12th pass became a fake doctor

08.08.2022
कोंडागांव। जिले के बीजापुर में अवैध तरीके से संचालित पोयम हॉस्पिटल में स्वास्थ्य अमले ने दबिश दी। एक युवक ने OPD पर्ची में खुद को MBBS डॉक्टर बताकर अवैध अस्पताल खोला। मामले की सूचना मिलने के बाद सभी अधिकारी वहां पहुंचे और संयुक्त कार्रवाई की गई।दरअसल, मामला कोंडागांव के ग्राम बीजापुर का है, जहां एक 12वीं पास युवक ने खुद को MBBS डॉक्टर बताकर अवैध रुप से एक अस्पताल खोला। बता दे कि ये अस्पताल अवैध रुप से संचालित किया जा रहा है। जैसी ही स्वास्थ अमले को इस मामले की सूचना मिली, वो सक्रिय हो गए और पोयम हॉस्पिटल में उन्होंने दबिश दी। नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई की गई।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

black earning clerk suspended

06.08.2022

काली कमाई का सौदागर चिकित्सा शिक्षा विभाग का क्लर्क हीरो केशवानी को सस्पेंड कर दिया गया है। उसके खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच भी शुरू हो गई है। वे पिछले 20 साल से चिकित्सा शिक्षा विभाग में पदस्थ था।बता दें कि ईओडब्ल्यू (Eow) की कार्रवाई से बचने क्लर्क हीरो केशवानी ने फिनाइल पी लिया था। वहीं ईओडब्ल्यू (Eow) टीम की जांच में परिवार के लोग सहयोग नहीं कर रहे है। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई में अब तक दो बैंक खाते मिले है। हीरो केशवानी गोल्ड और महंगे सूट पहनने का शौकीन है बड़ी-बड़ी पार्टियों में अधिकारियों की तरह पहुंचता हीरो था। ऑफिस और पार्टियों में बदल-बदल कर कार का उपयोग करता था।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Covid-19 in gujarat

06.08.2022

प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना के चलते तीन लोगों की मौत हो गई। इस संक्रमण के 847 नए मरीज भी सामने आए हैं। एक्टिव मरीजो में से 22 वेंटिलेटर पर हैं।राज्य में शुक्रवार को पूरे हुए 24 घंटे में अहमदाबाद, गांधीनगर एवं मोरबी जिले में एक-एक मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही अब तक कोरोना संक्रमण के चलते 10975 लोगों की जान चली गई। हाल में कुल एक्टिव केस 5992 हैं, इनमें से 22 की हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर हैं।सबसे अधिक 315 नए मामले अहमदाबाद जिले के (शहर के 305) हैं। वडोदरा जिले में 140 में से 106 शहर के हैं। मेहसाणा जिले में 98, राजकोट में 83, सूरत में 66, गांधीनगर एवं कच्छ में 32-32, अमरेली में 31, बनासकांठा में 19, भरुच एवं नवसारी में 15-15, भावनगर जिले में 14, जामनगर में 13, साबरकांठा में 12, वलसाड में 11, पोरबंदर में 10, आणंद में आठ, सुरेन्द्रनगर में सात, अरवल्ली एवं मोरबी में छह-छह, पाटण में पांच, खेड़ा, महिसागर एवं तापी में चार-चार, गिरसोमनाथ, जूनागढ़ एवं पंचमहाल जिले में दो-दो मरीज हैं। चौबसी घंटे में प्रदेश में 1198 मरीज कोरोना से मुक्त हुए हैं।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Orders for transfer and posting

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्माण केंद्र कर्मचारियों का पदस्थापन स्थानांतरण प्रशासनिक अति आवश्यकताओं को देखते हुए लोकहित में उनके नाम सन्मुख निम्नांकित स्थानों पर तुरंत प्रभाव से करने के दिए आदेश

OFFICIAL ORDE HERE

567 Dt.05.08.2022 Website

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Controversy for the chair of cmho

