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर शुभारम्भ किया।जैन युवा संगठन के अध्यक्ष राकेश कुंडलिया ने बताया कि शिविर में अहमदाबाद के प्रसिद्ध सिम्स हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ धीरेन शाह ,डॉ सत्य गुप्ता ,डॉ प्रशांत पटेल , डॉ भावेश ठक्कर, डॉ मौलिक आर भेसदड़िया, डॉ टीकेबी गणपथी , डॉ मयूर पाटील, डॉ जयनु शाह, डॉ इंद्र देसाई ने हृदय, लीवर, पेट, सभी मरीजों की जांच एवं परामर्श दिया गया । शिविर संयोजक तेजपाल जैन व प्रवीण तातेड़ ने बताया कि शिविर में पाली के डॉक्टर मनीष माहेश्वरी ने मरीजों की रिपोर्ट देखकर परामर्श दिया और मरीजों के BP, ईसीजी ,पीएसपी एवं शुगर की जांच निशुल्क की। शिविर के दौरान व्यवस्थाओं में संस्था के पूर्व अध्यक्ष परेश बाफना ,गौतम गोगड़ ,राकेश मेहता,हितेश वरडिया, रुपेश पारख,धर्मेश गेमावत ,विशाल कांकरिया, तलेसरा,निहालचंद कावड़िया, मनोज लुक्कड़ ,योगेश काकरिया, अंकित भंसाली, राजेंद्र नाहर,अर्पित मेहता, भैरव भंडारी, प्रफ्फुल कवाड, विकास संचेती, मनीष बंगलावाला, धर्मेद्र नाहर, रजत सांड,अभिषेक सालेचा, भव्य लोढ़ा आदि जुटे रहे।

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Complaint against private medical college ,Raipur

20.07.2022
राजधानी के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के खिलाफ अवैधानिक फीस वसूली की शिकायत मिलने पर डीएमई द्वारा बनाई गई जांच समिति ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर संचालनालय को सौंप दी है। रिपोर्ट में क्या है, इसे अभी गुप्त रखा गया है।इस संबंध में अभी किसी को जानकारी नहीं दी गई है। बता दें कि शिकायतकर्ता डॉ. प्रोजित कुमार, डॉ. आयुष स्वर्णकार, डॉ. अवनीश कुमार सिंह, डॉ. अभिषेक राय, डॉ. असीम चंद्र सिंह ठाकुर और डॉ. राहुल चौहान के एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद कॉलेज प्रबंधन द्वारा जबरन अवैधानिक फीस वसूली की गई। इसकी शिकायत छात्रों ने संचालनालय चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) से की थी। इसके लिए डीएमई ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। इसमें पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. तृप्ति नागरिया को अध्यक्ष और पैथोलॉजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. अरविंद नेरलवार व फिजियोलॉजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. सुमित त्रिपाठी को सदस्य बनाया गया। समिति ने एक दिन में ही रिपोर्ट तैयार कर संचालनालय को प्रस्तुत कर दिया है।

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First day of free booster doses in Bhopal

16.07.2022
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीन का बूस्टर डोज दिया जा रहा है। अभी तक बूस्टर डोज सिर्फ बुजुर्गों और हेल्थ केयर वर्कर्स को फ्री था, लेकिन अब सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के लोगों को भी निशुल्क डोज की व्यवस्था कर दी है। शुक्रवार से शुरू 75 दिन के विशेष अभियान के पहले दिन शहर में 3702 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया। मालूम हो कि अब तक बूस्टर डोज के लिए शुल्क लिया जा रहा था, ऐसे में इसके प्रति लोगों में रुचि नहीं थी। शहर में अब तक हर दिन बमुश्किल दो सौ लोग ही शुल्क देकर बूस्टर डोज लगवा रहे थे, लेकिन शुक्रवार को 15 गुना ज्यादा लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई। भोपाल में वैक्सीनेशन के लिए कुल 71 केंद्र बनाए गए थे। शुक्रवार को सभी कैटेगरी में 3968 डोज लगाए गए।

18 से 45 की श्रेणी में सिर्फ 2345 डोज

भोपाल जिले में सिर्फ 2345 लोग ऐसे हैं जो 18 से 45 आयु वर्ग के हैं और इन्होंने बूस्टर डोज लिया है। मालूम हो कि कुछ दिन पहले इसी आयु के लोगों ने सरकार से बूस्टर या प्री-कॉशन डोज फ्री करने की मांग की थी। जिले में 18 प्लस आयुवर्ग के वैक्सीनेशन के लिए 75 टीमें बनाईं हैं।

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Now,Janadhar card is essential for free treatment in gov. hospital of Raj.

