Impact of doctors transfer

03.08.2022

चौमूं उपखंड इलाके में करीब 1 सप्ताह पहले एक साथ 18 डॉक्टरों का ट्रांसफर हुआ था। इनमें चौमूं सरकारी अस्पताल के भी डॉक्टर शामिल हैं। नए डॉक्टर नहीं लगाने से अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का आलम है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौमूं के सरकारी अस्पताल में मंगलवार को दवा वितरण केंद्र, ओपीडी सेंटर सहित डॉक्टर कक्ष के बाहर भी मरीजों की भीड़ देखने को मिली। वहीं, कांग्रेस पदाधिकारी डॉक्टरों के ट्रांसफर रद्द कराने की मांग को लेकर चिकित्सा मंत्री के जयपुर आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे मरीज सोहन लाल और मनीष यादव ने बताया कि करीब 1 घंटे से भी ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक ना तो डॉक्टर को दिखाने के लिए नंबर आया और ना ही दवाई लेने में और अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने के कारण सब मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल में करीब 900 से 1000 के बीच ओपीडी चल रहा है। बारिश के कारण मौसमी बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ गया है। इस बीच अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम पसरा हुआ है।

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