सीएमएचओ कुर्सी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय में पूर्व से पदस्थापित डॉ राजेश शर्मा और राज्य सरकार द्वारा हाल की पदस्थापित किए डॉ. कांतिलाल पलात, दोनों एक साथ बैठे। एक ही कार्यालय में एक पद पर दो अधिकारियों के होने से कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई।डॉ.शर्मा का कहना है कि सीएमएचओ पद को लेकर उनका स्टे वैकेंट नहीं हुआ है। ऐसे में कानूनन सीएमएचओ वो ही है। वहीं डॉ. कांतिलाल पलात का कहना है कि जिस आधार पर इन्होंने स्टे लिया था, उसे राज्य सरकार ने संशोधन कर पूरा कर दिया है। पद खाली था तभी तो राज्य सरकार ने उनको पदस्थापित किया है। ऐसे में सीएमएचओ तो वो ही है।

डॉ. पलात सुबह जल्दी आकर बैठ गए तो बाद में आए राजेश शर्मा बगल में दूसरी कुर्सी लगाकर बैठ गए

बुधवार शाम करीब 6 बजे पलात को सीएमएचओ प्रमोट करने के आदेश जारी हुए थे। तत्काल प्रभाव से ज्वाइनिंग देने के आदेश थे। डॉ. पलात ने बुधवार देर शाम को ही सीएमएचओ कुर्सी संभाल ली थी। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे ही डॉ. पलात कार्यालय पहुंच गए और कुर्सी पर बैठ गए। डॉ. राजेश कलेक्ट्रेट में एक मीटिंग अटेंड करने के बाद करीब 11.30 बजे सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे।दोनों के बीच बंद कमरे में कुछ वार्तालाप भी हुआ। इसके बाद डॉ. राजेश ने कर्मचारी से दूसरी कुर्सी मंगाई और उसे डॉ. पलात के बगल से लगाते हुए बैठ गए।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Corona in jabalpur city

कोरोना से मौत का आंकड़ा जबलपुर जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट में रांझी निवासी 72 वर्षीय वृद्धा की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वृद्धा का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। जिनका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत आज किया जाएगा। वहीं बुधवार को जारी रिपोर्ट में भी एक वृद्ध की मौत हुई थी। लगातार दूसरे दिन भी मौत के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 806 पर पहुंच गई है। गुरुवार को कोविड से संक्रमित 20 नए मरीज सामने आए हैं। जबकि 36 मरीजों को आइसोलेशन से छुट्टी दे दी गई। जिसके बाद अब जिले में एक्टिव केसों की संख्या 192 हो गई है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

bad condition of health department

इटावा शहर में नियमो को ताख पर रखकर निजी अस्पताल चलाये जा रहे है। जिले में 85 निजी अस्पतालों में से मात्र 10 अस्पतालों ने अग्निशमन विभाग से एनओसी ली है। बाकी 75 अस्पताल बिना एनओसी के चला रहे है। स्वास्थ्य विभाग लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करता नजर आ रहा है। बिना मानक, रजिस्ट्रेशन, के निजी अस्पताल फल फूल रहे है। इस मामले में सम्बंधित अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

निजी अस्पतालों का गोरखधंधा
कार्यवाही के नाम पर स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग नोटिस-नोटिस देने का खेल खेलते नजर आते हैं। दोनों ही जिम्मेदार विभाग बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आरहा है।जिले के 75 निजी अस्पताल सरकार और प्रसाशन को ठेंगा दिखा रहे है।

