मद्रास हाई कोर्ट ने इनसर्विस कैंडिडेट को पीजी में दिए जाने वाले बोनस अंकों की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है | हाईकोर्ट ने एक सात सदस्य कमेटी का गठन किया था इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को प्रस्तुत कर दी है | कमेटी ने तमिलनाडु राज्य के सभी इनसर्विस कैंडीडेट्स को चार कैटिगरीज में बांटा है, हर केटेगरी के कैंडिडेट को अलग-अलग बोनस अंक दिए जाएंगे, ये चार केटेगरी निम्न है – पहाड़ी, दुर्गम, दूरस्थ और ग्रामीण | (Hilly/Difficult/Remote/Rural)
पहाड़ी इलाकों में कार्यरत चिकित्सकों को उनके नीट स्कोर का 1 साल का 10% बोनस अंक मिलेगा (Max 30%) तथा इस तरह के पहाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 119 है, दुर्गम इलाकों में कार्यरत चिकित्सकों को 1 साल के 9% बोनस अंक मिलेंगे (Max 27%) तथा इस तरह की 660 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, दूरस्थ इलाकों में कार्य चिकित्सकों को 1 साल के 8% बोनस अंक दिए जाएंगे (Max 24%), अंतिम केटेगरी है ग्रामीण चिकित्सक जिनको की 1 साल के 5% बोनस अंक तथा 3 साल के अधिकतम 15% बोनस अंक दिए जाएंगे |
साथ ही कुल डिप्लोमा कोर्स की सीटों की 50 फ़ीसदी सीटें केवल सेवारत चिकित्सकों के लिए आरक्षित होंगी |
# Health is a state subject in the Constitution.
Source : Times of India
तमिलनाडु नीट पीजी बोनस अंक डिसीजन और राजस्थान –
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