16.07.2022
सरकारी अस्पतालों में अब सिर्फ जनाधार कार्ड से मुफ्त इलाज मिल सकेगा। फिलहाल, अभी तक आधार और जनाधार कार्ड दोनों मान्य था। सरकार ने दो महत्वाकांक्षी योजनाओं के लाभार्थियों के समन्वय के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हालांकि, शुरुआती फेज में मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए आदेश के क्रियान्वयन में कुछ शिथिलता दी गई है, लेकिन जून के अंतिम सप्ताह से सभी सरकारी अस्पतालों में जनाधार कार्ड पर ही मरीजों को फ्री ट्रीटमेंट मिलेगा।सीएम अशाेक गहलोत ने पिछले बजट में यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज स्कीम की घोषणा की थी। बजट में योजना का दायरा 10 लाख रुपए बढ़ाने के साथ ही अस्पतालों में ओपीडी-आईपीडी सेवाएं निशुल्क कर दीं। अब दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन की शुरुआत हुई तो सामने आया कि एक योजना के लाभार्थी दूसरी योजना में शामिल हो रहे हैं। इससे सरकार को दोहरा नुकसान हो रहा है। इसे रोकने के लिए ही जनाधार कार्ड अनिवार्य किया गया है।

जनाधार नहीं तो एक बार ही फ्री इलाज
शुरुआत में किसी मरीज के पास जनाधार कार्ड नहीं है ताे राजस्थान निवासी मरीज के परिजनों काे दस्तावेजों के साथ अस्पताल अधीक्षक के सामने पेश होकर शपथ पत्र देना हाेगा। दस्तावेज की जांच के बाद ही नि:शुल्क इलाज की स्वीकृति मिल सकेगी। दूसरी तरफ जिला प्रशासन काे भी जनाधार बनाने के लिए मरीज द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज भेजे जाएंगे। दूसरी बार आने पर बिन जनाधार के नि:शुल्क इलाज नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि एसएमएस में हर दिन करीब आठ हजार से 10 हजार मरीजों की ओपीडी है। इनमें से काफी संख्या दूसरे राज्यों से आए मरीजों की होती है। सरकार को इनका खर्च वहन नहीं करना पड़े इसलिए जनाधार अनिवार्य किया गया है।

दूसरे राज्यों के लोगों को रोकने के लिए नियम
नि:शुल्क इलाज की सुविधा राजस्थान के निवासियों के लिए है, लेकिन दूसरे राज्यों के लाेग भी इसका लाभ ले रहे हैं। इस राेकने के लिए जनाधार की अनिवार्यता की गई है। आदेश दाे सप्ताह पहले जारी कर दिया गया था, लेकिन अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया है। -वैभव गालरिया, चिकित्सा शिक्षा, सचिव

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FREE booster dose provide in gujarat in upcoming 75 days

15.07.2022
गुजरात सहित देशभर में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के फैलने को देखते हुए उसे रोकने के लिए कोरोना वैक्सीन का प्रिकॉशन डोज अब मुफ्त में सभी नागरिकों को लगाने की घोषणा की गई है। केन्द्र सरकार की इस घोषणा को देखते हुए गुजरात सरकार ने भी गुरुवार को अहम निर्णय किया है, जिसके तहत शुक्रवार से ही गुजरात में लोगों को कोरोना वैक्सीन का प्रिकॉशन डोज मुफ्त में लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री व शिक्षामंत्री जीतू वाघाणी ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया है। इसके तहत राज्य में 15 जुलाई से 18-59 साल आयु वर्ग के सभी लोगों को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन का प्रिकॉशन डोज लगाया जाएगा। आजादी के अमृत महोत्सव (75 साल) को मद्देनजर रखते हुए 15 जुलाई से 75 दिनों तक यह डोज मुफ्त में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन नागरिकों ने वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया है और उसे लगवाए हुए 6 महीने जितना समय हो गया है ऐसे व्यक्ति इस प्रिकॉशन डोज को लगवा सकते हैं।

