27.06.2022
पेट दर्द हाेने पर इलाज करवाने निजी क्लिनिक गए होमगार्ड को डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया तो ऐसी हालत बिगड़ी कि वह बेहोश हो गया। इसके बाद महात्मा गांधी अस्पताल के सीसीयू में भर्ती करवाया। जहां दो दिन बाद रविवार सुबह मौत हो गई।आक्रोशित परिजन व समाज के लोग मोर्चरी के बाहर इकट्ठा हुए, और डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक शव नहीं उठाया तथा धरने पर बैठे रहे। माता का थान थानाधिकारी निशा भटनागर ने बताया कि मदेरणा कॉलोनी निवासी होमगार्ड जितेंद्र लखारा (32) 23 जून सुबह पेट दर्द होने पर क्षेत्र में ही स्थित राज क्लिनिक गया।वहां डॉ. एएम अंसारी ने जांच कर इंजेक्शन लगाया और, तब तक भर्ती कर लिया। जब जितेंद्र काफी देर तक नहीं लौटा तो मां क्लिनिक पहुंचीं। वहहां उन्हें बेटा जितेंद्र बेहोश मिला। डॉक्टर से पूछा तो उसकी हालत खराब हो गई। जितेंद्र को इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लाए। जहां सीसीयू में भर्ती किया। इलाज के दौरान रविवार सुबह मौत हो गई।
आरोप लगाए जाने वाले डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया ही नहीं
अभी मैं किसी काम से जयपुर आया हूं। मुझ पर आरोप बेबुनियाद हैं। ब्लैकमेल कर फंसाने की साजिश है। मैं जितेंद्र के घर गया था, और कहा था कि उसे जल्दी अस्पताल ले जाओ। वह बीमार था। मैंने इंजेक्शन नहीं लगाया। मेरे खिलाफ झूठी रिपोर्ट दे दी।
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