PPP medical colleges in mp

06.08.2022
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल आधारित चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करने समीक्षा बैठक की। समीक्षा में प्रथम चरण में प्रदेश के 5 जिलों में पीपीपी मॉडल आधारित चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बालाघाट एवं कटनी में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने का निर्णय लिया।

निजी निवेशकों को भूमि लीज़ पर उपलब्ध करायेगी राज्य सरकार
राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिये निजी निवेशक को 99 वर्ष (60 वर्ष + 39 वर्ष) की लीज पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त निजी निवेशक को 300 बिस्तरीय अस्पताल भवन भी राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
EWS मरीजों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
पीपीपी मॉडल आधारित अस्पतालों में आयुष्मान मरीजों के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी निःशुल्क उपचार मिल सकेगा। वहीं गैर आयुष्मान मरीजों को बाजार दर पर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना नीति अनुसार राज्य सरकार के वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज को ट्रेनिंग हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित कर 100 एमबीबीएस सीट के प्रवेश के लिये पीपीपी आधारित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री निशांत वरवड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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Ragging in medical colleges

मध्य प्रदेश के रतलाम में राजकीय मेडिकल कॉलेज के 7 छात्रों के खिलाफ रैगिंग के आऱोप में एफआईआर दर्ज की गई है. उन्हें एक साल के लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है. रैगिंग से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है. अधिकारी ने कहा कि घटना 28 जुलाई को हुई थी और एक दिन बाद सोशल मीडिया पर जूनियर छात्रों को लाइन में खड़ाकर थप्पड़ मारते हुए दिखाए जाने वाले वीडियो सामने आए थे. इंडस्ट्रियल सेक्टर पुलिस थाने के एएसआई सुरेश कुमार शिंदे ने बताया कि रतलाम मेडिकल कॉलेज के वार्डन डॉ. अनुराग जैन की लिखित शिकायत के आधार पर शनिवार रात को सात छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 एवं 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कॉलेज के पुरूष छात्रावास में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का आरोप है.
कॉलेज के डीन डॉ. जीतेन्द्र गुप्ता ने बताया कि इन सातों छात्रों को कॉलेज से एक साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. वीडियो में छात्र जूनियर को लाइन में खड़ा कर थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं, बाद में मौके पर पहुंचे वार्डन डॉ. जैन पर बोतले फेंकने की घटना भी हुई थी.वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के हलाली बांध में रविवार को करंट की चपेट में आने से एक 40 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए हैं.

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Compulsion of government service reduced in medical colleges in raj.

27.06.2022
प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों से पीजी व सुपरस्पेशिलिटी काेर्स के बाद पांच साल की सरकारी सेवा की बाध्यता घटाकर दाे साल कर दी गई है। अगले दाे माह में नीट पीजी की काउंसलिंग हाेनी है, ऐसे में स्टूडेंट्स काे मेडिकल काॅलेज के चयन में इसका लाभ मिलेगा।
इससे प्रदेश के कई स्टूडेंट्स दूसरे प्रदेशाें से पीजी कर रहे थे।
दूसरे प्रदेशाें के कम स्टूडेंट्स ही राजस्थान के कॉलेज चुनते थे। अब अनिवार्य राजकीय सेवा की अवधि 2 साल होने से राजस्थान में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी क्याेंकि प्रदेश के स्टूडेंट्स यहां रुकेंगे। हालांकि करार सिर्फ 2 साल का हाेने पर सरकारी अस्पतालाें में डाॅक्टराें की कमी हाे सकती है। राजस्थान में पीजी की करीब 1300 सीटें हैं। नए नियम के बाद नीट-पीजी में होड़ बढ़ेगी लेकिन डाॅक्टर मिलने की उम्मीद कम ही है।

सवाल: क्या डॉक्टर सेवा जारी रखेंगे?
एमबीबीएस में 4 साल के बाद 3 साल पीजी करने में लगते हैं। सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में 3-5 साल और लगते हैं। ऐसे में कई मेडिकाॅज सरकारी सेवा पूरी करने की बजाय निजी क्षेत्र में जा रहे थे। अब वे दाे साल बाद इसे जारी रखेंगे, इसमें संशय है।सरकारी सेवा अवधि 2 साल करने का आदेश।

प्रतिस्पर्धा: सितंबर में काउंसलिंग, स्टूडेंट्स ज्यादा होंगे
असम में 10 साल की राजकीय सेवा अनिवार्य है। राजस्थान व आंध्र में 5 साल व बिहार, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में 3 साल है। पहले इन राज्यों के स्टूडेंट्स राजस्थान कम आ रहे थे। उलटे राजस्थान से पीजी के लिए बाहर जा रहे थे। अब राजस्थानी छात्र यहीं रुकेंगे, दूसरे प्रदेशाें से स्टूडेंट राजस्थान आएंगे। ऐसे में इस बार सितंबर में हाेने वाली नीट पीजी की काउंसलिंग में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी।

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