6 माह पहले दूसरा डोज लेने वाले लोग लगवा सकेंगे

18-59 साल के 3.50 करोड़ नागरिकों को दिया जाएगा डोज

अब तक दिए गए 11.20 करोड़ से ज्यादा डोज

गुजरात सरकार के अनुसार 14 जुलाई की स्थिति के तहत राज्य में कोरोना वैक्सीन के 11.20 करोड़ से ज्यादा डोज लगाए जा चुके हैं। इसमें से 43 लाख 80 हजार से ज्यादा लोगों ने ही प्रिकॉशन डोज लिया है। 14 जुलाई के दिन एक ही दिन में 65829 लोगों ने वैक्सीन का डोज लगवाया है। 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग के लोगों को पहले डोज के रूप में 4.92 करोड़ डोज, दूसरे डोज के रूप में 4.91 करोड़ से ज्यादा डोज, 15-17 आयु वर्ग के किशोरों पहले डोज के तहत 31 लाख से ज्यादा डोज, दूसरे डोज के रूप में 28 लाख से ज्यादा डोज लगाए जा चुके हैं।12-14 साल में पहला डोज 18 लाख से ज्यादा ने और 12-14 आयु वर्ग में दूसरा डोज 14 लाख डोज लगाए जा चुके हैं।

आज से होगी शुरुआत

राज्य सरकार के सभी वैक्सीन सेंटरों पर यह प्रिकॉशन डोज शुक्रवार से ही लगना शुरू हो जाएंगे। राज्य में करीब 3.50 करोड़ लोगों को प्रिकॉशन डोज लगाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने 700 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च करने का निर्णय किया है। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सभी लोगों को प्रिकॉशन डोज लेने की अपील भी राज्य सरकार की ओर से की गई है। गुजरात में 16 जनवरी 2021 से कोरोना वैक्सीन देने की शुरुआत हुई है। तब से अलग-अलग वर्ग में चरणबद्ध रूप से लोगों के वैक्सीन देने का सिलसिला जारी है।

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Booster dose provide free of cost to the people in INDIA

14.07.2022
देश में कोरोना के फिर बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला तिया। अब बूस्टर डोज भी लोगों को मुफ्त मुहैया कराई जाएगी। यह सुविधा सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर 18 से 59 साल तक के लोगों को मिलेगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 15 जुलाई से विशेष अभियान के तहत यह सुविधा दी जाएगी। पहले की दो वैक्सीन डोज की तरह लोग बूस्टर डोज लगवा सकेंगे।सूत्रों के मुताबिक आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 75 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अब तक 18 से 59 साल के 77 करोड़ लोगों में से सिर्फ एक फीसदी लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। माना जा रहा है कि मुफ्त टीकाकरण की पहल से इस आंकड़े में बढ़ोतरी होगी। पिछले हफ्ते स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की दूसरी डोज और बूस्टर डोज के बीच का अंतर घटाकर छह महीने कर दिया था, जो पहले नौ महीने था। ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण के दायरे में लाने के लिए एक जून से ‘हर घर दस्तक अभियान 2.0’ भी चलाया जा रहा है।दिल्ली बिहार समेत कुछ राज्यों ने अपनी तरफ से बूस्टर डोज को मुफ्त किया था। केंद्र की मुफ्त बूस्टर डोज की घोषणा सिर्फ 75 दिन के लिए है या आगे भी जारी रहेगी, इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं बताया गया है। बूस्टर डोज के लिए कोविन पोर्टल पर शेड्यूल बुक करना होगा। सीधे वैक्सीनेशन केंद्र पर जाकर भी बूस्टर डोज लगवाई जा सकेगी।
अब तक 85% ने ली दोनों खुराकसरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश की 96% आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है, जबकि 87 फीसदी लोगों ने दोनों खुराक ले ली हैं।

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Notice issued in fagi district hospital