बिना NoC के चल रहे अस्पताल
हाल ही में मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक निजी अस्पताल में अग्निकांड से 8 लोगों की जान चली गई थी। बावजूद ऐसे हादसों से सबक लेने के जिले में फायर विभाग के नियमों को ताक पर रखकर बड़ी संख्या में निजी अस्पताल चलाए जा रहे हैं। शहर में कई बड़े नामचीन अस्पताल बिना एनओसी के चल रहे हैं। जहां मानकों को ताक पर रखकर बेसमेंट में भी मरीजों को भर्ती कर दिया जाता है।शहर के प्रमुख आईटीआई चौराहा एवं भरथना चौराहे पर तो अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पतालों की मंडी सी लगी हुई है। जहां फायर विभाग के एनओसी की बात तो छोड़िए दर्जनों निजी अस्पतालों में डॉक्टर्स ही नही मिलते स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के नाम पर दिखावे के लिए डॉक्टर्स के पेपर जरूर देखने को मिल जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत सामने आई
आए दिन इन अवैध अस्पतालों में मरीजों की जान चली जाती है। दिखावे के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच के नाम पर अवैध अस्पतालों को क्लीन चिट दे दी जाती है। ऐसे ही एक अवैध अस्पताल जो कि बिना फायर एनओसी के पिछले कई सालों से चल रहा है।जब पड़ताल की तब मौके पर मौजूद अस्पताल के संचालक ने बताया कि फायर विभाग से एनओसी के लिए फार्म अप्लाई किया हुआ है। इस दौरान अस्पताल में ना तो कोई डॉक्टर मिला और ना ही कोई स्टाफ नर्स लेकिन अस्पताल के बेसमेंट में बीमार मरीज भर्ती जरूर मिले। जबकि फायर विभाग की तरफ से सख्त आदेश है कि अस्पतालों के बेसमेंट में मरीजों को भर्ती ना किया जाए बावजूद इसके सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर दर्जनों निजी अस्पतालों के बेसमेंट में मरीज भर्ती किए जाते हैं।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Alert about dengue in muzaffarpur

बरसात शुरू होते ही डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ जाता है। बारिश का पानी लंबे समय एक ही जगह जमा रहने पर मादा एनाफिलिज मच्छर पनपता है, जिसके काटने से डेंगू बुखार होता है। इसको देखते हुए डेंगू से बचाव काे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। सिविल सर्जन डाॅ. यूसी शर्मा ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारियाें काे डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव काे लेकर अलर्ट मोड में रहने के साथ ही निचले इलाकों में नियमित फॉगिंग कराने का निर्देश दिया है।वहीं, फाइलेरिया कर्मियों की ओर से सभी चिह्नित स्थलों पर नियमित रूप से एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव कराने काे कहा है। सिविल सर्जन ने कहा, यदि किसी व्यक्ति को पूर्व में डेंगू हो चुका है तो उन्हें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। बीमारी के लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल में जाकर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। ़डेंगू बुखार आमतौर पर संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के चार से 10 दिन बाद शुरू होता है। इधर, जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. सतीश कुमार ने डेंगू से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की।

डेंगू बुखार के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार, बदन, सिर व जाेड़ाें में दर्द, आंखाें के पीछे दर्द हाेना, त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान हाेना, नाक-मसूढ़ाें से या उल्टी के साथ खून निकलना, शौच काला हाेना आदि।

बचाव को बरतें ये सतर्कता

दिन में भी साेते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। {मच्छर भगाने वाली दवा-क्रीम का प्रयाेग दिन में भी करें। {पूरे शरीर काे ढंकने वाले कपड़े पहनें। घर व आसपास काे साफ व हवादार बनाकर रखें। {टूटे-फूटे बर्तन, कूलर-फ्रिज के पानी की निकासी ट्रे, पानी टंकी व घर के अंदर व अगल-बगल में पानी नहीं जमा होने दें। {घर के आसपास साफ-सफाई रखें। जमा पानी व गंदे स्थलों पर कीटनाशी दवाओं का छिड़काव करें। {गमला, फूलदान आदि का पानी हर दूसरे दिन बदलें। {जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल डालें।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Quack doctor caught by faridabaad health department

फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध तरीके से गर्भपात कराने का धंधा करने वाले एक व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप के खिलाफ केस भी दर्ज करा दिया है। उसके कब्जे से गर्भपात कराने वाली दवा किट भी बरामद हुई है। गया आरोपी की पहचान गांव खोरी जमालपुर धौज निवासी जुबैर के रूप में हुई है। वह दसवीं पास है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।जानकारी के अनुुसार सीएमओ डॉ विनय गुप्ता को सूचना मिली कि गांव खोरी जमालपुर निवासी जुबैर नामक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बनकर अवैध गर्भपात का धंधा चला रहा है। इसके बदले महिलाओं से पांच हजार रुपए वसूल करता है। इससे महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान संकट में पड़ जाता है। सूचना पर सीएमओ ने डाॅ. रामनिवास, डाॅ. हरीश आर्य, डाॅ. स्वेता व डाॅ. कुलदीप की टीम बनाकर जांच के लिये भेजा। डाॅ. रामनिवास ने गुड्डी पत्नी रोहताश को नकली ग्राहक बनाया। टीम ने पांच-पांच सौ दस नोट पांच हजार रुपये नंबर नोट करके नकली ग्राहक को दिए और जुबेर के पास गर्भपात करवाने की बात करने के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव खोरी जमालपुर पहुंची। नकली ग्राहक के पति ने जुबेर को फोन कर गर्भपात करवाने की बात करी। जुबेर ने अपनी लोकेशन वाट्सएप की। नकली ग्राहक जुबेर से पाली सोहना रोड पर गांव सिरोही के पास मिले। जुबेर ने महिला से पांच सौ रुपये गर्भपात की दवाई के लिये मांगे और अपनी जेब से दवा की किट निकालकर महिला के पति को दे दिए। महिला के पति ने जैसे ही रूपए जुबेर को दिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया। उसके कब्जे से एमटीपी किट और ग्राहक द्वारा दिए गए पांच सौ रूपए बरामद किए। पूछताछ में जुबेर ने बताया कि वह दसवीं पास है। उसके पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓

Gender investigation gang caught by health department

28.07.2022
हरियाणा के हिसार जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हांसी में लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया है। विभाग ने हांसी के दत्तरवाल अस्पताल पर छापा मारकर अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। साथ ही डॉक्टर, स्टाफ नर्स और 2 महिला दलालों को गिरफ्तार भी किया गया है। गिरोह के खिलाफ कारवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस को शिकायत दी थी।गिरोह का खुलासा करने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. प्रभु दयाल, डॉ. कामिद मोंगा, अंकित, अजय शामिल हैं। टीम के सदस्य डॉ. कामिद मोंगा ने बताया कि 20 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हांसी के दत्तरवाल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाकर लिंग जांच की जाती है। हमने अपने डिकॉय पेशेंट का अल्ट्रासाउंड 23 जुलाई को करवाया। तब डॉक्टर ने रिपोर्ट के बारे में नहीं बताया।

चिकित्सक ने कहा कि दलाल के माध्यम से रिपोर्ट पता करें। दलाल गीता और पूनम से उससे संपर्क किया तो दलाल ने कहा कि 15 दिन बाद फाइनल अल्ट्रासाउंड किया जाएगा, उस दिन रिपोर्ट बताई जाएगी। 40 हजार में सौदा तय किया गया। गीता जिंदल अस्पताल में कार्यरत है और पूनम ने GNM का कोर्स किया है। घर में रहती है और दत्तरवाल अस्पताल में आती जाती रहती है।

25 जुलाई को गीता ने पैसे मांगे और रिपोर्ट देने की बात कही। उस दिन हमारी टीम बाहर थी। हमने एक दो दिन और मांगे। बुधवार को हमें जिंदल अस्पताल के बाहर बुलाया गया कि गीता रिपोर्ट बता देगी। सुबह फोन नहीं उठाया। शाम 4 बजे फोन आया कि रिपोर्ट ले जाएं और पैसे दे जाएं। 5 बजे गीता आई और डिकॉय पेशेंट से पैसे लिए। टीम ने मौके पर गीता को पैसों सहित पकड़ लिया।

वहां से गीता को लेकर पूनम के घर गए। पूनम घर पर नहीं थी। बुलाने पर आई तो उसे पकड़ लिया। उसके बाद दोनों को लेकर हांसी के दतरवाल पहुंचे। डिकॉय पेशेंट ने पहचान लिया कि स्टाफ नर्स जसबीर और डॉक्टर उर्मिल दत्तरवाल ने अल्ट्रासाउंड किया था। मशीनें सील कर दी गईं। अस्पताल में लंबे समय से यह खेल चल रहा था। आरोपियों के खिलाफ PNDT एक्ट के तहत पुलिस को कार्रवाई के लिए एप्लीकेशन दी जा रही है।

⇓ Share post on Whatsapp & Facebook  ⇓