kayakalp award for hospital in bhopal

भोपाल मिंटो हॉल में आयोजित कायाकल्प अवॉर्ड फंक्शन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ,एसीएस सुलेमान एवं स्वास्थ्य आयुक्त के समक्ष जिला अस्पताल रायसेन को लगातार तीसरे साल कायाकल्प सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। जिसे जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एके शर्मा एवं आरएमओ डॉ विनोद परमार ने प्राप्त किया l अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को उत्तम बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके फल स्वरुप लगातार तीसरे साल कायाकल्प अवॉर्ड सांत्वना पुरस्कार के रूप में प्राप्त हुआ है। इस पुरस्कार में 300000 की राशि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर काम करने के लिए दिए हैं। इसमें से 25% अस्पताल में कायाकल्प के संदर्भ में अच्छा काम करने वाले स्टाफ को वितरित किया जाएगा lहर साल कायाकल्प अभियान के तहत जिला अस्पताल का मूल्यांकन तीन स्तर में किया जाता है सर्वप्रथम इंटरनल एसेसमेंट किया जाता है इंटरनल एसेसमेंट मैं 70% आने के बाद पियर एसेसमेंट होता है पियर असेसमेंट में 70% आने के बाद राज्य स्तरीय एसेसमेंट किया जाता है तथा राज्य स्तर में 70% अंक प्राप्त करने के पश्चात पुरस्कार वितरण किया जाता है। लगभग साढे 450 बिंदुओं पर जिला अस्पताल की गुणवत्ता एवं कार्य विधि कायाकल्प अभियान के तहत हर साल जांची जाती है।

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PPP medical colleges in mp

06.08.2022
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल आधारित चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करने समीक्षा बैठक की। समीक्षा में प्रथम चरण में प्रदेश के 5 जिलों में पीपीपी मॉडल आधारित चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बालाघाट एवं कटनी में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने का निर्णय लिया।

निजी निवेशकों को भूमि लीज़ पर उपलब्ध करायेगी राज्य सरकार
राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिये निजी निवेशक को 99 वर्ष (60 वर्ष + 39 वर्ष) की लीज पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त निजी निवेशक को 300 बिस्तरीय अस्पताल भवन भी राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
EWS मरीजों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
पीपीपी मॉडल आधारित अस्पतालों में आयुष्मान मरीजों के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी निःशुल्क उपचार मिल सकेगा। वहीं गैर आयुष्मान मरीजों को बाजार दर पर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना नीति अनुसार राज्य सरकार के वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज को ट्रेनिंग हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित कर 100 एमबीबीएस सीट के प्रवेश के लिये पीपीपी आधारित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री निशांत वरवड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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Allegation of disturbace in tender

पाली के संवेदक भोमेश्वर थानवी ने मेडिकल कॉलेज में करीब एक करोड़ के फर्नीचर खरीद के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। थानवी का कहना है कि निविदा छोड़ने में नियमों को ताक पर रखा गया।उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर गुड़गांव की एक कम्पनी के जयपुर डीलर पर मिलीभगत व विभाग के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निविदा की शर्तों में आओटा (आल इंडिया ओकोपेशनल थेरेपिस्ट एसोसिएशन) सटिर्फिकेट की अनिवार्यता की गई, जो कि नहीं था। वेबसाइड की सूची के अनुसार गुड़गांव के आओटा सर्टिफिकेट के आधार पर निविदा भरी है,जबकि गुडगांव का माल दिया ही नहीं है। थानवी का आरोप है कि फर्नीचर खरीद में सारे नियमों की अवहेलना करके 12 में से 11 फर्मो के आवेदन निरस्त कर एक को आदेश दे दिया, जबकि अभी तक माल भी नहीं आया। उनका आरोप है कि गुड़गांव की कम्पनी का जयपुर में कोई डीलर नहीं है।फर्नीचर खरीद में जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाना था, मगर उन्हें भी नहीं लिया गया। इस निविदा आदेश के बारे में जानकारी लेने के लिए आरटीआई के तहत मांगी गई, पर अभी कोई जानकारी नहीं दी है।इस बारे में पूर्व प्रिसिंपल डॉ. एमएम पुकार को फोन किया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया, जबकि ये टेंडर उनके कार्यकाल में जारी किया गया था। नए प्रिसिंपल डॉ. बीएल बिनावरा ने कहा कि शुक्रवार को ज्वॉइन किया है। भोमेश्वर थानवी ने आरटीआई में जानकारी उपलब्ध नहीं करवाने की जानकारी दी। थानवी को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने उनको शनिवार को बुलाया है।

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