09.07.2022
राजधानी के कई दवा स्टोर संचालक औषधि नियंत्रण संगठन के नियम दरकिनार कर अब भी मरीजों को बेवजह दवा का पूरा पत्ता (स्ट्रिप) लेने को मजबूर कर रहे हैं। ऐसे स्टोर्स पर दवा बिलिंग का सॉफ्टवेयर ही इस तरह बना दिया गया है कि उसमें पूरी स्ट्रिप लिए बिना बिलिंग ही संभव नहीं है। राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने शुक्रवार को राजधानी के कई दवा स्टोर पर कुछ दवाओं की एक या दो टेबलेट की आवश्यकता जताकर पड़ताल की तो वहां मौजूद फार्मासिस्ट ने देने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि 60 से 70 प्रतिशत दवाइयों के लिए स्टोर संचालक कंपनी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पूरी स्ट्रिप के बिना दवा नहीं दी जाए।
औषधि नियंत्रण संगठन के ये नियम दरकिनार
एकाध दवा बिक्री पर एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं होना कोई मुद्दा नहीं है। यह दवा विक्रेता की जिम्मेदारी है कि वह एक्सपायरी तिथि लिखी टेबलेट सबसे अंत में बेचे। फिर भी यह संभव नहीं है तो मरीज को दिए जाने वाले बिल में इसका उल्लेख किया जा सकता है
पूरी स्ट्रिप ही लेनी होगी
मरीजों को दवा के लिए मजबूर करने वाले ऐसे स्टोर संचालकों को औषधि संगठन का खौफ भी नहीं है। टोंक फाटक स्थित दवा स्टोर पर मौजूद फार्मासिस्ट ने कहा कि उनकी कंपनी के निर्देश हैं कि वे एकाध टेबलेट नहीं दे सकते। संगठन के निर्देशों का हवाला देने पर उसने कहा कि जिसे चाहें शिकायत कर लीजिए, एक या दो टेबलेट नहीं दी जा सकती, पूरी स्ट्रिप ही लेनी होगी।
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