13.07.2022
राज्य के सरकारी अस्पतालों में संचालित नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्रों पर फार्मासिस्ट के बजाय दूसरे संवर्ग के कार्मिकों से दवा वितरित कराने को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है। जिले के फागी उप जिला अस्पताल के एक नर्सिंग कर्मी को दवा वितरण में लापरवाही बरतने पर सोमवार को जारी किए नोटिस के बाद फार्मासिस्ट ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए उच्च स्तर तक शिकायत की है। दरअसल, 2 अक्टूबर 2011 को नि:शुल्क दवा योजना की शुरुआत होने के बाद पिछले 9 वर्षों से राज्य में फार्मासिस्ट की स्थायी भर्ती नहीं हुई है। फार्मासिस्ट का आरोप है कि 18 हजार दवा वितरण केन्द्रों में से करीब तीन चौथाई पर फार्मासिस्ट नहीं हैं। यहां अन्य कार्मिकों से दवा वितरण करवाया जा रहा है। जबकि हजारों फार्मासिस्ट बेरोजगार हैं। इसे लेकर फार्मासिस्ट लंबे समय से विरोध करते आ रहे हैं।

संगठन ने पत्र भेज निभाई औपचारिकता

औषधि नियंत्रण संगठन सरकारी दवा वितरण केन्द्रों पर फार्मासिस्ट से ही दवा वितरित कराए जाने को लेकर राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (आरएमएससीएल) को पत्र भेज चुका है। लेकिन यह भी अब तक औपचारिकता ही साबित हुआ है।हजारों फार्मासिस्ट 9 साल से स्थायी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, वहीं सरकार नियम विरुद्ध दवा का वितरण करवा रही है। ऐसी अनियमितताओं पर औषधि नियंत्रण संगठन निजी दुकानों पर कार्रवाई करता है, लेकिन सरकारी पर नहीं। हमने पूरे मामले की शिकायत मुख्य सचिव से भी की है।

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Upgradation in rajasthan free medicines scheme

11.07.2022
प्रदेश में संचालित निशुल्क दवा योजना में 824 और दवाइयों को शामिल किया गया है। इससे राजस्थान देश में ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां 1795 तरह की दवाइयां व सर्जिकल आइटम आमजन को निशुल्क मिल सकेंगे। इन दवाइयों में नेत्र, एंटीबायोटिक इंजेेक्शन, दर्द निवारक, स्किन मेडिसिन, विटामिन इंजेक्शन, नेजल स्प्रे, अस्थमा, कफ सीरप (बच्चों के भी) आदि शामिल हैं। पिछले 4 माह से इसकी तैयारी कर रहे राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) के अधिकारियों का कहना है।कि दवाइयों की सूची बना ली गई है। प्रयास है कि अगस्त में सप्लाई शुरू हो जाए। शुरुआती दौर में 1057 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बाद में बजट बढ़ाया जा सकता है।

पहली बार डॉक्टर्स की मदद के बिना ही लिस्टिंग
योजना में अभी 713 तरह की दवाइयां, 181 तरह के सर्जिकल आइटम और 77 तरह के सूचर्स शामिल हैं। आरएमएससीएल 17550 चिकित्सा संंस्थानों में ये दवाएं उपलब्ध करा रहा है। दवाइयां बढ़ाने के लिए आरएमएससीएल ने पहली बार डॉक्टर्स और बाहरी सहयोग के बिना अपने स्तर पर तैयारी पूरी की। पहले डॉक्टरों से सहयोग लेते रहे हैं।

इन बीमारियों की दवाइयां होंगी फ्री
ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक, आर्थराइटिस, नेत्र, जनरल मेडिसिन, ग्रोथ हार्मोन्स, डायबिटीज, कैंसर की लगभग सभी तरह की दवाइयां। {गस्ट्रो, न्यू एंटीबायटिक, आईवीएफ, एंटी फंगल, आर्गन ट्रांसप्लांट में काम आाने वाली दवाइयां। टेस्ट में काम आने वाली कंट्रास्ट व डाई, लिवर सिरोसिस, गेस्ट्रो कैंसर, ब्लड प्रेशर, विटामिन सहित सभी तरह की दवाइयां।

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